{"_id":"5f665dae8ebc3e74b057745f","slug":"protest-of-farmers-moradabad-news-mbd3632056161","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र सरकार के नए अध्यादेशों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र सरकार के नए अध्यादेशों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें केंद्र सरकार के प्रस्तावित नए अध्यादेशों को लेकर असहमति जताई गई है।
इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने कहा कि सरकार ने किसान विरोधी अध्यादेश किसानों के विरोध के बावजूद संसद में पास करा दिए हैं। यह सरकार की हठधर्मिता है। ये हठधर्मिता सरकार का वही हाल कराएगी जो हाल किसानों ने कांग्रेस पार्टी का किया था। सरकार पहले अध्यादेश में व्यापारियों को माल कहीं भी बेचने की आजादी दे रही है, क्योंकि किसान के लिए कोई भी ऐसा कानून नहीं है कि वह अपना माल जहां चाहे वहां बेचने से रोकता हो। दूसरे अध्यादेश में सरकार जमाखोरी को बढ़ावा दे रही है। जिससे जहां एक और किसान बर्बाद होगा वही आमजन भी महंगाई की मार मरेगा। क्योंकि जब खरीद का समय होगा तो व्यापारी किसानों से कम दाम पर कृषि उत्पाद खरीदेंगे और भंडारण करके उपभोक्ता को अपनी कीमत पर बेचेंगे। तीसरे अध्यादेश में सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त करके कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के द्वारा किसान को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि इन तीनों अध्यादेशों का पूरी ताकत के साथ विरोध करें। साथ ही इन अध्यादेशों के विरोध में 24 सितंबर को आंबेडकर पार्क से पैदल मार्च निकालने का भी एलान किया। इस दौरान नसीम मियां, नूर मोहम्मद, मोहम्मद फैजान, सुभान अली,मोहम्मद रफीक, मखदूम अली, एडवोकेट संजीव राजपूत, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस मौके पर किसानों को संबोधित करते हुए युवा प्रदेश अध्यक्ष उस्मान अली पाशा ने कहा कि सरकार ने किसान विरोधी अध्यादेश किसानों के विरोध के बावजूद संसद में पास करा दिए हैं। यह सरकार की हठधर्मिता है। ये हठधर्मिता सरकार का वही हाल कराएगी जो हाल किसानों ने कांग्रेस पार्टी का किया था। सरकार पहले अध्यादेश में व्यापारियों को माल कहीं भी बेचने की आजादी दे रही है, क्योंकि किसान के लिए कोई भी ऐसा कानून नहीं है कि वह अपना माल जहां चाहे वहां बेचने से रोकता हो। दूसरे अध्यादेश में सरकार जमाखोरी को बढ़ावा दे रही है। जिससे जहां एक और किसान बर्बाद होगा वही आमजन भी महंगाई की मार मरेगा। क्योंकि जब खरीद का समय होगा तो व्यापारी किसानों से कम दाम पर कृषि उत्पाद खरीदेंगे और भंडारण करके उपभोक्ता को अपनी कीमत पर बेचेंगे। तीसरे अध्यादेश में सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को समाप्त करके कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के द्वारा किसान को बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की है कि इन तीनों अध्यादेशों का पूरी ताकत के साथ विरोध करें। साथ ही इन अध्यादेशों के विरोध में 24 सितंबर को आंबेडकर पार्क से पैदल मार्च निकालने का भी एलान किया। इस दौरान नसीम मियां, नूर मोहम्मद, मोहम्मद फैजान, सुभान अली,मोहम्मद रफीक, मखदूम अली, एडवोकेट संजीव राजपूत, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन