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Moradabad News: स्वच्छता और हरियाली की कसौटी पर परखे जाएंगे जिले के विद्यालय
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अमरोहा। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालय अब स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की कसौटी पर परखे जाएंगे। स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) अभियान के तहत जिले के सभी विद्यालयों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान में सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ ही आवासीय, आदिवासी तथा अल्पसंख्यक विद्यालयों को भी शामिल किया गया है। विद्यालय आधिकारिक एसएचवीआर पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराने के साथ अपना स्व-मूल्यांकन पूरा करेंगे। इसके बाद विभिन्न चरणों में ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने के साथ विद्यार्थियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
विद्यालयों का मूल्यांकन छह प्रमुख मानकों पर किया जाएगा। इनमें पेयजल सुविधाएं, शौचालय एवं स्वच्छता व्यवस्था, हाथ धोने के स्टेशन और साबुन की उपलब्धता, विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं रखरखाव, स्वच्छता संबंधी व्यवहार में बदलाव लाने वाली गतिविधियां तथा जलवायु के प्रति जागरूकता और मिशन लाइफ से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। इन मानकों के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का आकलन कर उन्हें रेटिंग और ग्रेड दिया जाएगा। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को आधिकारिक मान्यता, प्रमाणपत्र और अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। जिला विद्यालय निरीक्षक शतानंद शर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वह एसएचवीआर पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं और स्व-मूल्यांकन में विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का सही विवरण दर्ज करें।
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अभियान में सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ ही आवासीय, आदिवासी तथा अल्पसंख्यक विद्यालयों को भी शामिल किया गया है। विद्यालय आधिकारिक एसएचवीआर पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराने के साथ अपना स्व-मूल्यांकन पूरा करेंगे। इसके बाद विभिन्न चरणों में ऑनलाइन मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने के साथ विद्यार्थियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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विद्यालयों का मूल्यांकन छह प्रमुख मानकों पर किया जाएगा। इनमें पेयजल सुविधाएं, शौचालय एवं स्वच्छता व्यवस्था, हाथ धोने के स्टेशन और साबुन की उपलब्धता, विद्यालय परिसर की स्वच्छता एवं रखरखाव, स्वच्छता संबंधी व्यवहार में बदलाव लाने वाली गतिविधियां तथा जलवायु के प्रति जागरूकता और मिशन लाइफ से जुड़ी गतिविधियां शामिल हैं। इन मानकों के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का आकलन कर उन्हें रेटिंग और ग्रेड दिया जाएगा। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को आधिकारिक मान्यता, प्रमाणपत्र और अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। जिला विद्यालय निरीक्षक शतानंद शर्मा ने बताया कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वह एसएचवीआर पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी कराएं और स्व-मूल्यांकन में विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का सही विवरण दर्ज करें।
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