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बच्चों का विवाद निपटा रहे ग्रामीण की संदिग्ध हालात में मौत
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कोतवाली क्षेत्र के थांवला गांव में बुधवार दोपहर बच्चों का विवाद निपटा रहे एक ग्रामीण की संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई। उसके एक रिश्तेदार ने मौत का कारण संदिग्ध बताकर पुलिस से शिकायत की। इसके बाद सीओ और कोतवाल ने मौके पर जाकर मामले की जांच की। बाद में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थांवला गांव के मोहल्ला कुरैशियान में मस्जिद वाले चौक के सामने एक ही परिवार के तीन भाइयों के मकान हैं। थांवला निवासी जमील अहमद (45) के एक बेेटे फरीद का परिवार के ही एक युवक से विवाद हो गया। जमील अहमद दोनों को समझाकर विवाद को निपटाने लगे। तभी अचानक जमील लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई।
जमील की बेटी फैबी ने कुंदरकी नगर निवासी अपने मामा आसिफ और मौसा शफाअत हुसैन को घटना की जानकारी दी। कोतवाली पुलिस के अनुसार, जमील के साढ़ू शफाअत हुसैन ने पुलिस को फोन करके बताया कि थांवला निवासी उनके रिश्तेदार को विरोधियों ने लाठियों से हमला कर मार दिया है। इस सूचना पर बिलारी सीओ और कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ थांवला गांव में जमील के घर पहुंचे थे। हालांकि मृतक के परिवार के लोग और थांवला के अन्य जिम्मेदार लोग पुलिस से अनुरोध करने लगे कि जमील की मौत स्वाभाविक है और उसका शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाए।
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कोतवाली पुलिस ने जमील के रिश्तेदारों का विरोध देखते हुए शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस घटना को लेकर कोई भी तहरीर अभी तक कोतवाली में नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की जांच की जाएगी। फिलहाल जीडी में मामला दर्ज किया गया है। जमील की पत्नी सलमा की साल भर पहले मौत हो चुकी है। जमील के पांच बच्चों में दो बेटियां मुस्कान और फैबी तथा तीन बेटे अदीब, फरीद और आरिश हैं। जमील फल बेचते थे और मजदूरी भी करते थे।
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थांवला गांव के मोहल्ला कुरैशियान में मस्जिद वाले चौक के सामने एक ही परिवार के तीन भाइयों के मकान हैं। थांवला निवासी जमील अहमद (45) के एक बेेटे फरीद का परिवार के ही एक युवक से विवाद हो गया। जमील अहमद दोनों को समझाकर विवाद को निपटाने लगे। तभी अचानक जमील लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई।
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जमील की बेटी फैबी ने कुंदरकी नगर निवासी अपने मामा आसिफ और मौसा शफाअत हुसैन को घटना की जानकारी दी। कोतवाली पुलिस के अनुसार, जमील के साढ़ू शफाअत हुसैन ने पुलिस को फोन करके बताया कि थांवला निवासी उनके रिश्तेदार को विरोधियों ने लाठियों से हमला कर मार दिया है। इस सूचना पर बिलारी सीओ और कोतवाली प्रभारी फोर्स के साथ थांवला गांव में जमील के घर पहुंचे थे। हालांकि मृतक के परिवार के लोग और थांवला के अन्य जिम्मेदार लोग पुलिस से अनुरोध करने लगे कि जमील की मौत स्वाभाविक है और उसका शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाए।
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कोतवाली पुलिस ने जमील के रिश्तेदारों का विरोध देखते हुए शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस घटना को लेकर कोई भी तहरीर अभी तक कोतवाली में नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले में आगे की जांच की जाएगी। फिलहाल जीडी में मामला दर्ज किया गया है। जमील की पत्नी सलमा की साल भर पहले मौत हो चुकी है। जमील के पांच बच्चों में दो बेटियां मुस्कान और फैबी तथा तीन बेटे अदीब, फरीद और आरिश हैं। जमील फल बेचते थे और मजदूरी भी करते थे।