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Moradabad News: पेराई सत्र के लिए गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी
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मुरादाबाद। पेराई सत्र 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी कर दी है। रक्षाबंधन के अवसर पर महिला गन्ना किसानों को उनकी 100 प्रतिशत पेड़ी की पर्चियां पक्ष 01 से 02 एवं पौधे की पर्चियां पक्ष 07 से 08 में अंकित कर अधिकतम एक माह के भीतर आपूर्ति की सुविधा दी जाएगी।
उप आयुक्त हरपाल सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बड़े फैसले लिए हैं। नई नीति के तहत गन्ना खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने पर ट्रेंच प्लांटिंग या दोहरी पंक्ति विधि अपनाने वाले कृषकों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे कृषकों की शेष 48 प्रतिशत पर्चियां 10वें पक्ष के स्थान पर 8वें पक्ष तक जारी की जाएंगी।
पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों (सट्टा धारक 90 कुंतल तक) को 52:48 से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्ची प्रथम पक्ष में एवं पौधे की पर्ची 7वें पक्ष में अंकित कर लगभग 15 दिन में आपूर्ति कराई जाएगी। केन हार्वेस्टर से गन्ने की कटाई के इच्छुक कृषकों के लिए प्रत्येक गन्ना बाहुल्य जिले में कम से कम एक हार्वेस्टर सेंटर बनाया जाएगा। उनकी मांग पर 09 के गुणांक में मनचाही हार्वेस्टर मोड की पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी। लघु किसानों को 09 पर्ची के स्थान पर 10 पर्ची अर्थात 90 कुंतल तक सट्टा धारक कृषक लघु किसान माने जाएंगे। उन्हें 03 पक्ष में पेड़ी एवं पौधा गन्ना आपूर्ति की सुविधा होगी। नये गन्ना सदस्य जिनके पास पेड़ी शरदकालीन पौधा है, उनकी पर्चियां 05वें के स्थान पर 04 पक्ष से ही जारी की जाएंगी। किसानों की सुविधा के लिए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की सुविधा, निःशुल्क अतिरिक्त सट्टा जारी करने की पारदर्शी सुविधा और संयुक्त परिवार में एक नामित सदस्य के माध्यम से संयुक्त गन्ना कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। अर्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश के सभी गन्ना किसानों को सभी जानकारी एसएमएस पोर्टल एवं ई-गन्ना ऐप पर घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध होगी। किसान टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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उप आयुक्त हरपाल सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बड़े फैसले लिए हैं। नई नीति के तहत गन्ना खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने पर ट्रेंच प्लांटिंग या दोहरी पंक्ति विधि अपनाने वाले कृषकों को गन्ना आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे कृषकों की शेष 48 प्रतिशत पर्चियां 10वें पक्ष के स्थान पर 8वें पक्ष तक जारी की जाएंगी।
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पहली बार दिव्यांग लघु गन्ना किसानों (सट्टा धारक 90 कुंतल तक) को 52:48 से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्ची प्रथम पक्ष में एवं पौधे की पर्ची 7वें पक्ष में अंकित कर लगभग 15 दिन में आपूर्ति कराई जाएगी। केन हार्वेस्टर से गन्ने की कटाई के इच्छुक कृषकों के लिए प्रत्येक गन्ना बाहुल्य जिले में कम से कम एक हार्वेस्टर सेंटर बनाया जाएगा। उनकी मांग पर 09 के गुणांक में मनचाही हार्वेस्टर मोड की पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी। लघु किसानों को 09 पर्ची के स्थान पर 10 पर्ची अर्थात 90 कुंतल तक सट्टा धारक कृषक लघु किसान माने जाएंगे। उन्हें 03 पक्ष में पेड़ी एवं पौधा गन्ना आपूर्ति की सुविधा होगी। नये गन्ना सदस्य जिनके पास पेड़ी शरदकालीन पौधा है, उनकी पर्चियां 05वें के स्थान पर 04 पक्ष से ही जारी की जाएंगी। किसानों की सुविधा के लिए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की सुविधा, निःशुल्क अतिरिक्त सट्टा जारी करने की पारदर्शी सुविधा और संयुक्त परिवार में एक नामित सदस्य के माध्यम से संयुक्त गन्ना कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। अर्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में 20 प्रतिशत प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश के सभी गन्ना किसानों को सभी जानकारी एसएमएस पोर्टल एवं ई-गन्ना ऐप पर घर बैठे ऑनलाइन उपलब्ध होगी। किसान टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
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