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गोवंश को खुला छोडने पर होगी कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
चरथावल। खंड विकास कार्यालय पर आयोजित ग्राम प्रधानों बैठक में गांव में खाली पड़ी जमीन पर गो-आश्रय बनाए जाने पर विचार विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई पशुपालक गोवंशीय पशुओं को लावारिस हालत में छोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदेश के सीएम योगी की पहल पर गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए गोशालाओं और गो-आश्रय बनाने के फरमान पर ब्लॅाक के अफसरों ने अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। सोमवार को ब्लॉक के हॉल में प्रधानों की बैठक में इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। बीडीओ डॉ. साजिद अहमद ने बताया कि ग्रामीण गोवंश को खुला नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी गांव में पशुओं को आवारा और खुले में किसी व्यक्ति ने छोड़ा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने ग्राम समिति का गठन कर खाली पड़ी सरकारी जमीन पर टीन शेड लगाकर गो-आश्रय बनाने को कहा। जिसमें समिति के अलावा समाजसेवी लोगों द्वारा स्वप्रेरणा से गो-संरक्षण का कार्य करने की अपील की। चौकड़ा सुभाष चंद त्यागी धर्म की मान्यता भी है कि गोसंरक्षण करना हमारा धर्म है।
बहेड़ी प्रधान चंद्रशेखर त्यागी ने कहा कि स्वप्रेरणा से गांव में यह कार्य संभव होगा। सरकार द्वारा थोपने से कार्य में कोई लाभ नहीं होने वाला है। गांव में परस्पर सहयोग से इस समस्या का समाधान किया जाए। ब्लॉक स्तरीय समिति के अध्यक्ष बीडीओ साजिद अहमद, पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. अमरदरीप, एडीओ आईएसबी राजेंद्र कुमार, एडीओ कृ़षि, कुटेसरा प्रधान के पति ईशा त्यागी, टांडा के महेश, नफीस प्रधान सैदपुर कलां, मलीरा से अजय त्यागी, लकडसंधा से बबलू आदि मौजूद रहे।
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नगरीय क्षेत्रों से छोड़े जा रहा गोवंश
चरथावल। ब्लॉक के गांव सलेमपुर और लकड़संधा, रूकनपुर, खांजापुर, टांडा और रोनी हरजीपुर से ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि रात में नगरीय क्षेत्र से तांगे अथवा बुग्गी के साथ गोवंशीय पशुओं को उनके जंगलों में छोड़ा जा रहा है। जो फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। कुछ गोवंश पशुओं को हिंडन नदी के रास्ते से भेजा जाता है। बीडीओ ने इस पर गांव की समिति बनाकर निगरानी करने की बात कही है।
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चरथावल। खंड विकास कार्यालय पर आयोजित ग्राम प्रधानों बैठक में गांव में खाली पड़ी जमीन पर गो-आश्रय बनाए जाने पर विचार विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई पशुपालक गोवंशीय पशुओं को लावारिस हालत में छोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदेश के सीएम योगी की पहल पर गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए गोशालाओं और गो-आश्रय बनाने के फरमान पर ब्लॅाक के अफसरों ने अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। सोमवार को ब्लॉक के हॉल में प्रधानों की बैठक में इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। बीडीओ डॉ. साजिद अहमद ने बताया कि ग्रामीण गोवंश को खुला नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी गांव में पशुओं को आवारा और खुले में किसी व्यक्ति ने छोड़ा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने ग्राम समिति का गठन कर खाली पड़ी सरकारी जमीन पर टीन शेड लगाकर गो-आश्रय बनाने को कहा। जिसमें समिति के अलावा समाजसेवी लोगों द्वारा स्वप्रेरणा से गो-संरक्षण का कार्य करने की अपील की। चौकड़ा सुभाष चंद त्यागी धर्म की मान्यता भी है कि गोसंरक्षण करना हमारा धर्म है।
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बहेड़ी प्रधान चंद्रशेखर त्यागी ने कहा कि स्वप्रेरणा से गांव में यह कार्य संभव होगा। सरकार द्वारा थोपने से कार्य में कोई लाभ नहीं होने वाला है। गांव में परस्पर सहयोग से इस समस्या का समाधान किया जाए। ब्लॉक स्तरीय समिति के अध्यक्ष बीडीओ साजिद अहमद, पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. अमरदरीप, एडीओ आईएसबी राजेंद्र कुमार, एडीओ कृ़षि, कुटेसरा प्रधान के पति ईशा त्यागी, टांडा के महेश, नफीस प्रधान सैदपुर कलां, मलीरा से अजय त्यागी, लकडसंधा से बबलू आदि मौजूद रहे।
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नगरीय क्षेत्रों से छोड़े जा रहा गोवंश
चरथावल। ब्लॉक के गांव सलेमपुर और लकड़संधा, रूकनपुर, खांजापुर, टांडा और रोनी हरजीपुर से ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि रात में नगरीय क्षेत्र से तांगे अथवा बुग्गी के साथ गोवंशीय पशुओं को उनके जंगलों में छोड़ा जा रहा है। जो फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। कुछ गोवंश पशुओं को हिंडन नदी के रास्ते से भेजा जाता है। बीडीओ ने इस पर गांव की समिति बनाकर निगरानी करने की बात कही है।