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भाजपा के बागी : शहर से ऋषि, कांठ से दिनेश मैदान में
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 26 Jan 2017 03:12 AM IST
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भाजपा के कथित बागी नेता ऋषि भारद्वाज ने बुधवार को शहर सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया। टिकट बंटवारे को लेकर शहर सीट पर भाजपा में चल रही कलह के बीच किसी बागी भाजपा नेता का यह पहला नामांकन है।
उधर, कांठ सीट से टिकट न मिलने से नाराज दिनेश सैनी ने निर्दलीय के रूप में नामांकन कराते हुए खुली बगावत कर दी है। इसे भाजपा के लिए एक झटके के रूप में भी माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि सैनी, वैश्य और ठाकुर समाज से भी कुछ बागी नेता नामांकन करा सकते हैं।
उधर, आरक्षण विरोधी पार्टी के राजीव कुमार दुबे ने शहर सीट से और विवेक गुप्ता ने देहात सीट से नामांकन दाखिल किए हैं। बताया जाता है कि इन दोनों के चुनाव लड़ने का कारण भी भाजपा की कलह है।
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ऋषि भारद्वाज अपने समर्थकों के साथ बुधवार की सुबह अंबेडकर पार्क से नामांकन के लिए रवाना हुए। शहर सीट से नामांकन कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए वह चुनावी मैदान में उतरे हैं। उनका किसी से विरोध नहीं है। तैयारी पूरी है।
ऋषि के संबंध में भाजपा के महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऋषि पार्टी के नेता हैं लेकिन उनका कद विधानसभा चुनाव लड़ने लायक नहीं है। उधर, कांठ सीट पर भी बगावत तेज हो गई है। यहां टिकट मांगने वालों की लंबी लाइन थी।
हालांकि पार्टी ने पूर्व विधायक राजेश कुमार चुन्नू को अपना सिंबल देकर मैदान में उतारा है। वहीं पिछले डेढ़ साल से भाजपा के दिनेश कुमार सैनी भी कांठ विधानसभा से ही तैयारी कर रहे थे। उन्हें टिकट नहीं मिला। अब तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी।
बुधवार को उन्होंने पार्टी से विद्रोह करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकनपत्र जमा किया। इतना ही नहीं दिनेश कुमार सैनी ने तो खुलकर बगावत कर दी है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो पीठ पीछे से वार कर रहे हैं।
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उधर, कांठ सीट से टिकट न मिलने से नाराज दिनेश सैनी ने निर्दलीय के रूप में नामांकन कराते हुए खुली बगावत कर दी है। इसे भाजपा के लिए एक झटके के रूप में भी माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि सैनी, वैश्य और ठाकुर समाज से भी कुछ बागी नेता नामांकन करा सकते हैं।
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उधर, आरक्षण विरोधी पार्टी के राजीव कुमार दुबे ने शहर सीट से और विवेक गुप्ता ने देहात सीट से नामांकन दाखिल किए हैं। बताया जाता है कि इन दोनों के चुनाव लड़ने का कारण भी भाजपा की कलह है।
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ऋषि भारद्वाज अपने समर्थकों के साथ बुधवार की सुबह अंबेडकर पार्क से नामांकन के लिए रवाना हुए। शहर सीट से नामांकन कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि समाज सेवा के लिए वह चुनावी मैदान में उतरे हैं। उनका किसी से विरोध नहीं है। तैयारी पूरी है।
ऋषि के संबंध में भाजपा के महानगर अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऋषि पार्टी के नेता हैं लेकिन उनका कद विधानसभा चुनाव लड़ने लायक नहीं है। उधर, कांठ सीट पर भी बगावत तेज हो गई है। यहां टिकट मांगने वालों की लंबी लाइन थी।
हालांकि पार्टी ने पूर्व विधायक राजेश कुमार चुन्नू को अपना सिंबल देकर मैदान में उतारा है। वहीं पिछले डेढ़ साल से भाजपा के दिनेश कुमार सैनी भी कांठ विधानसभा से ही तैयारी कर रहे थे। उन्हें टिकट नहीं मिला। अब तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी।
बुधवार को उन्होंने पार्टी से विद्रोह करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकनपत्र जमा किया। इतना ही नहीं दिनेश कुमार सैनी ने तो खुलकर बगावत कर दी है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो पीठ पीछे से वार कर रहे हैं।