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11वीं मंजिल से कूदकर डिप्टीजेलर के बेटे ने की आत्महत्या
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बहुमंजिला इमारत से कूदकर डिप्टी जेलर के बेटे ने की आत्महत्या
- कमिश्नर कार्यालय के सामने निर्माणाधीन है सेंट्रल कोर्ट बिल्डिंग
- विजय सक्सेना की जेब में मिला सुसाइड नोट
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कमिश्नर कार्यालय के सामने बन रही सेंट्रल कोर्ट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल से कूदकर सेवानिवृत्त डिप्टी जेलर के बेटे विजय सक्सेना (42) ने आत्महत्या कर ली। विजय नीचे गिरा तो बहुमंजिला इमारत में निर्माण कार्य कर रहे कर्मचारी व स्टाफ में अफरातफरी मच गई। विजय को बचाने का प्रयास करने के बजाए घबराकर सभी लोग मौके से भाग निकले। सिक्योरिटी गार्ड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपनी पत्नी के लिए लिखा मैंने तुससे बहुत प्यार किया, अब माफ कर देना।
सिविल लाइंस के रेलवे हरथला कालोनी में विजय कुमार सक्सेना अपनी पत्नी रेनू सक्सेना दो बेटियां कोमल और नेहा के साथ किराये के मकान में रहते थे। विजय सक्सेना के पिता दर्शन सक्सेना देहरादून की जेल में डिप्टी जेलर के पद से सेवा निवृत्त हुए थे। विजय की पत्नी रेनू ने बताया कि उनके पति निजी कंपनी में कार्यरत थे। नवंबर 2017 में पैरालिसिस की बीमारी से जूझ रहे थे। इसके बाद नौकरी भी छूट गई। पत्नी ने बताया कि सुबह पौने ग्यारह वह कचहरी में किसी से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे। दोपहर 12.30 बजे वह सीढ़ियों से ग्यारहवीं मंजिल तक पहुंचा। लोगों के मुताबिक यहां कुछ देर तक वह खड़ा रहा। इससे पहले कि निर्माण कार्य में लगे मजदूर कुछ समझ पाते, विजय नीचे कूद गया।
सेल्समैन की सूचना पर पहुंची पुलिस
बिल्डिंग पर काम करने वाले मजदूर और स्टाफ दौड़कर विजय के शरीर के पास आए। लेकिन बचाने का प्रयास करने की जहमत किसी नहीं उठाई। सभी मौके से भाग गए। सिक्योरिटी गार्ड सुरजीत ने घटनाक्रम की सूचना सेल्समैनेजर अनूप कुमार को दी। अनूप ने ही पुलिस को प्राथमिक जानकारी दी। यूपी 100 पुलिस और सिविल लाइन थाने के प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंह मौके पर पहुंचे।
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सूसाइड नोट से हुई शिनाख्त
विजय के कपड़ों की तलाशी में दो पर्चे मिले। एक पर्चे पर विजय ने अपना परिचय, पता और फोन नंबर लिखे थे। नीचे नोट लिखा गया था कि ‘मेरी लाश को प्लीज मेरे घर पहुंचा देना। नीचे साइन भी किया। इस पर्चे से शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने परिवार को घटनाक्रम की जानकारी दी। घटनास्थल पर पत्नी रेनू और परिवार के लोग पहुंचे। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। देर रात तक लाश का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
बीमारी और आर्थिक स्थिति खराब होने से टूट गए थे विजय
रेनू ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले पैरालिसिस का अटैक होने के बाद सेल्समैन की जॉब भी जाती रही। आर्थिक स्थिति काफी खराब होने की वजह से इलाज के रुपये भी नहीं होते थे। इन्हीं बातों को लेकर विजय परेशान चल रहे थे।
सुसाइट नोट में यह लिखा..
