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UP: बावड़ी के बाद संभल में अब यहां होगी खोदाई... मढ़ी पर है प्राचीन मंदिर, कुआं और सुरंग; कराई गई सफाई
Thu, 02 Jan 2025 01:43 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:43 PM IST
सार
Sambhal News: संभल जिले में अब इस मढ़ी पर खोदाई होगी। खोदाई से पहले सफाई कराई गई है। महंत किशन महाराज का कहना है कि मढ़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की है।
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Sambhal Stepwell
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Sambhal Chandausi News: संभल के चंदौसी में मोहल्ला लक्ष्मणगंज में बावड़ी की पूरी इमारत तलाशने के लिए बुधवार को भी खोदाई का काम जारी रहा। करीब 30 फीट नीचे तक खोदाई हो चुकी है। उधर, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों से घिरे संभल में आए दिन नए-नए रहस्यों की जानकारी सामने आ रही है।
संभल जिले में जगह-जगह मुगलकाल और पृथ्वीराज चौहान के काल के स्थान मिल रहे हैं। संभल की प्राचीन बावड़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की मानी जा रही है। वहीं, फिरोजपुर का किला मुगलकालीन दौर का बना है।
चंदौसी तहसील के गांव खेतापुर अमरपुर उर्फ धर्मपुर में स्थित चुअर खेड़ा मढ़ी (प्राचीन सिद्ध पीठ आश्रम) के महंत किशन महाराज का कहना है कि मढ़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की है।
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महंत ने बताया कि वर्ष 2004 के दौरान भी सुरंग की खोदाई हुई थी, तो सिक्के भी मिले थे। इन्हीं दावों को देखते हुए प्रशासन ने अब इस मढ़ी की सफाई करा दी है। मढ़ी पर प्राचीन मंदिर, कुआं, और सुरंग है।
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संभल जिले में जगह-जगह मुगलकाल और पृथ्वीराज चौहान के काल के स्थान मिल रहे हैं। संभल की प्राचीन बावड़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की मानी जा रही है। वहीं, फिरोजपुर का किला मुगलकालीन दौर का बना है।
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चंदौसी तहसील के गांव खेतापुर अमरपुर उर्फ धर्मपुर में स्थित चुअर खेड़ा मढ़ी (प्राचीन सिद्ध पीठ आश्रम) के महंत किशन महाराज का कहना है कि मढ़ी पृथ्वीराज चौहान के शासनकाल की है।
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महंत ने बताया कि वर्ष 2004 के दौरान भी सुरंग की खोदाई हुई थी, तो सिक्के भी मिले थे। इन्हीं दावों को देखते हुए प्रशासन ने अब इस मढ़ी की सफाई करा दी है। मढ़ी पर प्राचीन मंदिर, कुआं, और सुरंग है।
महंत ने बताया कि वह 17 वर्ष से मढ़ी पर रह रहे हैं। महंत का दावा है कि यह सुरंग संभल तक जाती है, जो यहां से करीब 24 किलोमीटर दूर है। वहीं उनके मुताबिक करीब 800 वर्ष पहले मढ़ी से सुरंग बनी थी। उधर, प्रशासन ने अब इस मढ़ी पर बनी सुरंग की खोदाई कराने की बात कही है।
68 तीर्थों व 19 कुएं का भी होगा सौंदर्यीकरण
जिले में 68 तीर्थ और 19 कुएं धार्मिक महत्व को बताते हैं। इन सभी स्थानों पर एएसआई की टीम भी सर्वे कर चुकी है। हालांकि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिलना बाकी है। उसके आधार पर इन सभी स्थानों पर सौंदर्यीकरण का कार्य होना है।
जिले में 68 तीर्थ और 19 कुएं धार्मिक महत्व को बताते हैं। इन सभी स्थानों पर एएसआई की टीम भी सर्वे कर चुकी है। हालांकि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिलना बाकी है। उसके आधार पर इन सभी स्थानों पर सौंदर्यीकरण का कार्य होना है।
प्राचीन स्थल की साफ-सफाई करा दी गई है। निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके बाद खोदाई भी कराई जाएगी। - डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।
खग्गू सराय पहुंचे स्वामी गोविंदानंद, मंदिर में की आरती
रथयात्रा लेकर संभल पहुंचे स्वामी गोविंदानंद सरस्वती बुधवार को संभल के मोहल्ला खग्गू सराय में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान की आरती की। साथ ही विश्व कल्याण की कामना की। स्वामी गोविंदानंद देशभर में हनुमान जी की प्रतिमा का भ्रमण करा रहे है। उधर, बुधवार को भी 46 साल बाद खुले प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालु ने पहुंचकर पूजा की। यह मंदिर संभल में 1978 में हुए दंगों के बाद से बंद पड़ा था, जो पुलिस प्रशासन के सहयोग से 14 दिसंबर को खोला गया था।
रथयात्रा लेकर संभल पहुंचे स्वामी गोविंदानंद सरस्वती बुधवार को संभल के मोहल्ला खग्गू सराय में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान की आरती की। साथ ही विश्व कल्याण की कामना की। स्वामी गोविंदानंद देशभर में हनुमान जी की प्रतिमा का भ्रमण करा रहे है। उधर, बुधवार को भी 46 साल बाद खुले प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालु ने पहुंचकर पूजा की। यह मंदिर संभल में 1978 में हुए दंगों के बाद से बंद पड़ा था, जो पुलिस प्रशासन के सहयोग से 14 दिसंबर को खोला गया था।
गोविंदानंद महाराज कर्नाटक राज्य के जिला कोप्पल विजयनगर अंतर्गत किष्किंधा, जो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की जन्मभूमि है, वहां से हनुमान जी की प्रतिमा को भारत भ्रमण पर लेकर निकले हैं। कर्नाटक के मंदिर में प्रतिष्ठित की जाने वाली हनुमान जी की प्रतिमा को देश में तीर्थ यात्रा कराई जा रही है। इसी क्रम में प्रतिमा को भगवान श्री कल्कि के दर्शन कराने के लिए संभल में कल्कि भगवान के दर्शन के लिए लाया गया।
बुधवार को खग्गूसराय, शंकर चौराहा समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों पर रथ द्वारा ही भव्य यात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने दर्शन किए। रथयात्रा में सनातन संस्कृति का विशेष प्रदर्शन देख लोग चकित रह गए। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, सोनू चाहल, रीपिल चौधरी भी मौजूद रहे। इन्होंने रथयात्रा में भागीदारी करते हुए आरती में भाग लिया।
गदा लेकर खुद चले संभल के सीओ
सीओ अनुज चौधरी नगर के मोहल्ला खग्गू सराय में रथयात्रा के साथ थे। वे खुद ही हनुमान जी की गदा लिए चल रहे थे। खग्गू सराय से वे अस्पताल चौराहे तक रथयात्रा के साथ में रहे और गदा थामे रहे। इस दौरान भजन कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहा।
सीओ अनुज चौधरी नगर के मोहल्ला खग्गू सराय में रथयात्रा के साथ थे। वे खुद ही हनुमान जी की गदा लिए चल रहे थे। खग्गू सराय से वे अस्पताल चौराहे तक रथयात्रा के साथ में रहे और गदा थामे रहे। इस दौरान भजन कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहा।