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मुरादाबाद: जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कोर्ट में पेश किए गए आजम खां और अब्दुल्ला
Tue, 22 Dec 2020 01:53 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 22 Dec 2020 01:53 PM IST
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कोर्ट में पेश किए गए आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
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पूर्व मंत्री एवं सपा सांसद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई। पिता-पुत्र को कड़ी सुरक्षा में सीतापुर जेल से लाकर मुरादाबाद कोर्ट में पेश किया गया। छजलैट प्रकरण और अभिनेत्री एवं पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पिता-पुत्र की पेशी हुई।
जयाप्रदा के मामले में अदालत ने दोनों को कस्टडी में ले लिया। जबकि छजलैट प्रकरण में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज फ्रेम पर बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि आजम खां व उनके बेटे पर जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। उन धाराओं के पर्याप्त साक्ष्य पुलिस अब पेश नहीं कर सकी है। अदालत ने सभी मामलों में छह जनवरी की तारीख नियत की है।
जनवरी वर्ष 2008 में छजलैट थाने में पूर्व मंत्री व सपा सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के विधायक महबूब अली, हाजी इकराम कुरैशी, नईमउल हसन, मनोज पारस के अलावा सपा नेता राजकुमार प्रजापति, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य कई सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर आजम खां के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 जून 2019 को आजम खां, अब्दुल्ला आजम व सपा सांसद डा. एसटी हुसैन समेत सात सपाइयों के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप था कि कटघर क्षेत्र में हुए एक कार्यक्रम में अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
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जयाप्रदा के मामले में अदालत ने दोनों को कस्टडी में ले लिया। जबकि छजलैट प्रकरण में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज फ्रेम पर बहस की। अधिवक्ता का कहना था कि आजम खां व उनके बेटे पर जिन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। उन धाराओं के पर्याप्त साक्ष्य पुलिस अब पेश नहीं कर सकी है। अदालत ने सभी मामलों में छह जनवरी की तारीख नियत की है।
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जनवरी वर्ष 2008 में छजलैट थाने में पूर्व मंत्री व सपा सांसद आजम खां व उनके बेटे अब्दुल्ला आजम, अमरोहा के विधायक महबूब अली, हाजी इकराम कुरैशी, नईमउल हसन, मनोज पारस के अलावा सपा नेता राजकुमार प्रजापति, डीपी यादव, राजेश यादव समेत अन्य कई सपाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
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इस मामले में कोर्ट में पेश न होने पर आजम खां के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा 30 जून 2019 को आजम खां, अब्दुल्ला आजम व सपा सांसद डा. एसटी हुसैन समेत सात सपाइयों के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइंस थाने में दर्ज किया गया था। जिसमें आरोप था कि कटघर क्षेत्र में हुए एक कार्यक्रम में अभिनेत्री व रामपुर की पूर्व सांसद जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी।
इस मामले की जांच रामपुर क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। इन तीनों मामलों में मंगलवार को आजम खां व अब्दुल्ला आजम को कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई। करीब डेढ़ बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में दोनों को पेश किया। एडीजीसी कौशल गुप्ता ने बताया कि छजलैट प्रकरण में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चार्ज फ्रेम पर बहस की।
उनका कहना था कि पुलिस ने जिन धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया है। उनके साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है। जबकि जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कोर्ट ने दोनों को कस्टडी में लेते हुए वारंट जारी कर दिया। जबकि फ रारी वाले मामले में सुनवाई नहीं हुई। अब तीनों मामलों में छह जनवरी 2021 को सुनवाई होगी। करीब आधे घंटे बाद पुलिस दोनों को कड़ी सुरक्षा में लेकर सीतापुर जेल चली गई।
सांसद आजम की तीन मामलों में और अब्दुल्ला आजम की दो मामलों में पेशी हुई है। जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक मामले में अदालत ने दोनों को कस्टडी में ले लिया है। अब इस मामले में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा। छजलैट मामले में चार्ज फ्रेम पर बहस हुई। जिसमें हमारी ओर से प्रार्थना पत्र लगाया गया है कि पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं। उसके साक्ष्य अभी तक कोर्ट में पेश नहीं किए गए हैं। तीनों मामलों में अब छह जनवरी को सुनवाई होगी।
शाहनवाज सिब्तेन, बचाव पक्ष के अधिवक्ता
उनका कहना था कि पुलिस ने जिन धाराओं पर मुकदमा दर्ज किया है। उनके साक्ष्य पेश नहीं कर सकी है। जबकि जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कोर्ट ने दोनों को कस्टडी में लेते हुए वारंट जारी कर दिया। जबकि फ रारी वाले मामले में सुनवाई नहीं हुई। अब तीनों मामलों में छह जनवरी 2021 को सुनवाई होगी। करीब आधे घंटे बाद पुलिस दोनों को कड़ी सुरक्षा में लेकर सीतापुर जेल चली गई।
सांसद आजम की तीन मामलों में और अब्दुल्ला आजम की दो मामलों में पेशी हुई है। जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक मामले में अदालत ने दोनों को कस्टडी में ले लिया है। अब इस मामले में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा। छजलैट मामले में चार्ज फ्रेम पर बहस हुई। जिसमें हमारी ओर से प्रार्थना पत्र लगाया गया है कि पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं। उसके साक्ष्य अभी तक कोर्ट में पेश नहीं किए गए हैं। तीनों मामलों में अब छह जनवरी को सुनवाई होगी।
शाहनवाज सिब्तेन, बचाव पक्ष के अधिवक्ता