फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   गोवंश को खुला छोडने पर होगी कार्रवाई

गोवंश को खुला छोडने पर होगी कार्रवाई

Mon, 14 Jan 2019 11:32 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jan 2019 11:32 PM IST
विज्ञापन
गोवंश को खुला छोडने पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

चरथावल। खंड विकास कार्यालय पर आयोजित ग्राम प्रधानों बैठक में गांव में खाली पड़ी जमीन पर गो-आश्रय बनाए जाने पर विचार विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि यदि कोई पशुपालक गोवंशीय पशुओं को लावारिस हालत में छोड़ेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
प्रदेश के सीएम योगी की पहल पर गोवंशीय पशुओं की सुरक्षा के लिए गोशालाओं और गो-आश्रय बनाने के फरमान पर ब्लॅाक के अफसरों ने अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया। सोमवार को ब्लॉक के हॉल में प्रधानों की बैठक में इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। बीडीओ डॉ. साजिद अहमद ने बताया कि ग्रामीण गोवंश को खुला नहीं छोड़ेंगे। यदि किसी गांव में पशुओं को आवारा और खुले में किसी व्यक्ति ने छोड़ा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने ग्राम समिति का गठन कर खाली पड़ी सरकारी जमीन पर टीन शेड लगाकर गो-आश्रय बनाने को कहा। जिसमें समिति के अलावा समाजसेवी लोगों द्वारा स्वप्रेरणा से गो-संरक्षण का कार्य करने की अपील की। चौकड़ा सुभाष चंद त्यागी धर्म की मान्यता भी है कि गोसंरक्षण करना हमारा धर्म है।
विज्ञापन

बहेड़ी प्रधान चंद्रशेखर त्यागी ने कहा कि स्वप्रेरणा से गांव में यह कार्य संभव होगा। सरकार द्वारा थोपने से कार्य में कोई लाभ नहीं होने वाला है। गांव में परस्पर सहयोग से इस समस्या का समाधान किया जाए। ब्लॉक स्तरीय समिति के अध्यक्ष बीडीओ साजिद अहमद, पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ. अमरदरीप, एडीओ आईएसबी राजेंद्र कुमार, एडीओ कृ़षि, कुटेसरा प्रधान के पति ईशा त्यागी, टांडा के महेश, नफीस प्रधान सैदपुर कलां, मलीरा से अजय त्यागी, लकडसंधा से बबलू आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगरीय क्षेत्रों से छोड़े जा रहा गोवंश
चरथावल। ब्लॉक के गांव सलेमपुर और लकड़संधा, रूकनपुर, खांजापुर, टांडा और रोनी हरजीपुर से ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि रात में नगरीय क्षेत्र से तांगे अथवा बुग्गी के साथ गोवंशीय पशुओं को उनके जंगलों में छोड़ा जा रहा है। जो फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे है। कुछ गोवंश पशुओं को हिंडन नदी के रास्ते से भेजा जाता है। बीडीओ ने इस पर गांव की समिति बनाकर निगरानी करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed