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बीमारी को अफवाह न बनाए, बचें और बचाएं
Updated Wed, 09 Aug 2017 01:16 AM IST
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दो लोगों की मौत के बाद जागा स्वास्थ्य महकमा
मुजफ्फरनगर। स्वाइन फ्लू से दो मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींट टूट गई है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए उपाय सुझाए गए हैं। बीमारी की अफवाह न फैलाई जाए। नागरिक खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाए। इसके अलावा भी चिकित्सकों ने स्तनपान कराना प्रसव पीड़िता और नवजात शिशु के लिए भी लाभकारी है।
मंगलवार को जिला चिकित्सालय में पत्रकार वार्ता के दौरान सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से दो मौत होने की पुष्टि हुई है। इसको लेकर विभाग भी सतर्क हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों का पता लगते ही उपचार मिलने पर मरीज को कोई खतरा नहीं होता है। इस बीमारी का इलाज सावधानी और बचाव है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के इस्तेमाल में किए जाने वाले सामान को अन्य से अलग रखें। बर्तनों को भी मास्क या दास्ताने पहनकर छूएं। रोगी को एक ही कमरे में रखकर उपचार कराए। सीएमओ डॉ मिश्रा ने कहा कि बीमारी को अफवाह न बनाया जाए। शहर में सूकरों को कैद करने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा भी उन्होंने स्तनपान और कृमि रोग की जानकारी दी। इस दौरान डॉ एसके अग्रवाल, डॉ बीके ओझा, गीताजंलि वर्मा आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। स्वाइन फ्लू से दो मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींट टूट गई है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए उपाय सुझाए गए हैं। बीमारी की अफवाह न फैलाई जाए। नागरिक खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाए। इसके अलावा भी चिकित्सकों ने स्तनपान कराना प्रसव पीड़िता और नवजात शिशु के लिए भी लाभकारी है।
मंगलवार को जिला चिकित्सालय में पत्रकार वार्ता के दौरान सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से दो मौत होने की पुष्टि हुई है। इसको लेकर विभाग भी सतर्क हो गया है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों का पता लगते ही उपचार मिलने पर मरीज को कोई खतरा नहीं होता है। इस बीमारी का इलाज सावधानी और बचाव है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति के इस्तेमाल में किए जाने वाले सामान को अन्य से अलग रखें। बर्तनों को भी मास्क या दास्ताने पहनकर छूएं। रोगी को एक ही कमरे में रखकर उपचार कराए। सीएमओ डॉ मिश्रा ने कहा कि बीमारी को अफवाह न बनाया जाए। शहर में सूकरों को कैद करने के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा भी उन्होंने स्तनपान और कृमि रोग की जानकारी दी। इस दौरान डॉ एसके अग्रवाल, डॉ बीके ओझा, गीताजंलि वर्मा आदि मौजूद रहे।
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