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पूर्व राज्यमंत्री नवेद मियां को कोर्ट ने सुुनाई तीन माह की सजा, एक हजार रुपये अर्थदंड-00
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रामपुर। पूर्व राज्यमंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को आचार संहिता उल्लंघन के आरोप के एक मामले में कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में उन्हें तीन माह और एक हजार रुपये का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट का फैसला आने के बाद उनके अधिवक्ता ने कोर्ट से अपील दाखिल होने तक जमानत पर रिहा करने की मांग की। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें अपील दाखिल होने तक जमानत पर रिहा कर दिया।
साल 2015 में पंचायत चुनाव के दौरान तत्कालीन खंड विकास अधिकारी स्वार दयाराम ने थाना अजीमनगर में 25 अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद ग्राम पंचायत सोनकपुर के मझरा चांद में सोसायटी से नूरी मस्जिद तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण का उद्घाटन नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अपने समर्थकों सहित किया था। साथ ही उन्होंने सीसी रोड निर्माण की घोषणा की थी। आरोप है कि इससे पंचायत चुनाव की आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। पुलिस ने विवेचना करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिसमें नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां जमानत पर चल रहे हैं।
सोमवार को विशेेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। पिछले माह 28 जुलाई को अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार और हृदेश कुमार ने वादी मुकदमा सहित तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पत्रावली पर उनके मुव्वक्किल के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं और गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने सोमवार को इस मुकदमे का फैसला सुनाया। कोर्ट ने नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को धारा 171च आईपीसी के तहत दोषी मानते हुए तीन माह का साधारण कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है। सजा के बाद नवेद मियां के अधिवक्ता ने अपील दाखिल होने तक जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नवेद मियां को अपील दाखिल होने तक जमानत पर रिहा कर दिया। इस दौरान नवेद मियां कोर्ट आधा घंटे तक कोर्ट में पुलिस अभिरक्षा में रहे। जमानती दाखिल होने के बाद रिहा कर दिया गया।
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साल 2015 में पंचायत चुनाव के दौरान तत्कालीन खंड विकास अधिकारी स्वार दयाराम ने थाना अजीमनगर में 25 अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद ग्राम पंचायत सोनकपुर के मझरा चांद में सोसायटी से नूरी मस्जिद तक सीसी रोड एवं नाली निर्माण का उद्घाटन नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अपने समर्थकों सहित किया था। साथ ही उन्होंने सीसी रोड निर्माण की घोषणा की थी। आरोप है कि इससे पंचायत चुनाव की आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। पुलिस ने विवेचना करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। जिसमें नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां जमानत पर चल रहे हैं।
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सोमवार को विशेेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। पिछले माह 28 जुलाई को अभियोजन की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार और हृदेश कुमार ने वादी मुकदमा सहित तीन गवाहों के बयान दर्ज कराए और आरोपी को सजा देने की मांग की। जबकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पत्रावली पर उनके मुव्वक्किल के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं हैं और गवाहों के बयानों में काफी विरोधाभास है। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने सोमवार को इस मुकदमे का फैसला सुनाया। कोर्ट ने नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को धारा 171च आईपीसी के तहत दोषी मानते हुए तीन माह का साधारण कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड अदा करने की सजा सुनाई है। सजा के बाद नवेद मियां के अधिवक्ता ने अपील दाखिल होने तक जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए नवेद मियां को अपील दाखिल होने तक जमानत पर रिहा कर दिया। इस दौरान नवेद मियां कोर्ट आधा घंटे तक कोर्ट में पुलिस अभिरक्षा में रहे। जमानती दाखिल होने के बाद रिहा कर दिया गया।
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