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हर महीने 2 अरब रुपये के फटके पर लगाम, तय करेगी 2000 विद्युत कर्मियों का अंजाम
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मुरादाबाद। आने वाले तीन महीने पीवीवीएनएल के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हैं। यह तीन महीने ही मंडल में तैनात 2000 से अधिक विद्युत कर्मचारियों का भविष्य तय करेंगे। मुरादाबाद जोन के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों में हर महीने करोड़ों यूनिट के लाइन लास से विभाग को अरबों रुपये की क्षति हो रही है। बकायेदार विभाग की मोटी रकम दबाए बैठे हैं। ऐसे में जनवरी तक विद्युत चोरी पर लगाम लगाना और बकायेदारों से राजस्व की वसूली करना विभाग के लिए आखिरी रास्ता बन गया है। गौरतलब है कि मुरादाबाद जोन में 7 अधीक्षण अभियंता, 24 अधिशासी अभियंताओं समेत 2000 से अधिक विद्युत कर्मचारी तैनात हैं। अगले तीन महीने में लाइन लास पर लगाम ही इनका भविष्य निर्धारित करने में सहायता करेगा।
पिछले दो दिनों में 32 घंटे तक चला विद्युत कर्मियों का कार्य बहिष्कार समाप्त हो गया है। दरअसल कैबिनेट उप समिति और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की वार्ता में अगले तीन माह में लाइन लास (बिजली चोरी) कम करने, बकायेदारों से राजस्व वसूलने व उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निवारण करने पर सहमति बनी है। इसके कारण फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव टल गया है। इसी के साथ आने वाले तीन महीने बिजली महकमे के लिए काफी चुनौती पूर्ण हैं। विद्युत भवन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद शहर में प्रतिमाह औसतन साढ़े सात करोड़ रुपये की बिजली चोरी दर्ज की जा रही है। जबकि जोनल स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 2 अरब रुपये का है। अब इस पर लगाम लगाने के लिए विद्युत विभाग को मिशन मोड में कार्य करना होगा। हालांकि मंडल में रोजाना सैकड़ों बकायेदारों के कनेक्शन काटकर उनसे राजस्व वसूला जा रहा है।
देहात फीडरों पर सर्वाधिक चोरी
सबसे ज्यादा चोरी ग्राणीण क्षेत्र के फीडरों पर दर्ज की गई है। मुरादाबाद देहात के 65 से 75 फीसदी तक लाइनलॉस वाले 13 फीडरों को चिन्हित किया गया है। जिनमें रतनपुर, दलपतपुर-गोट, चौधरपुर, कुड़फतेहगढ़, जैतवाड़ा, अगवानपुर, हिरनखेड़ा, सिकंदरपुर आदि फीडर आते हैं। इसके अलावा संभल व चंदौसी के फीडरों को सर्वाधिक लाइनलॉस के कारण कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया है।
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शहर में लाइन लास की स्थिति (पिछले 5 महीनें का विवरण मिलीयन यूनिट में )
वि. खंड इनपुट बिक्री चोरी
प्रथम 122.616 113.34 9.303
द्वितीय 136.395 112.486 23.849
तृतीय 129.595 96.723 32.872
कुल लॉस - 6 करोड़ 60 लाख 24 हजार यूनिट
रुपयों में नुकसान - 46 करोड़ 21 लाख 68 हजार
यह है राजस्व वसूली की स्थिति
पिछले तीन माह में शहर में सात सौ उनहत्तर बार विद्युत विभाग की टीम ने रेड की। जिसमें कुल 1 करोड़ 76 लाख 31 हजार रुपये के बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। इससे विभाग को 56 लाख 60 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह स्थिति विभाग को लगातार बनाए रखनी होगी। जिससे अधिक से अधिक बिजली चोरों पर कार्रवाई हो सके और बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके।
वर्जन
विभाग स्थिति का सामना करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। जिससे लाइन लास पर नियंत्रण लगाया जा सके। टीम गठित करके उपभोक्ताओं को जागरूक करने, बिजली चोरों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की रणनीति बनाई जा रही है। हमें विश्वास है कि हम अगले तीन माह में बेहतर परिणाम शासन के सामने रख सकेंगे। - संजय आनंद जैन, मुख्य अभियंता
