कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बच्चों को लेकर चिंता बढ़ा रही है। तीसरी लहर से मुकाबले के लिए शासन-प्रशासन का युद्ध स्तरीय तैयारियों पर जोर है लेकिन मौजूदा वक्त में भी बच्चों की सुरक्षा गंभीर विषय है। खासकर गर्भस्थ शिशु या नवजात के लिए। अभी तक के चिकित्सकीय अनुभवों में माना गया है कि गर्भावस्था में कोरोना संक्रमण गर्भवती व भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है। इस अवस्था में ली गईं कोरोना की मानक दवाएं गर्भस्थ शिशु के विकास पर असर डाल सकती हैं। इससे समय पूर्व प्रसव या गर्भपात जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
कोरोना अलर्ट : गर्भावस्था में संक्रमण हुआ तो भ्रूण के लिए हो सकता है खतरा
- शुरू के तीन माह अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत
- दवाओं से हो सकता है गर्भपात, समय पूर्व प्रसव भी संभव
संक्रमण के दौरान नवजात को पिला सकती हैं दूध
स्त्री रोग विशेषज्ञों की राय :
पहले तीन सप्ताह किसी गर्भवती महिला के लिए बहुत संवेदनशील होते हैं। इसमें हम सामान्य तौर पर भी कोई दवा नहीं देते। कोरोना संक्रमण के कारण दी गई दवाएं इस अवस्था में भ्रूण पर काफी असर डालती हैं। इनसे गर्भपात, समय पूर्व प्रसव या जन्मजात रोग और विकृति का खतरा रहता है। ऐसी अवस्था न बने इसके लिए गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि वह इस संक्रमण काल में चिकित्सक के पास जाने के अलावा कहीं न निकलें। अस्पताल जाने के दौरान भी अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
- डॉ. बबीता गुप्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
गर्भावस्था के दौरान माइल्ड इंफेक्शन है, कोई लक्षण नहीं है तो साधारण मल्टी विटामिन, विटामिन सी आदि की दवाएं देकर हम मां को सही करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अगर संक्रमण ज्यादा है तो हम पहले मां को दवाएं देकर उसे स्वस्थ करने की कोशिश करते हैं। इस बीच गर्भस्थ शिशु पर उन दवाओं का क्या असर पड़ा इसे बाद में परीक्षण के आधार पर देखते हैं। इन दवाओं का असर तो गर्भस्थ शिशु पर होता है, लेकिन गर्भवती की सुरक्षा के लिए परिस्थिति अनुसार दवाएं देना मजबूरी बन जाती है। दवाओं के कारण शिशु पर ऐसा असर हो जो मां के लिए खतरनाक हो जाए तो हमारी प्राथमिकता मां को बचाना है।
- डॉ. पूनम सिंह, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
प्रसव के दौरान किसी शिशु को संक्रमण हुआ हो, ऐसा मामला अभी चिकित्सकों के मुताबिक नहीं मिला है। डा. बबीता गुप्ता कहती हैं कि संक्रमण के दौरान पूरी सावधानी बरतते हुए मां नवजात को दूध पिला सकती है। इसके लिए वह नवजात को गोद में लेने से पूर्व साबुन से हाथ धोएं और खुद को अच्छी तरह सैनिटाइज कर लें। मास्क और फेस शील्ड पहनकर दूध पिलाएं। दूध पिलाने से बच्चे को संक्रमण की कोई संभावना नहीं है।
मासिक धर्म के दौरान रखना होगा विशेष ध्यान
कोरोना संक्रमण के दौरान मासिक धर्म काल में युवतियों और महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। डा. बबीता गुप्ता कहती हैं कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं या युवतियों को कोरोना वैक्सीन लगवाने से कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। संक्रमण के दौरान यदि मासिक धर्म हो रहा है तो कोरोना की दवाएं खराब असर नहीं डालेंगी। इन दिनों कमजोरी ज्यादा होती है और संक्रमण के कारण शरीर और कमजोर हो जाता है, इसलिए अपने खान पान पर विशेष ध्यान रखें। पौष्टिक भोजन लें।