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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए नहीं हैं बेंचें, जिम्मेदार उदासीन
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बहजोई। शासन के आदेश के बावजूद अभी तक जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को बैठने के लिए बेंचें नसीब नहीं हो सकी हैं। इस कारण ठंड में बच्चे जमीन पर बिछी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने के लिए मजबूर है। जबकि करीब आठ माह पहले जिले के 308 परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को बैठने के लिए बेंचें उपलब्ध कराए के लिए शासन स्तर से पत्र जारी कर आदेश जारी किए गए थे।
जिले में 475 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 95 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2018 में बच्चों को बैठने के लिए बेंचें उपलब्ध करा दी गई थीं। अब बीते माह मार्च में शासन स्तर से जिले को पत्र जारी कर जिले के 308 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन करीब आठ माह बाद भी बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो सका है।
बच्चों की परेशानी को जिम्मेदार दरकिनार किए हुए हैं। जिला समन्वयक निर्माण सचिन सक्सेना का कहना है कि दो बार फर्नीचर खरीदने को टेंडर की प्रक्रिया की गई, लेकिन कुछ कारणों से प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। अब तीसरी बार प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। प्रक्रिया पूरी तरह से सफल होने के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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जिले में 475 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 95 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 2018 में बच्चों को बैठने के लिए बेंचें उपलब्ध करा दी गई थीं। अब बीते माह मार्च में शासन स्तर से जिले को पत्र जारी कर जिले के 308 परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध कराए जाने के आदेश दिए थे, लेकिन करीब आठ माह बाद भी बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो सका है।
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बच्चों की परेशानी को जिम्मेदार दरकिनार किए हुए हैं। जिला समन्वयक निर्माण सचिन सक्सेना का कहना है कि दो बार फर्नीचर खरीदने को टेंडर की प्रक्रिया की गई, लेकिन कुछ कारणों से प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। अब तीसरी बार प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। प्रक्रिया पूरी तरह से सफल होने के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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