UP: मुरादाबाद विवि की जमीन उच्च शिक्षा विभाग के नाम दर्ज, कागजात हो रहे तैयार... लोनिवि जल्द शुरू करेगा काम
मुरादाबाद में तैयार होने वाली नई विश्वविद्यालय के जमीन उच्च शिक्षा विभाग के नाम पर दर्ज हो गई है। इसके साथ अब पूरे कागजात तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद लोक निर्माण विभाग भवन बनाने का काम शुरू कर देगा।
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खतौनी में यूनिवर्सिटी की जमीन अब उच्च शिक्षा विभाग के नाम पर दर्ज हो गई है। लोनिवि अब पर्यावरण विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र पर काम शुरू कर देगा। लोक निर्माण विभाग भवन के निर्माण का काम शुरू करने के लिए मौके का मुआयना कर चुका है।
हरदासपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास चुनाव अधिसूचना जारी होने से पहले किया था, लेकिन यूनिवर्सिटी के भवन का निर्माण, अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य कागजी कार्यवाही के अभाव में रुक गया था। अब धीरे-धीरे सभी बाधाएं दूर हो रही हैं।
जमीन के मामले में फंसा पेच भी हल हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने यूनिवर्सिटी के भवन के निर्माण के लिए 299 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन शासन से स्वीकृति मिलने के बाद 121.33 करोड़ का टेंडर पास हो गया है।
लोनिवि के अभियंताओं का कहना है कि डिजाइन और अन्य कार्यों को जोड़ने पर फिलहाल लागत 169.58 करोड़ आ रही है। यूनिवर्सिटी निर्माण की जिम्मेदारी लोनिवि के पास है। इस मामले में एमडीए, वन विभाग, अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया गया है।
यूनिवर्सिटी के लिए कुलसचिव पद की जिम्मेदारी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह को सौंप दी है। अभियंताओं का कहना है कि अभी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति ही प्रभारी के तौर पर काम देख रहे हैं।
इस बारे में लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। डीएम के साथ बैठक के बाद शुरू कर दिया जाएगा। इधर डीएम मानवेंद्र सिंह का कहना है कि काम शुरू करने के लिए सारे कागजात दुरुस्त कराए गए हैं।
दो लाख 32 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
अभी तक मुरादाबाद मंडल के विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के चक्कर लगाने पड़ते हैं। विद्यार्थियों को दाखिला फॉर्म, परीक्षा फॉर्म, अंकतालिका के अलावा अन्य दिक्कतों का समाधान करवाना दूभर हो जाता है। खासकर छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब मुरादाबाद में विवि बन जाने के बाद मंडल के 310 महाविद्यालयों के दो लाख 32 हजार 750 विद्यार्थियों को लाभ होगा।
48.5 एकड़ जमीन राजस्व विभाग की
रामगंगा नदी पार हरदासपुर में विश्वविद्यालय के लिए जिला प्रशासन ने 50 एकड़ जमीन निर्धारित की थी। इसमें 48.5 एकड़ जमीन सरकार की है। 2.5 एकड़ जमीन तीन किसानों की है। खरीद के लिए डीएम ने शासन को ड्राफ्ट भेजा था, जो मंजूर हो गया है।
उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को खरीद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एक किसान की जमीन जिला प्रशासन ने खरीद ली गई है। जमीन के एक छोटे हिस्से के मामले को लेकर एक व्यक्ति कोर्ट गया था। जिला प्रशासन इस मामले में कोर्ट में अपील कर जमीन को अपने नाम कराने की कोशिश में जुटा है।