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में टूटे फूटे शब्दों में पत्नी को संबोधित कर लिखा गया कि मैने रेनू को बहुत प्यार किया है। अब और नहीं। यह तुम भी जानती हो। इससे ज्यादा प्यार किसी से नहीं। मेरा प्यार आज भी है, कल भी रहेगा। जो कुछ भी हुआ है तुम मुझे माफ करना।
वर्जन
विजय के कपड़ों से मिले सूसाइड नोट से शिनाख्त होने के बाद परिवार को जानकारी दी गई। बीमारी के साथ आर्थिक स्थिति खराब होना ही सूसाइड की अहम वजह सामने आई है। - राजेश कुमार, सीओ, सिविल लाइन
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- कमिश्नर कार्यालय के सामने निर्माणाधीन है सेंट्रल कोर्ट बिल्डिंग
- विजय सक्सेना की जेब में मिला सुसाइड नोट
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कमिश्नर कार्यालय के सामने बन रही सेंट्रल कोर्ट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल से कूदकर सेवानिवृत्त डिप्टी जेलर के बेटे विजय सक्सेना (42) ने आत्महत्या कर ली। विजय नीचे गिरा तो बहुमंजिला इमारत में निर्माण कार्य कर रहे कर्मचारी व स्टाफ में अफरातफरी मच गई। विजय को बचाने का प्रयास करने के बजाए घबराकर सभी लोग मौके से भाग निकले। सिक्योरिटी गार्ड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें उसने अपनी पत्नी के लिए लिखा मैंने तुससे बहुत प्यार किया, अब माफ कर देना।
सिविल लाइंस के रेलवे हरथला कालोनी में विजय कुमार सक्सेना अपनी पत्नी रेनू सक्सेना दो बेटियां कोमल और नेहा के साथ किराये के मकान में रहते थे। विजय सक्सेना के पिता दर्शन सक्सेना देहरादून की जेल में डिप्टी जेलर के पद से सेवा निवृत्त हुए थे। विजय की पत्नी रेनू ने बताया कि उनके पति निजी कंपनी में कार्यरत थे। नवंबर 2017 में पैरालिसिस की बीमारी से जूझ रहे थे। इसके बाद नौकरी भी छूट गई। पत्नी ने बताया कि सुबह पौने ग्यारह वह कचहरी में किसी से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे। दोपहर 12.30 बजे वह सीढ़ियों से ग्यारहवीं मंजिल तक पहुंचा। लोगों के मुताबिक यहां कुछ देर तक वह खड़ा रहा। इससे पहले कि निर्माण कार्य में लगे मजदूर कुछ समझ पाते, विजय नीचे कूद गया।
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सेल्समैन की सूचना पर पहुंची पुलिस
बिल्डिंग पर काम करने वाले मजदूर और स्टाफ दौड़कर विजय के शरीर के पास आए। लेकिन बचाने का प्रयास करने की जहमत किसी नहीं उठाई। सभी मौके से भाग गए। सिक्योरिटी गार्ड सुरजीत ने घटनाक्रम की सूचना सेल्समैनेजर अनूप कुमार को दी। अनूप ने ही पुलिस को प्राथमिक जानकारी दी। यूपी 100 पुलिस और सिविल लाइन थाने के प्रभारी निरीक्षक शक्ति सिंह मौके पर पहुंचे।
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सूसाइड नोट से हुई शिनाख्त
विजय के कपड़ों की तलाशी में दो पर्चे मिले। एक पर्चे पर विजय ने अपना परिचय, पता और फोन नंबर लिखे थे। नीचे नोट लिखा गया था कि ‘मेरी लाश को प्लीज मेरे घर पहुंचा देना। नीचे साइन भी किया। इस पर्चे से शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने परिवार को घटनाक्रम की जानकारी दी। घटनास्थल पर पत्नी रेनू और परिवार के लोग पहुंचे। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। देर रात तक लाश का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
बीमारी और आर्थिक स्थिति खराब होने से टूट गए थे विजय
रेनू ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले पैरालिसिस का अटैक होने के बाद सेल्समैन की जॉब भी जाती रही। आर्थिक स्थिति काफी खराब होने की वजह से इलाज के रुपये भी नहीं होते थे। इन्हीं बातों को लेकर विजय परेशान चल रहे थे।
सुसाइट नोट में यह लिखा..
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में टूटे फूटे शब्दों में पत्नी को संबोधित कर लिखा गया कि मैने रेनू को बहुत प्यार किया है। अब और नहीं। यह तुम भी जानती हो। इससे ज्यादा प्यार किसी से नहीं। मेरा प्यार आज भी है, कल भी रहेगा। जो कुछ भी हुआ है तुम मुझे माफ करना।
वर्जन
विजय के कपड़ों से मिले सूसाइड नोट से शिनाख्त होने के बाद परिवार को जानकारी दी गई। बीमारी के साथ आर्थिक स्थिति खराब होना ही सूसाइड की अहम वजह सामने आई है। - राजेश कुमार, सीओ, सिविल लाइन