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ले कांवड़ संग जल की गगरी, शिवमय हो गई पीतलनगरी
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मुरादाबाद के रामपुर दोराहे पुल पर जिला रामपुर के कांवडियों का जत्था देश भक्ति के रंग में रंगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। सावन के चौथे सोमवार की तैयारियों के लिए शहर की प्रमुख सड़कें भगवा रंग में रंग गई हैं। भोलेबाबा के जयकारों से शहर गूंज रहा है। चारों तरफ भोले के भक्तों की टोलियां नजर आ रही हैं। कांठ रोड और दिल्ली रोड पर कदम-कदम पर शिविर लगाए गए हैं। उनके आराम और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शिविरों में पूरा ध्यान रखा जा रहा है। भोले बाबा की बारात में युवा ही नहीं, बल्कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं का उत्साह भी देखने लायक है।
मुरादाबाद में चौथे सोमवार को हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लाकर देवाधिदेव महादेव पर जलाभिषेक करने का प्रचलन है। इसके लिए शुक्रवार से शनिवार सुबह तक शहर की प्रत्येक कालोनी से कांवड़ियों का जत्था निकला। छोटे-बड़े ट्रकों पर सजे डीजे और खाने-पीने के इंतजाम किए गए थे। परिवार की महिलाओं ने रोली-तिलक लगाकर उन्हें विदा किया। इसके अलावा रामपुर और बरेली जाने वाली कांवड़ों की कांठ रोड पर लाइन लग गईं। डीजे पर बजते भोलेबाबा के भजन उनके उत्साह को दोगुना कर रहे थे। दोपहर में भीषण गर्मी होने के बावजूद उनके कदमों में थकान नहीं थी। हर दस से 15 मीटर की दूरी पर एक भोले का बेड़ा था। प्रत्येक बेड़े में 50 से 60 सदस्यों का जत्था था। कंधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरू और तन पर भगवा वस्त्र पहने भक्त भोले की भक्ति में झूमते हुए अपने गंतव्य को गए। कांवड़ियों के नंगे पैरों में कंकड़-पत्थर चुभ रहे हैं, लेकिन शिवशंकर की धुन में वह यह दर्द भी हंसते-हंसते सहकर आगे बढ़ रहे हैं।
तिरंगा से देशभक्ति का संदेश
भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का संदेश भी दे रहे हैं। उनकी कांवड़ से लेकर ट्रैक्टर और ट्रक पर तिरंगा लगाकर चल रहे हैं। छोटे से बड़े तिरंगा की वजह से माहौल देशभक्ति का बन रहा है। भगवा पताका की भांति चार से छह तिरंगों को एक साथ लहराया जा रहा है।
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मन मोह रहीं झांकियां
शिविरों में भोले के भक्तों के लिए नाश्ता, भोजन की पूरी व्यवस्था है। बीमार होने पर भोले के भक्तों के लिए उपचार का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा शिव परिवार और मातारानी की झांकियां मन मोह रही हैं। भजनों पर भालेनाथ के स्वरूप नृत्य कर रहे हैं। भंडारे में क्षेत्रवासियों ने भी भगवान का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया।
जगह-जगह व्यंजनों की खुशबू
कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर तो लगाए ही गए हैं। साथ ही ज्यादातर ट्रैक्टर और ट्रक पर कावड़ियों की रसोई भी शामिल है। वह जहां भी आराम के लिए रुकते हैं, वहीं कढ़ाई पर पूड़ी, हलवा, चाय-पकौड़ी तलने लगते हैं। इससे पूरे वातावरण में व्यंजनों की खुशबू घुल जाती है।
आड़े नहीं आ रही दिव्यांगता
भोले की बारात में हर कोई शामिल है। यहां पर महिला, पुुरुष, बालक और शारीरिक रूप से दिव्यांगों के बीच का फर्क मिट गया है। व्हीलचेयर में बहुत से दिव्यांग हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं। वहीं दस से 12 साल के बच्चे भी कंधे पर कांवड़ उठाए जोश में शिवालयों की ओर चले जा रहे हैं। सभी के होठों पर सिर्फ भोले का नाम है।
यातायात व्यवस्था में कर रहे मदद
कांवड़िए सिर्फ कांवड़ लेकर ही नहीं आ रहे हैं, बल्कि यातायात व्यवस्था में भी मदद कर रहे हैं। 50 से 60 कांवड़ियों का बेड़ा ट्रक, ट्रैक्टर आदि के पीछे लाइनों में चलता है तो ट्रक-ट्रैक्टर के सामने आकर चार से पांच कांवड़िए मार्ग में आने वाले वाहनों को लाइन में लगवाते हैं, ताकि कोई अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
