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विशाल के घर पहुंचने पर मां की आंखों में छलके आंसू
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बिलारी के सहसपुर गांव में यूक्रेन से लौटे छात्र विशाल कुमार को दुलारती उसकी मां शशि यादव
- फोटो : BILARI
क्षेत्र के सहसपुर गांव निवासी विशाल कुमार यूक्रेन से सकुशल घर पहुंच गए। उनके घर पहुंचते ही उनकी मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। विशाल ने मंदिर में पहुंचकर भगवान को भी याद किया।
सहसपुर गांव में राजमहल रोड दुर्गा मंदिर के निकट निवासी डा. विकास कुमार विश्वास का बेटा विशाल कुमार वर्ष 2018 से यूक्रेन के टर्नोपिल शहर स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। 24 फरवरी को जब वह अपने फ्लैट से बाहर निकला तो बमबारी देख वह घबरा गया। इसके बाद वह खतरों के रास्तों से होकर अपने साथियों के साथ भारतीय दूतावास पहुंचा और पांच दिन वहीं पर शरण में रहा।
भारतीय दूतावास से 28 फरवरी शाम ट्रेन से स्लोबाकिया बॉर्डर के लिए निकल पड़ा। विशाल ने बताया कि 12 घंटे खड़े होकर ट्रेन में सफर किया और फिर बॉर्डर तक पहुंचने के लिए टैक्सी बुक की, लेकिन टैक्सी चालक ने आठ किमी पहले ही छोड़ दिया। यहां से उसने पैदल चलकर बॉर्डर पार किया। दो मार्च की रात को वह स्लोबाकिया में फ्लाइट से बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली पहुंच गया। बृहस्पतिवार शाम तक परिजनों के साथ अपने घर पहुंचा। विशाल को देखते ही उसकी मां शशि ने गले से लगा लिया और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। वहीं विशाल ने भारतीय दूतावास का शुक्रिया अदा किया है।
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सहसपुर गांव में राजमहल रोड दुर्गा मंदिर के निकट निवासी डा. विकास कुमार विश्वास का बेटा विशाल कुमार वर्ष 2018 से यूक्रेन के टर्नोपिल शहर स्थित नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। 24 फरवरी को जब वह अपने फ्लैट से बाहर निकला तो बमबारी देख वह घबरा गया। इसके बाद वह खतरों के रास्तों से होकर अपने साथियों के साथ भारतीय दूतावास पहुंचा और पांच दिन वहीं पर शरण में रहा।
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भारतीय दूतावास से 28 फरवरी शाम ट्रेन से स्लोबाकिया बॉर्डर के लिए निकल पड़ा। विशाल ने बताया कि 12 घंटे खड़े होकर ट्रेन में सफर किया और फिर बॉर्डर तक पहुंचने के लिए टैक्सी बुक की, लेकिन टैक्सी चालक ने आठ किमी पहले ही छोड़ दिया। यहां से उसने पैदल चलकर बॉर्डर पार किया। दो मार्च की रात को वह स्लोबाकिया में फ्लाइट से बृहस्पतिवार दोपहर दिल्ली पहुंच गया। बृहस्पतिवार शाम तक परिजनों के साथ अपने घर पहुंचा। विशाल को देखते ही उसकी मां शशि ने गले से लगा लिया और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। वहीं विशाल ने भारतीय दूतावास का शुक्रिया अदा किया है।
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