मुरादाबाद। स्वार टांडा विधान सभा क्षेत्र के सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है, जबकि उनके पिता रामपुर के सपा विधायक आजम खां की मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर को अदालत ने 27 सितंबर को तलब किया है। छजलैट के चौदह साल पुराने मामले में मंगलवार को पिता पुत्र की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
छजलैट थाने के सामने 29 जनवरी 2008 को सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री आजम खां की गाड़ी रोक कर पुलिस ने चेकिंग की थी। जिसके विरोध में आजम खां सड़क पर बैठ गए थे। सूचना मिलने पर आस पड़ोस के जनपदों से भी सपा नेता उनके समर्थक में आ गए थे। इस मामले में आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, पूर्व विधायक इकराम कुरैशी, नूरपुर के पूर्व विधायक नईम ऊल हसन, नगीना के विधायक मनोज पारस, अमरोहा के विधायक एवं पूर्व मंत्री महबूब अली, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जिसकी सुनवाई एमएलए- एमपी स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में चल रही है। जिसमें मंगलवार को आरोपियों की ओर से बयान दर्ज किए जाने थे, लेकिन आजम खां और अब्दुल्ला आजम की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसे सुनने के बाद अदालत ने आजम खां के प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उनकी मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले नोएडा स्थित वेदांता अस्पताल के चिकित्सक को 27 सितंबर को तलब किया है। जबकि अब्दुल्ला आजम के प्रार्थना पत्र निरस्त कर उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। अदालत ने पिता-पुत्र की पत्रावली अन्य आरोपियों से अलग कर दी थी।