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Moradabad News: आसरा योजना के परियोजना प्रबंधक और जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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मुरादाबाद।
मझोला थाने में ढक्का आसरा योजना के परियोजना प्रबंधक राजीव गुप्ता और जेई अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने ठेकेदार की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
गाजियाबाद के कविनगर निवासी ठेकेदार योगेंद्र प्रकाश त्यागी ने कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि 25 अक्तूबर 2019 को उन्होंने अपनी फर्म रोहित क्रिएशन्स बनवाकर फर्म को सीएंडडीएस जल निगम मुरादाबाद में लगाकर आसरा योजना ढक्का मुरादाबाद में सरकारी मकान बनवाना शुरू किया था।
जनवरी 2020 में मैटेरियल, मजदूरी तथा कंस्ट्रक्शन का लगभग 29 लाख रुपये का बकाया सीएंडडीएस जल निगम मुरादाबाद पर निकल रहा था। आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधक राजीव गुप्ता और जेई अश्वनी कुमार ने उनकी बिल बुक पर एडवांस में हस्ताक्षर करा लिए थे। बाद में बकाया 29 लाख के भुगतान के लिए जेई अश्वनी कुमार ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।
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उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की तो टीम ने अश्वनी कुमार और उनके सहयोगी पंकज कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एंटी करप्शन टीम ने आसरा योजना का रिकाॅर्ड सीएंडडीएस कार्यालय से एमबी रजिस्टर, बिल बुक, सप्लाई ऑर्डर, वर्क ऑर्डर, रेट लिस्ट अपने कब्जे में लिए थे। उन रिकार्डों की छायाप्रति प्राप्त होने पर पता चला कि परियोजना प्रबंधक और जेई ने उनकी फर्म के अस्तित्व में न होने पर भी उनके और उनके फर्म के नाम से बैक डेट में फर्जी सप्लाई ऑर्डर व वर्क ऑर्डर काटे हैं।
आरोपियों ने काम कराकर न तो सामान का और न ही मजदूरी का पूरा भुगतान किया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर निवासी राजीव गुप्ता और मुजफ्फरनगर के तितारी निवासी जेई अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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मझोला थाने में ढक्का आसरा योजना के परियोजना प्रबंधक राजीव गुप्ता और जेई अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने ठेकेदार की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
गाजियाबाद के कविनगर निवासी ठेकेदार योगेंद्र प्रकाश त्यागी ने कोर्ट के आदेश पर यह मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि 25 अक्तूबर 2019 को उन्होंने अपनी फर्म रोहित क्रिएशन्स बनवाकर फर्म को सीएंडडीएस जल निगम मुरादाबाद में लगाकर आसरा योजना ढक्का मुरादाबाद में सरकारी मकान बनवाना शुरू किया था।
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जनवरी 2020 में मैटेरियल, मजदूरी तथा कंस्ट्रक्शन का लगभग 29 लाख रुपये का बकाया सीएंडडीएस जल निगम मुरादाबाद पर निकल रहा था। आरोप लगाया कि परियोजना प्रबंधक राजीव गुप्ता और जेई अश्वनी कुमार ने उनकी बिल बुक पर एडवांस में हस्ताक्षर करा लिए थे। बाद में बकाया 29 लाख के भुगतान के लिए जेई अश्वनी कुमार ने 50 हजार रुपये की मांग की थी।
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उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की तो टीम ने अश्वनी कुमार और उनके सहयोगी पंकज कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एंटी करप्शन टीम ने आसरा योजना का रिकाॅर्ड सीएंडडीएस कार्यालय से एमबी रजिस्टर, बिल बुक, सप्लाई ऑर्डर, वर्क ऑर्डर, रेट लिस्ट अपने कब्जे में लिए थे। उन रिकार्डों की छायाप्रति प्राप्त होने पर पता चला कि परियोजना प्रबंधक और जेई ने उनकी फर्म के अस्तित्व में न होने पर भी उनके और उनके फर्म के नाम से बैक डेट में फर्जी सप्लाई ऑर्डर व वर्क ऑर्डर काटे हैं।
आरोपियों ने काम कराकर न तो सामान का और न ही मजदूरी का पूरा भुगतान किया। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर निवासी राजीव गुप्ता और मुजफ्फरनगर के तितारी निवासी जेई अश्वनी कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का केस दर्ज किया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।