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जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा
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मुरादाबाद। जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर एक मरीज की मौत हो गई। मरीज के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया।
भोजपुर थानाक्षेत्र के खालसा निवासी रमेश कुमार (70) को बुधवार सुबह परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रमेश के बेटे हरकेश ने बताया कि बुधवार दोपहर उसके पिता को सांस लेने में दिक्कत होनी लगी। परिजनों ने इमरजेंसी कक्ष में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ से ऑक्सीजन लगवाने की गुहार लगाई, मगर ऑक्सीजन नहीं लगाई। वह डॉक्टरों को भी बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन डॉक्टर भी मरीज को देखने नहीं आए। इसी बीच मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजन हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों का आरोप है कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई है। पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हो गए। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है।
उधर, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह दस बजे मरीज भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत गंभीर थी। उल्टी दस्त हो रहे थे और सांस फुल रही थी, लेकिन ऑक्सीजन लेवल थी। मरीज की हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन परिजन मरीज को ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है।
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भोजपुर थानाक्षेत्र के खालसा निवासी रमेश कुमार (70) को बुधवार सुबह परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। रमेश के बेटे हरकेश ने बताया कि बुधवार दोपहर उसके पिता को सांस लेने में दिक्कत होनी लगी। परिजनों ने इमरजेंसी कक्ष में तैनात पैरामेडिकल स्टाफ से ऑक्सीजन लगवाने की गुहार लगाई, मगर ऑक्सीजन नहीं लगाई। वह डॉक्टरों को भी बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन डॉक्टर भी मरीज को देखने नहीं आए। इसी बीच मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजन हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों से पूछताछ की। परिजनों का आरोप है कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई है। पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हो गए। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस संबंध में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है।
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उधर, जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह दस बजे मरीज भर्ती कराया गया था। मरीज की हालत गंभीर थी। उल्टी दस्त हो रहे थे और सांस फुल रही थी, लेकिन ऑक्सीजन लेवल थी। मरीज की हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था, लेकिन परिजन मरीज को ले जाने के लिए तैयार नहीं थे। इलाज में लापरवाही नहीं बरती गई है।
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