फांसी पर झूला मासूम: बीड़ी पीने पर डांटा तो कक्षा चार के छात्र ने दी जान, दो दिन बाद मिला शव, परिजन रह गए सन्न
संभल में बीड़ी पीने पर डांट लगाने से नाराज छात्र ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव दो दिन बाद बरामद किया गया है। शव मिलने की जानकारी के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
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स्कूल में बीड़ी पीने की शिकायत मिलने पर परिजनों ने डांटा तो गांव बेला की मिलक निवासी कक्षा चार के छात्र अरुण (13) पुत्र प्रतिपाल ने मौत को गले गला लिया। 30 जुलाई को स्कूल जाने के बाद वह घर नहीं लौटा था। दो दिन बाद बृहस्पतिवार को छात्र का शव खेत में यूकेलिप्टस के पेड़ से लटका मिला।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। असमोली थाना क्षेत्र के गांव बेला की मिलक निवासी प्रतिपाल का बेटा अरुण टांडा कोठी स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा चार का छात्र था। 30 जुलाई की सुबह अरुण साइकिल से स्कूल पढ़ने के लिए गया था लेकिन शाम तक घर नहीं लौटा।
परिजनों को चिंता हुई तो उसकी तलाश शुरू की गई। मगर उसका पता नहीं चल सका। जिसके बाद बुधवार को परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। बृहस्पतिवार की सुबह गांव की महिलाएं खेतों में घास काट रही थीं। दुर्गंध आने पर महिलाएं यूकेलिप्ट्स के पेड़ के पास पहुंचीं तो अरुण का शव पेड़ से लटका था।
महिलाओं ने आसपास खेतों में काम करने वालों के साथ ही परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजनों के साथ पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
घर लौटने की बात न कहकर निकला था अरुण
थाना प्रभारी हरीश कुमार के अनुसार, परिजनों ने बताया कि 29 जुलाई को शिक्षकों ने अरुण को स्कूल के बाहर बीड़ी पीते देखा था। जिसके बाद शिक्षकों ने परिजनों से शिकायत की तो परिजनों ने शाम को अरुण को काफी डांटा था। जिससे अरुण काफी नाराज था।
30 जुलाई को जब वह घर से निकला तो घर वापस न लौटने की बात कह रहा था। जिसके बाद मां-पिता उसके पीछे-पीछे स्कूल तक गए थे। जब वह स्कूल पहुंच गया तो घर वापस लौट आए। छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए, लेकिन अरुण घर नहीं पहुंचा।
परिजन स्कूल पहुंचे तो जानकारी मिली कि वह तो छुट्टी होने के बाद साइकिल लेकर चला गया था। तभी से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
दो बहनों का इकलौता भाई था अरुण
अरुण दो बहनों का इकलौता भाई था। एक बहन उससे बड़ी और दूसरी छोटी है। परिवार में इकलौता होने पर वह मां-पिता के साथ ही बहनों को भी काफी लाडला था। बृहस्पतिवार को जब अरुण का शव मिला तो मां अनीता बेहोश हो गई। साथ ही दोनों बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। ढाढस बंधाने वालों की आंखों भी नम हो गईं।