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मुरादाबाद। सावन के चौथे सोमवार की तैयारियों के लिए शहर की प्रमुख सड़कें भगवा रंग में रंग गई हैं। भोलेबाबा के जयकारों से शहर गूंज रहा है। चारों तरफ भोले के भक्तों की टोलियां नजर आ रही हैं। कांठ रोड और दिल्ली रोड पर कदम-कदम पर शिविर लगाए गए हैं। उनके आराम और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शिविरों में पूरा ध्यान रखा जा रहा है। भोले बाबा की बारात में युवा ही नहीं, बल्कि बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं का उत्साह भी देखने लायक है।
मुरादाबाद में चौथे सोमवार को हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लाकर देवाधिदेव महादेव पर जलाभिषेक करने का प्रचलन है। इसके लिए शुक्रवार से शनिवार सुबह तक शहर की प्रत्येक कालोनी से कांवड़ियों का जत्था निकला। छोटे-बड़े ट्रकों पर सजे डीजे और खाने-पीने के इंतजाम किए गए थे। परिवार की महिलाओं ने रोली-तिलक लगाकर उन्हें विदा किया। इसके अलावा रामपुर और बरेली जाने वाली कांवड़ों की कांठ रोड पर लाइन लग गईं। डीजे पर बजते भोलेबाबा के भजन उनके उत्साह को दोगुना कर रहे थे। दोपहर में भीषण गर्मी होने के बावजूद उनके कदमों में थकान नहीं थी। हर दस से 15 मीटर की दूरी पर एक भोले का बेड़ा था। प्रत्येक बेड़े में 50 से 60 सदस्यों का जत्था था। कंधे पर कांवड़, पैरों में घुंघरू और तन पर भगवा वस्त्र पहने भक्त भोले की भक्ति में झूमते हुए अपने गंतव्य को गए। कांवड़ियों के नंगे पैरों में कंकड़-पत्थर चुभ रहे हैं, लेकिन शिवशंकर की धुन में वह यह दर्द भी हंसते-हंसते सहकर आगे बढ़ रहे हैं।
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तिरंगा से देशभक्ति का संदेश
भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में देशभक्ति का संदेश भी दे रहे हैं। उनकी कांवड़ से लेकर ट्रैक्टर और ट्रक पर तिरंगा लगाकर चल रहे हैं। छोटे से बड़े तिरंगा की वजह से माहौल देशभक्ति का बन रहा है। भगवा पताका की भांति चार से छह तिरंगों को एक साथ लहराया जा रहा है।
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मन मोह रहीं झांकियां
शिविरों में भोले के भक्तों के लिए नाश्ता, भोजन की पूरी व्यवस्था है। बीमार होने पर भोले के भक्तों के लिए उपचार का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा शिव परिवार और मातारानी की झांकियां मन मोह रही हैं। भजनों पर भालेनाथ के स्वरूप नृत्य कर रहे हैं। भंडारे में क्षेत्रवासियों ने भी भगवान का प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया।
जगह-जगह व्यंजनों की खुशबू
कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर तो लगाए ही गए हैं। साथ ही ज्यादातर ट्रैक्टर और ट्रक पर कावड़ियों की रसोई भी शामिल है। वह जहां भी आराम के लिए रुकते हैं, वहीं कढ़ाई पर पूड़ी, हलवा, चाय-पकौड़ी तलने लगते हैं। इससे पूरे वातावरण में व्यंजनों की खुशबू घुल जाती है।
आड़े नहीं आ रही दिव्यांगता
भोले की बारात में हर कोई शामिल है। यहां पर महिला, पुुरुष, बालक और शारीरिक रूप से दिव्यांगों के बीच का फर्क मिट गया है। व्हीलचेयर में बहुत से दिव्यांग हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे हैं। वहीं दस से 12 साल के बच्चे भी कंधे पर कांवड़ उठाए जोश में शिवालयों की ओर चले जा रहे हैं। सभी के होठों पर सिर्फ भोले का नाम है।
यातायात व्यवस्था में कर रहे मदद
कांवड़िए सिर्फ कांवड़ लेकर ही नहीं आ रहे हैं, बल्कि यातायात व्यवस्था में भी मदद कर रहे हैं। 50 से 60 कांवड़ियों का बेड़ा ट्रक, ट्रैक्टर आदि के पीछे लाइनों में चलता है तो ट्रक-ट्रैक्टर के सामने आकर चार से पांच कांवड़िए मार्ग में आने वाले वाहनों को लाइन में लगवाते हैं, ताकि कोई अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

मुरादाबाद के डबल फाटक फलाइ्र ओवर कांवडियो के जत्था।

मुरादाबाद के रामपुर दोराहे पुल पर जिला रामपुर के कांवडियों का जत्था देश भक्ति के रंग में रंगा।

मुरादाबाद के दिल्ली रोउ पर भाले नाथ केशिवलिंग की कांवड में जल लाता कांवडिया।

मुरादाबाद के दिल्ली रोड पर कांवडियो के जत्थे के साथ सजी भगवान की झांकी।

मुरादाबाद के रामपुर दोराहे पुल पर जिला रामपुर के कांवडियों का जत्था देश भक्ति के रंग में रंगा।