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Moradabad News: दो माह बाद शुरू होंगी सेमेस्टर परीक्षाएं, अभी तक चलीं 20 कक्षाएं
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मुरादाबाद। महाविद्यालयों में स्नातक के तीसरे और पांचवें सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के सामने अधूरी तैयारी के ही परीक्षा देने की स्थिति बन रही है। जिले के कुछ कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो कुछ में चल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को आगामी दो महीने में दो परीक्षाएं देनी होंगीं जब कि इस बीच दिवाली समेत अन्य अवकाश भी हैं।
केजीके पीजी कॉलेज, हिंदू पीजी कॉलेज, एमएच कॉलेज समेत जिले के अन्य महाविद्यालयों में स्नातक के पांचवें और तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं चल रही हैं। अभी तक छात्र-छात्राओं ने 20 से 25 दिन ही पढ़ाई की। दो महीने बाद सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी तब तक परीक्षा की तैयारियां पूरी होने की संभावना कम है। नियमानुसार कुल 105 दिन की समेस्टर कक्षाएं होती हैं। इसमें छात्र-छात्राओं को 90 दिन कक्षाएं करना अनिवार्य होता है। लेकिन छात्र-छात्राओं को 70 से 80 दिन कक्षाएं करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि अगले दो महीने के भीतर दिवाली समेत कई अवकाश पड़ेंगे। फिलहाल अभी कॉलेजों में बैक पेपर चल रहे हैं। इसके कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। केजीके कॉलेज में बीए पांचवें सेमेस्टर में पढ़ने वाली राधा कुमारी ने बताया कि ठीक से तैयारी नहीं होने के कारण बैक लगने की संभावना बढ़ जाती है। अगर नियमित कक्षाएं चले और ठीक से तैयारी कराई जाए तो सेमेस्टर परीक्षा में कभी भी बैक न लगे। वहीं आशीष राणा ने बताया कि पढ़ाई कम हो रही है। केवल एलएलबी में कक्षाएं चल रही हैं। अगर तैयारी ठीक से नहीं हुई तो परीक्षा में समस्या का सामना करना पड़ेगा। केजीके कॉलेज में पढ़ने वाले रोहन ने बताया कि एक महीने से कक्षाएं चल रही हैं। लेकिन अभी तक ठीक से कक्षाएं नहीं चल पाई है। अगर इसी तरह कक्षाएं चलेंगी तो दो महीने बाद होने वाली परीक्षा में समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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-कुछ विषयों की कक्षाएं शिक्षकों के अभाव में नहीं चल पाती हैं। इसके कारण उस विषय के छात्र भी कॉलेज आना कम कर देते हैं। कक्षाएं कम चलने की वजह से परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं हो पाती है। इसके कारण बैक लग जाता है।- गौरव छत्रीय, महानगर मंत्री, एबीवीपी
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वर्जन
-अगस्त से कक्षाएं चलनी शुरू हो गई हैं। बीच में परीक्षाएं और अवकाश हो जाने से कम कक्षाएं चली हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि नवंबर के लास्ट तक पूरा सेलेबस कंपलीट करा दिया जाए। - प्रो. अजय सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य, केजीके पीजी कॉलेज
स्थायीकरण नहीं होने पर शिक्षकों की पदोन्नति रुकी
मुरादाबाद। केजीके महाविद्यालय में 12 शिक्षकों को चार साल बाद भी स्थाई नियुक्ति नहीं दी गई। इसके कारण कई शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पाई। शिक्षकों ने बताया कि निदेशालय से स्थाई करने के लिए पत्र जारी किया गया। इसके बावजूद उन्हें स्थाई नहीं किया गया। इसके कारण काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
केजीके महाविद्यालय समेत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण 2020 में स्थाई पद के लिए शिक्षकों को सृजित किया गया। शिक्षकों का कहना है कि मुरादाबाद समेत अन्य जिलों के महाविद्यालयों में अस्थाई शिक्षकों को स्थाई कर दिया गया है। लेकिन केजीकी पीजी कॉलेज के शिक्षकों को स्थाई नहीं किया गया है। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें स्थाई करने के लिए 2024 में निदेशालय द्वारा पत्र जारी किया गया था। मैनेजमेंट द्वारा नौकरी के प्रारंभिक चरण के एक साल के भीतर नियुक्त अस्थाई शिक्षक का मूल्यांकन करना होता है। इस दौरान अस्थाई शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है। सब कुछ होने के बाद भी स्थाई नहीं किया गया है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मैनेजमेंट की ओर से सभी अस्थाई शिक्षकों की प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
