UP: करोड़ों का कारोबार..कमाई लाखों में दिखाई, चार जिलों में राज्यकर विभाग का छापा, ग्राहकों की एंट्री तक जांची
राज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने मुरादाबाद, बरेली, रामपुर और बिजनौर में नौ ब्यूटी पार्लरों व मेकअप सामान विक्रेताओं पर छापेमारी की। इनमें से छह स्थान मुरादाबाद के हैं। आरोप है कि करोड़ों का कारोबार होने के बावजूद कारोबारी लाखों में ही आय दिखाते थे।
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करोड़ों का कारोबार करने के बावजूद लाखों में कमाई दिखाने वाले ब्यूटी पार्लरों पर राज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा की ओर से छापे मारे गए। मुरादाबाद, बरेली, रामपुर और बिजनौर में नौ स्थानों पर कार्रवाई हुई। इसमें मुरादाबाद शहर के छह स्थान शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का बृहस्पतिवार तक आकलन हो पाएगा। शहर के कई ब्यूटी पार्लरों पर ग्राहकों से पैकेज के नाम पर मोटी कमाई की जाती है। इसके अलावा मेकअप सामान विक्रेता भी ब्रांडेड सामान बताकर अच्छी बिक्री करते हैं।
कई ब्यूटी पार्लर पर युवक-युवतियों को प्रशिक्षण देने के नाम पर लाखों की फीस वसूली जा रही है। करोड़ों के कारोबार के बावजूद ब्यूटी पार्लर संचालक और मेकअप सामान विक्रेता आय लाखों में ही दिखाते हैं। पिछले दो महीने से राज्यकर के अधिकारी इनकी निगरानी कर रहे थे।
वहां पर आने वाले ग्राहकों और बिलिंग के आधार पर उन्होंने कारोबार का आकलन किया और फिर बुधवार को छापे मारे। इसमें रामगंगा विहार सहित कांठ रोड पर तीन जगह, दिल्ली रोड, गांधी नगर और बुद्धि विहार में कार्रवाई हुई।
ग्राहकों की एंट्री से लेकर बिल तक जांचे
इसके अलावा बिजनौर, बरेली और रामपुर में भी कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई के लिए राज्यकर विभाग के 32 अधिकारी लगाए गए थे। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान ग्राहकों की एंट्री से लेकर बिलिंग तक की बारीकी से जांच की। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई में आय और कर जमा करने में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
अफसरों ने बताया कि इन कारोबारियों के यहां पर जीएसटी चोरी की जांच की जा रही है। सभी के ई वे बिल और आईटीसी का ब्योरा इकट्ठा किया जा रहा है। आशंका है कि कारोबारियों ने करोड़ों की जीएसटी चोरी की है। देर रात तक कार्रवाई जारी रहने की वजह से पूरा विवरण नहीं मिल सका है।
नौ जगहों पर कार्रवाई हुई है। बुधवार को पूरा विवरण नहीं मिल सका है, क्योंकि जांच जारी है। बृहस्पतिवार को जांच करने के बाद जीएसटी चोरी की जानकारी मिल पाएगी। - अशोक कुमार सिंह, अपर आयुक्त, ग्रेड वन, राज्य कर विभाग