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Moradabad News: शहर का गौरव बनने जा रहा वाॅर मेमोरियल, दिवाली तक खुलेगा द्वार
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मुरादाबाद। वीरगाथाओं को सहेजने वाला शहर का पहला युद्ध स्मारक अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। नया मुरादाबाद के सेक्टर-10 में सेंट मैरी स्कूल के पास नगर निगम की ओर से करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह वार मेमोरियल न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि है बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति का संदेश देने वाली एक जीवंत प्रेरणा भी बनेगा। नगर निगम प्रशासन इसे दीपावली से पहले जनता को समर्पित करने की तैयारी में है।
यह आधुनिक युद्ध स्मारक 1947 से अब तक के उन वीर सपूतों को समर्पित होगा जिन्होंने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति दी। नगर निगम इसे दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल की तर्ज पर विकसित कर रहा है। करीब दस हजार वर्ग मीटर में फैले इस मेमोरियल में ओपन थिएटर, डिजिटल गैलरी, थिएटर, लाइट एंड साउंड शो और इंटरएक्टिव पैनल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन माध्यमों से दर्शक न केवल भारत के सैन्य इतिहास से रूबरू होंगे बल्कि उन्हें यह भी महसूस होगा कि राष्ट्र की रक्षा केवल हथियारों से नहीं बल्कि आत्मबल, अनुशासन और बलिदान की भावना से होती है।अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य 80 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। कई सैन्य उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं और अन्य सामग्री भी जल्द ही स्थापित कर दी जाएगी। इन उपकरणों में सेना की इस्तेमाल की हुई गाड़ियां, तोपें, वर्दियां, मशीन गन और अन्य उपकरण भी शामिल हैं जिन्हें स्मृति और प्रदर्शन के रूप में रखा जाएगा।
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नगर निगम इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी में है। अधिकारियों का दावा है कि रक्षा मंत्री पहले ही मौखिक रूप से इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन में शामिल होने की स्वीकृति दे चुके हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शासन स्तर से प्रधानमंत्री को बुलावा भेजा जाएगा।
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वाॅर मेमोरियल का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। अंतिम दौर में निर्माण कार्य चल रहा है। यह स्मारक शहर ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा। साथ ही यह स्थल स्कूली बच्चों, युवाओं और पर्यटकों के लिए प्रेरणा और जानकारी का केंद्र बनेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त
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यह आधुनिक युद्ध स्मारक 1947 से अब तक के उन वीर सपूतों को समर्पित होगा जिन्होंने देश की रक्षा में प्राणों की आहुति दी। नगर निगम इसे दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल की तर्ज पर विकसित कर रहा है। करीब दस हजार वर्ग मीटर में फैले इस मेमोरियल में ओपन थिएटर, डिजिटल गैलरी, थिएटर, लाइट एंड साउंड शो और इंटरएक्टिव पैनल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
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निगम के अधिकारियों का कहना है कि इन माध्यमों से दर्शक न केवल भारत के सैन्य इतिहास से रूबरू होंगे बल्कि उन्हें यह भी महसूस होगा कि राष्ट्र की रक्षा केवल हथियारों से नहीं बल्कि आत्मबल, अनुशासन और बलिदान की भावना से होती है।अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य 80 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। कई सैन्य उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं और अन्य सामग्री भी जल्द ही स्थापित कर दी जाएगी। इन उपकरणों में सेना की इस्तेमाल की हुई गाड़ियां, तोपें, वर्दियां, मशीन गन और अन्य उपकरण भी शामिल हैं जिन्हें स्मृति और प्रदर्शन के रूप में रखा जाएगा।
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नगर निगम इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री से कराने की तैयारी में है। अधिकारियों का दावा है कि रक्षा मंत्री पहले ही मौखिक रूप से इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन में शामिल होने की स्वीकृति दे चुके हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद शासन स्तर से प्रधानमंत्री को बुलावा भेजा जाएगा।
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वाॅर मेमोरियल का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। अंतिम दौर में निर्माण कार्य चल रहा है। यह स्मारक शहर ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का प्रतीक बनेगा। साथ ही यह स्थल स्कूली बच्चों, युवाओं और पर्यटकों के लिए प्रेरणा और जानकारी का केंद्र बनेगा। - दिव्यांशु पटेल, नगर आयुक्त