शहर में लगातार सघन चेकिंग चल रही है। रोजाना सैकड़ों कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कुछ इलाकों के लोगों की मानसिकता पिछड़ी है। जब तक वह ठीक नहीं होगी बिजली चोरी नहीं रुकेगी। बुधवार को 33 लाख रुपये के 85 बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए हैं। इसमें 11 लाख रुपये के राजस्व की वसूली भी की गई है।- अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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पिछले दो दिनों में 32 घंटे तक चला विद्युत कर्मियों का कार्य बहिष्कार समाप्त हो गया है। दरअसल कैबिनेट उप समिति और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की वार्ता में अगले तीन माह में लाइन लास (बिजली चोरी) कम करने, बकायेदारों से राजस्व वसूलने व उपभोक्ताओं की समस्याओं का जल्द से जल्द निवारण करने पर सहमति बनी है। इसके कारण फिलहाल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव टल गया है। इसी के साथ आने वाले तीन महीने बिजली महकमे के लिए काफी चुनौती पूर्ण हैं। विद्युत भवन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मुरादाबाद शहर में प्रतिमाह औसतन साढ़े सात करोड़ रुपये की बिजली चोरी दर्ज की जा रही है। जबकि जोनल स्तर पर यह आंकड़ा लगभग 2 अरब रुपये का है। अब इस पर लगाम लगाने के लिए विद्युत विभाग को मिशन मोड में कार्य करना होगा। हालांकि मंडल में रोजाना सैकड़ों बकायेदारों के कनेक्शन काटकर उनसे राजस्व वसूला जा रहा है।
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देहात फीडरों पर सर्वाधिक चोरी
सबसे ज्यादा चोरी ग्राणीण क्षेत्र के फीडरों पर दर्ज की गई है। मुरादाबाद देहात के 65 से 75 फीसदी तक लाइनलॉस वाले 13 फीडरों को चिन्हित किया गया है। जिनमें रतनपुर, दलपतपुर-गोट, चौधरपुर, कुड़फतेहगढ़, जैतवाड़ा, अगवानपुर, हिरनखेड़ा, सिकंदरपुर आदि फीडर आते हैं। इसके अलावा संभल व चंदौसी के फीडरों को सर्वाधिक लाइनलॉस के कारण कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया है।
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शहर में लाइन लास की स्थिति (पिछले 5 महीनें का विवरण मिलीयन यूनिट में )
वि. खंड इनपुट बिक्री चोरी
प्रथम 122.616 113.34 9.303
द्वितीय 136.395 112.486 23.849
तृतीय 129.595 96.723 32.872
कुल लॉस - 6 करोड़ 60 लाख 24 हजार यूनिट
रुपयों में नुकसान - 46 करोड़ 21 लाख 68 हजार
यह है राजस्व वसूली की स्थिति
पिछले तीन माह में शहर में सात सौ उनहत्तर बार विद्युत विभाग की टीम ने रेड की। जिसमें कुल 1 करोड़ 76 लाख 31 हजार रुपये के बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए। इससे विभाग को 56 लाख 60 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह स्थिति विभाग को लगातार बनाए रखनी होगी। जिससे अधिक से अधिक बिजली चोरों पर कार्रवाई हो सके और बिजली चोरी पर रोक लगाई जा सके।
वर्जन
विभाग स्थिति का सामना करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रहा है। जिससे लाइन लास पर नियंत्रण लगाया जा सके। टीम गठित करके उपभोक्ताओं को जागरूक करने, बिजली चोरों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की रणनीति बनाई जा रही है। हमें विश्वास है कि हम अगले तीन माह में बेहतर परिणाम शासन के सामने रख सकेंगे। - संजय आनंद जैन, मुख्य अभियंता
शहर में लगातार सघन चेकिंग चल रही है। रोजाना सैकड़ों कनेक्शन काटे जा रहे हैं। कुछ इलाकों के लोगों की मानसिकता पिछड़ी है। जब तक वह ठीक नहीं होगी बिजली चोरी नहीं रुकेगी। बुधवार को 33 लाख रुपये के 85 बकाएदारों के कनेक्शन काटे गए हैं। इसमें 11 लाख रुपये के राजस्व की वसूली भी की गई है।- अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय