बेटे के सदमे में सेवानिवृत्त दरोगा ने की पत्नी की हत्या, फिर खुद भी चढ़ गया फंदे पर
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शुक्रवार देर रात पत्नी को गोली मारकर एक सेवानिवृत्त दारोगा फंदे पर झूल गया। पुलिस की पड़ताल के अनुसार 12 साल पहले दुर्घटना में हुई बेटे की मौत के बाद से ही दरोगा व्यथित चल रहा था और इसी सदमे में उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें उसने लिखा है कि अपनी और पत्नी की मौत का वह खुद जिम्मेदार है।
हालांकि उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका जिक्र नहीं किया गया है। यह सनसनीखेज वारदात मुरादाबाद शहर की अलखनंदा कॉलोनी में हुई। मंझोला थाना क्षेत्र स्थित इस कालोनी में सेवानिवृत्त दरोगा करनवीर सिंह (62) उनकी पत्नी जोगेश्वरी देवी (60) परिवार समेत रहते थे। वह मूलत: बिजनौर के स्योहारा स्थित रहटोली गांव के रहने वाले थे।
परिवार में बेटा नीरज और पुत्रवधू रूबी हैं। पांच साल पहले करनवीर ने नौकरी से वीआरएस ले लिया था। नीरज के मुताबिक रात को वह अपनी पत्नी के साथ अंदर वाले कमरे में सो रहा था जबकि पिता और मां बाहर वाले कमरे में सोए हुए थे। रात लगभग पौने दो बजे गोली चलने की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली। वह तत्काल बाहर वाले कमरे में गया तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। गैलरी का गेट भी बाहर से बंद था। आवाज लगाने पर माता, पिता का जवाब नहीं मिला।
इसके बाद पड़ोसी को फोन कर बाहर से गेट खुलवाया। गैलरी में जाकर देखा तो होश उड़ गए। जीने की रेलिंग पर बने फंदे पर करनवीर का शव लटका था। बाहर वाले कमरे में जोगेश्वरी देवी का खून से लथपथ शव पड़ा था। जीने के नीचे पिता की लाइसेंसी बंदूक और कमरे में 12 बोर का दगा कारतूस पड़ा था। बंदूक की बैरल में एक जीवित कारतूस भी था। माता, पिता के शव देख नीरज और रूबी की चीख निकल गई।
रात तीन बजे सूचना मिलने पर एसपी सिटी अंकित मित्तल, फोरेंसिक टीम और मझोला पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि जोगेश्वरी की मौत गोली मारे जाने से जबकि करनवीर की मौत फंदे पर लटकने से हुई है। दंपती के शव को परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है।
बडे़ बेटे की 12 साल पहले हो गई थी मौत
12 साल पहले करनवीर सिंह के बड़े बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद से दंपती तनाव में थे। उनके सुसाइड नोट में लिख है कि ‘श्रीमान जी, नमस्कार। मैं अपने होशो हवास में बहुत सोच समझकर यह कदम उठा रहा हूं। इसमें परिवार वाले, यार, दोस्त, रिश्तेदार शामिल नहीं हैं। किसी की कोई गलती नहीं है। किसी को परेशान न किया जाए।
परिवार वाले, यार, दोस्त, रिश्तेदार सब समझते हैं कि मैंने ये कदम क्यों उठाया है। मेरी पत्नी की मौत का मैं स्वयं जिम्मेदार हूं और कोई नहीं।’ नीरज ने बताया कि बडे़ भाई नवनीत की 12 साल पहले सड़क हादसे में इंपीरियल तिराहे पर मौत हो गई थी। उस वक्त वह हिंदू कालेज में बीए छात्र था।
बाइक पर सवार होकर जा रहे नवनीत की ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर मौत हो गई थी। नवनीत की मौत के बाद माता, पिता गमजदा थे। मां का उपचार भी चल रहा था। करनवीर के रिश्तेदार सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि बेटे की मौत के गम में ही करनवीर ने ये कदम उठाया है, क्योंकि बेटे की मौत के बाद से वह काफी परेशान रहने लगे थे।
वहीं मामले को लेकर एसपी सिटी अंकित मित्तल ने कहा कि रात तीन बजे सूचना मिली कि सेवानिवृत्त दरोगा ने पत्नी को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। पूछताछ के दौरान दंपती के परिवार वालों का कहना है कि बेटे की मौत के गम में करनवीर ने ये कदम उठाया है। इस संबंध में मृतक दरोगा के खिलाफ उसके बेटे की तहरीर के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के लिए बंदूक, सुसाइड नोट को कब्जे में लिया गया है, जिसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा’