UP: दान के भूसे के भरोसे जिले की गोशालाएं, अब माननीयों से गुहार, मुरादाबाद में पल रहे 7676 गोवंश
मुरादाबाद जिले की 35 गोशालाओं में संरक्षित 7676 गोवंशों के भरण-पोषण हेतु 15 अप्रैल से 30 मई तक 15973 क्विंटल भूसे के दान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक सिर्फ 6147 क्विंटल ही भूसा दान में मिल सका है। विभाग को अभी 9826 क्विंटल भूसे की और आवश्यकता है। अधिकारियों की नजर अब बड़े किसानों और जनप्रतिनिधियों पर टिकी है।
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किसानों को छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने के लिए गोशालाओं को दान के भूसे की दरकार है। इसके लिए बाकायदा 15973 क्विंटल लक्ष्य भी निर्धारित करते हुए 15 अप्रैल से 30 मई तक अभियान शुरू किया गया है। 6147 क्विंटल भूसा दान में प्राप्त हो गया है, लेकिन अभी भी 9826 क्विंटल भूसे की दरकार है।
इसके लिए विभागीय अधिकारी जिले के बड़े किसानों से लेकर माननीयों की तरफ आसभरी निगाह से निहार रहे हैं। जिले की 35 गोशालाओं (पशु आश्रय स्थलों) में 7676 गोवंशों को संरक्षित किया गया है। इनके लिए निर्धारित मानक के मुताबिक प्रतिदिन 307 क्विंटल भूसे, 614 क्विंटल हरे चारे और करीब 38 क्विंटल दाने की आवश्यकता होती है।
बाजार में भूसे का मूल्य करीब 700 रुपये प्रति क्विंटल है। करीब 70 फीसदी धनराशि गोशालाओं की डिमांड के आधार पर शासन से संबंधित गोशाला संचालकों को मिलती है। जबकि 30 फीसदी भूसा दान से ही प्राप्त किए जाने की व्यवस्था है।
खासे प्रयास के बाद अगले छह महीने के लिए भूसे के निर्धारित लक्ष्य 15973 क्विंटल की जगह आठ मई तक कुल 6147 क्विंटल भूसा ही मिल सका है। शेष लक्ष्य समेत अगले एक साल के करीब 25799 क्विंटल दान में भूसा प्राप्त करना होगा, जिसकी कीमत करीब 1.80 करोड़ रुपये होगी। जो किसी चुनौती से कम नहीं है।
शासन से मिली धनराशि से भी खरीदा जाना है 31769 क्विंटल भूसा
गोवंशों के लिए 70 फीसदी भूसे की व्यवस्था शासन से मिलने वाली धनराशि से की जाती है। 15 अप्रैल से 15 अक्तूबर तक भूसा भंडारित किए जाने के लिए 37271 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तर पर ई-टेंडर के माध्यम से 700 रुपये प्रति क्विंटल की दर भूसा खरीदा जाएगा। लेकिन अब तक 5502 क्विंटल भूसा ही खरीदा जा सका है। अभी भी 31769 क्विंटल भूसा खरीदा जाना शेष है।
अधिकांश अधिकारी, कर्मचारी भी दान कर चुके एक दिन का वेतन
जिला स्तर पर गोसंरक्षण एवं संवर्धन कोष की स्थापना प्रशासन द्वारा की गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) अनिल कंसल ने बताया कि इस कोष में करीब चार माह पहले करीब तीस लाख रुपये रह गए थे, जिसके बाद डीएम अनुज सिंह की अपील पर जिले के अधिकांश अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन के समान धनराशि स्वेच्छा से दान दी। कुछ अन्य लोगों ने भी इसमें दान दिया। जिससे यह धनराशि बढ़ कर करीब 1.37 करोड़ रुपये हो गई है। यह धनराशि गोशालाओं की अन्य जरूरतों के विकास पर खर्च की जाती है।
एमएलसी गोपाल अंजान दो लाख का भूसा देंगे दान
कुछ दिन पहले विकास भवन में संपन्न हुई दिशा की बैठक में एमएलसी गोपाल अंजान दो लाख रुपये का भूसा दान करने की घोषणा कर चुके हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी सभी माननीयों से गोशालाओं के लिए भूसा दान देने की अपील की है। उनका पत्र लेकर वह एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक नासिर कुरैशी और जिला पंचायत अध्यक्ष शैफाली सिंह से भी भेंट कर चुके हैं।
पशुधन प्रसार अधिकारी ने 10 क्विंटल भूसा किया दान
पशु सेवा केंद्र फतेहपुर में तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी जितेंद्र सिंह भी भूसा दान में पीछे नहीं रहे। वह स्वयं अपनी ट्रैक्टर-ट्राॅली से दस क्विंटल भूसा लेकर अगवानपुर स्थित कान्हां गोशाला पहुंचे और भूसा दान किया। ग्राम पंचायत सिधावली से ईलर गोशाला में तथा मोहम्मदपुर बस्तौर ग्राम पंचायत की ओर से भी दस-दस क्विंटल भूसा दान दिया गया।
जिले की गोशालाओं में पल रहे गोवंशों के लिए अक्तूबर तक के लिए करीब 9826 क्विंटल दान के भूसे की दरकार है। माननीयों से मुलाकात कर भूसा दान में देने अथवा दिलाने की अपील की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानों की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है, जो क्षेत्र के बड़े किसानों से संपर्क कर भूसा दान में लेकर भेज रहे हैं। जल्द ही यह लक्ष्य पूरा होने की उम्मीद है। - अनिल कंसल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी-