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Moradabad News: राज्य कर का रामपुर में चार स्थानों पर छापा, करोड़ों की गड़बड़ी पकड़ी गई
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मुरादाबाद।
राज्य कर विभाग की टीम ने रामपुर जिले में लकड़ी की चार फर्मों में मंगलवार की सुबह छापा मारकर करोड़ों की जीएसटी चोरी पकड़ी। व्यवसायियों ने तत्काल 58 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना जमा किया।
जीएसटी की आयुक्त के निर्देश पर मुरादाबाद जोन के एसआईबी से जुड़े 15 अधिकारियों की टीम ने रामपुर शहर की चार फर्मों में छापा मारा। चारों फर्मों में से तीन फर्में लकड़ी की एवं एक फर्म ट्रांसपोर्ट कंपनी की है। इसके अलावा एक ब्रांच कार्यालय की भी छानबीन हुई। पूछताछ से पता चला कि चारों फर्मों के स्वामी आपस में रिश्तेदार हैं। ये फर्में एक ही इलाके में स्थित हैं।
एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर आरए सेठ ने बताया कि लकड़ी की तीनों फर्मों द्वारा ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से आपस में सांठगांठ करते हुए फर्जी ढंग से खरीद बिक्री की जा रही थी । इन फर्मों के माध्यम से 2023-24 में कुल 2488.66 लाख की फर्जी खरीद करते हुए 4.65 करोड़ का बोगस आईटीसी क्लेम किया गया था। व्यापार स्थल से कुछ संदिग्ध कागजातों को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के समय मौके पर ही व्यापारी ने 58.70 लाख जमा किया। जांच टीम का नेतृत्व संयुक्त आयुक्त मोहित गुप्ता, सम्भाग-बी ने किया। जांच में उपायुक्त विकास बहादुर चौधरी, धर्मेंद्र कुमार सचान, रनंजय यादव, राज्य कर अधिकारी सचल दल के अनूप कुमार और शुभव सिंह शामिल थे।
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रामपुर की लकड़ी फर्मों में दो बार पहले भी पड़ चुका है छापा
राज्य कर की टीमों ने दो बार पहले भी लकड़ी फर्मों पर छापा मारा था। इस दौरान करोड़ों की जीएसटी चोरी का मामला पकड़ा गया था। व्यवसायियों ने पकड़े जाने पर तत्काल जुर्माना भरा था। नौ मई को राज्य कर की टीमों ने रामपुर जिले में छापा मारकर साढ़े सात करोड़ की फर्जी आईटीसी पकड़ी थी। इस मामले में व्यवसायी को तत्काल 20 लाख रुपये जुर्माना के तौर पर जमा करना पड़ा। इसके पहले पांच मार्च को राज्य कर की टीमों ने रामपुर की दस लकड़ी की फर्मों पर छापा मारा था। जांच के दौरान जीएसटी चोरी पकड़े जाने पर दो व्यवसायियों ने 96 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भरा था। 25 मई को भी राज्य कर सचल टीमों ने लकड़ी व्यवसायी को हाईवे पर पकड़ा था। इस बारे में एडिशनल कमिश्नर आरए सेठ ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने करोड़ों की कर चोरी पकड़कर राजस्व जमा कराया है। अभी भी कई फर्मों की जांच चल रही है। रामपुर से ही उत्तराखंड और दिल्ली में लकड़ी का कारोबार हो रहा है।
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राज्य कर विभाग की टीम ने रामपुर जिले में लकड़ी की चार फर्मों में मंगलवार की सुबह छापा मारकर करोड़ों की जीएसटी चोरी पकड़ी। व्यवसायियों ने तत्काल 58 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना जमा किया।
जीएसटी की आयुक्त के निर्देश पर मुरादाबाद जोन के एसआईबी से जुड़े 15 अधिकारियों की टीम ने रामपुर शहर की चार फर्मों में छापा मारा। चारों फर्मों में से तीन फर्में लकड़ी की एवं एक फर्म ट्रांसपोर्ट कंपनी की है। इसके अलावा एक ब्रांच कार्यालय की भी छानबीन हुई। पूछताछ से पता चला कि चारों फर्मों के स्वामी आपस में रिश्तेदार हैं। ये फर्में एक ही इलाके में स्थित हैं।
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एसआईबी के एडिशनल कमिश्नर आरए सेठ ने बताया कि लकड़ी की तीनों फर्मों द्वारा ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से आपस में सांठगांठ करते हुए फर्जी ढंग से खरीद बिक्री की जा रही थी । इन फर्मों के माध्यम से 2023-24 में कुल 2488.66 लाख की फर्जी खरीद करते हुए 4.65 करोड़ का बोगस आईटीसी क्लेम किया गया था। व्यापार स्थल से कुछ संदिग्ध कागजातों को जांच टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के समय मौके पर ही व्यापारी ने 58.70 लाख जमा किया। जांच टीम का नेतृत्व संयुक्त आयुक्त मोहित गुप्ता, सम्भाग-बी ने किया। जांच में उपायुक्त विकास बहादुर चौधरी, धर्मेंद्र कुमार सचान, रनंजय यादव, राज्य कर अधिकारी सचल दल के अनूप कुमार और शुभव सिंह शामिल थे।
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रामपुर की लकड़ी फर्मों में दो बार पहले भी पड़ चुका है छापा
राज्य कर की टीमों ने दो बार पहले भी लकड़ी फर्मों पर छापा मारा था। इस दौरान करोड़ों की जीएसटी चोरी का मामला पकड़ा गया था। व्यवसायियों ने पकड़े जाने पर तत्काल जुर्माना भरा था। नौ मई को राज्य कर की टीमों ने रामपुर जिले में छापा मारकर साढ़े सात करोड़ की फर्जी आईटीसी पकड़ी थी। इस मामले में व्यवसायी को तत्काल 20 लाख रुपये जुर्माना के तौर पर जमा करना पड़ा। इसके पहले पांच मार्च को राज्य कर की टीमों ने रामपुर की दस लकड़ी की फर्मों पर छापा मारा था। जांच के दौरान जीएसटी चोरी पकड़े जाने पर दो व्यवसायियों ने 96 लाख 64 हजार रुपये का जुर्माना भरा था। 25 मई को भी राज्य कर सचल टीमों ने लकड़ी व्यवसायी को हाईवे पर पकड़ा था। इस बारे में एडिशनल कमिश्नर आरए सेठ ने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने करोड़ों की कर चोरी पकड़कर राजस्व जमा कराया है। अभी भी कई फर्मों की जांच चल रही है। रामपुर से ही उत्तराखंड और दिल्ली में लकड़ी का कारोबार हो रहा है।