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मंडल में दलबदलू धराशायी, मतदाताओं ने नकारा
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विधानसभा चुनाव में दलबदलुओं की दाल नहीं गली। प्रत्याशियों ने किसी तरह जोड़-तोड़ करके टिकट तो हासिल कर लिए, लेकिन मतदाताओं ने नकार दिया। मंडल में किसी भी दलबदलुओं को जीत नहीं मिली। हार का मुंह का देखने वालों में दो विधायक भी शामिल हैं।
विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर मंडल के कई नेताओं ने अपना ठिकाना बदल दिया। कुछ ने समय से पहले ही पार्टी बदल दी तो कुछ टिकट की घोषणा के साथ ही बागी बन गए। मुरादाबाद में सपा के दो विधायकों ने बागी तेवर दिखाते हुए दल बदल दिया। कुंदरकी से सपा विधायक रहे हाजी रिजवान ने बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। वहीं, मुरादाबाद देहात सीट से विधायक रहे हाजी इकराम कुरैशी ने टिकट कटने पर कांग्रेस का दामन थाम लिया। हालांकि दोनों को चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। ऐसे ही अमरोहा में भाजपा छोड़ हाथी की सवारी करने वाल हरपाल सिंह, हाथी की सवारी छोड़कर साइकिल पर सवार हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य वीर सिंह के बेटे विवेक सिंह भी चुनाव हार गए। इसके अलावा रामपुर और बिजनौर में भी दलबदलुओं को हार का सामना करना पड़ा।
इन नेताओं ने बदला दल
नेता पूर्व दल चुनाव लड़े
हाजी इकराम कुरैशी सपा कांग्रेस
हाजी रिजवान सपा बसपा
हैदर अली खां हमजा मियां कांग्रेस अपना दल
विवेक सिंह बसपा सपा
हरपाल सिंह भाजपा बसपा
मूलचंद चौहान सपा बसपा
रुचिवीरा सपा बसपा
टिकट के मिलने के बाद भी बदल दी थी पार्टी
रामपुर के चमरौआ विधानसभा सीट से वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर विधायक बने यूसुफ अली ने कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन वह पार्टी छोड़ सपा में शामिल हो गए। इस उम्मीद के साथ कि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाएंगी। मगर उनकी मंशा पूरी न हो सकी। इसके बाद वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन वह चुनाव हार गए।
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विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर मंडल के कई नेताओं ने अपना ठिकाना बदल दिया। कुछ ने समय से पहले ही पार्टी बदल दी तो कुछ टिकट की घोषणा के साथ ही बागी बन गए। मुरादाबाद में सपा के दो विधायकों ने बागी तेवर दिखाते हुए दल बदल दिया। कुंदरकी से सपा विधायक रहे हाजी रिजवान ने बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ा। वहीं, मुरादाबाद देहात सीट से विधायक रहे हाजी इकराम कुरैशी ने टिकट कटने पर कांग्रेस का दामन थाम लिया। हालांकि दोनों को चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। ऐसे ही अमरोहा में भाजपा छोड़ हाथी की सवारी करने वाल हरपाल सिंह, हाथी की सवारी छोड़कर साइकिल पर सवार हुए पूर्व राज्यसभा सदस्य वीर सिंह के बेटे विवेक सिंह भी चुनाव हार गए। इसके अलावा रामपुर और बिजनौर में भी दलबदलुओं को हार का सामना करना पड़ा।
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इन नेताओं ने बदला दल
नेता पूर्व दल चुनाव लड़े
हाजी इकराम कुरैशी सपा कांग्रेस
हाजी रिजवान सपा बसपा
हैदर अली खां हमजा मियां कांग्रेस अपना दल
विवेक सिंह बसपा सपा
हरपाल सिंह भाजपा बसपा
मूलचंद चौहान सपा बसपा
रुचिवीरा सपा बसपा
टिकट के मिलने के बाद भी बदल दी थी पार्टी
रामपुर के चमरौआ विधानसभा सीट से वर्ष 2012 में बसपा के टिकट पर विधायक बने यूसुफ अली ने कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन वह पार्टी छोड़ सपा में शामिल हो गए। इस उम्मीद के साथ कि पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाएंगी। मगर उनकी मंशा पूरी न हो सकी। इसके बाद वह दोबारा कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन वह चुनाव हार गए।
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