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केजीके पीजी कॉलेज, हिंदू पीजी कॉलेज, एमएच कॉलेज समेत जिले के अन्य महाविद्यालयों में स्नातक के पांचवें और तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं चल रही हैं। अभी तक छात्र-छात्राओं ने 20 से 25 दिन ही पढ़ाई की। दो महीने बाद सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी तब तक परीक्षा की तैयारियां पूरी होने की संभावना कम है। नियमानुसार कुल 105 दिन की समेस्टर कक्षाएं होती हैं। इसमें छात्र-छात्राओं को 90 दिन कक्षाएं करना अनिवार्य होता है। लेकिन छात्र-छात्राओं को 70 से 80 दिन कक्षाएं करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि अगले दो महीने के भीतर दिवाली समेत कई अवकाश पड़ेंगे। फिलहाल अभी कॉलेजों में बैक पेपर चल रहे हैं। इसके कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। केजीके कॉलेज में बीए पांचवें सेमेस्टर में पढ़ने वाली राधा कुमारी ने बताया कि ठीक से तैयारी नहीं होने के कारण बैक लगने की संभावना बढ़ जाती है। अगर नियमित कक्षाएं चले और ठीक से तैयारी कराई जाए तो सेमेस्टर परीक्षा में कभी भी बैक न लगे। वहीं आशीष राणा ने बताया कि पढ़ाई कम हो रही है। केवल एलएलबी में कक्षाएं चल रही हैं। अगर तैयारी ठीक से नहीं हुई तो परीक्षा में समस्या का सामना करना पड़ेगा। केजीके कॉलेज में पढ़ने वाले रोहन ने बताया कि एक महीने से कक्षाएं चल रही हैं। लेकिन अभी तक ठीक से कक्षाएं नहीं चल पाई है। अगर इसी तरह कक्षाएं चलेंगी तो दो महीने बाद होने वाली परीक्षा में समस्या का सामना करना पड़ेगा।
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-कुछ विषयों की कक्षाएं शिक्षकों के अभाव में नहीं चल पाती हैं। इसके कारण उस विषय के छात्र भी कॉलेज आना कम कर देते हैं। कक्षाएं कम चलने की वजह से परीक्षा की तैयारी ठीक से नहीं हो पाती है। इसके कारण बैक लग जाता है।- गौरव छत्रीय, महानगर मंत्री, एबीवीपी
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-अगस्त से कक्षाएं चलनी शुरू हो गई हैं। बीच में परीक्षाएं और अवकाश हो जाने से कम कक्षाएं चली हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि नवंबर के लास्ट तक पूरा सेलेबस कंपलीट करा दिया जाए। - प्रो. अजय सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य, केजीके पीजी कॉलेज
स्थायीकरण नहीं होने पर शिक्षकों की पदोन्नति रुकी
मुरादाबाद। केजीके महाविद्यालय में 12 शिक्षकों को चार साल बाद भी स्थाई नियुक्ति नहीं दी गई। इसके कारण कई शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पाई। शिक्षकों ने बताया कि निदेशालय से स्थाई करने के लिए पत्र जारी किया गया। इसके बावजूद उन्हें स्थाई नहीं किया गया। इसके कारण काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
केजीके महाविद्यालय समेत प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण 2020 में स्थाई पद के लिए शिक्षकों को सृजित किया गया। शिक्षकों का कहना है कि मुरादाबाद समेत अन्य जिलों के महाविद्यालयों में अस्थाई शिक्षकों को स्थाई कर दिया गया है। लेकिन केजीकी पीजी कॉलेज के शिक्षकों को स्थाई नहीं किया गया है। शिक्षकों ने बताया कि उन्हें स्थाई करने के लिए 2024 में निदेशालय द्वारा पत्र जारी किया गया था। मैनेजमेंट द्वारा नौकरी के प्रारंभिक चरण के एक साल के भीतर नियुक्त अस्थाई शिक्षक का मूल्यांकन करना होता है। इस दौरान अस्थाई शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की जाती है। सब कुछ होने के बाद भी स्थाई नहीं किया गया है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मैनेजमेंट की ओर से सभी अस्थाई शिक्षकों की प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।