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मंडल के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में खरीदे वाटरकूलरों की होगी जांच
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मुरादाबाद। मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने प्रशासकों के कार्यकाल में की गई गड़बड़ियों की मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। उन्होंने अब मंडल के सभी जिलों में खरीदे गए वाटरकूलरों की जांच के आदेश दिए हैं। कमिश्नर के इस आदेश के बाद मंडल के पंचायतीराज महकमे में खलबली है।
प्रशासकों के कार्यकाल के दौैरान मुरादाबाद जिले में विकास कार्यों के नाम पर काफी गड़बड़ियां मिली थीं। सबसे अधिक अनियमितता वाटरकूलरों की खरीद में की गई सामने आई थी। इस मामले में शासन की जांच टीम ने भी मुरादाबाद के 20 गांवों में जांच के दौरान वाटरकूलरों की खरीद में सबसे अधिक गड़बड़ी पाई थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में वाटरकूलरों करीब दूनी कीमतों पर खरीदा गया दिखाया था। अमर उजाला द्वारा इस गड़बड़ी को उजागर करने के बाद कमिश्नर ने इस मामले में विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि का विवरण मांगा था। कमिश्नर ने बताया कि अधिकारियों ने जो रिपोर्ट भेजी थी उसके परीक्षण में पाया गया कि वाटरकूलरों के मामले में कई अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट गोलमोल दे दी है। इससे प्रथम दृष्ट्या वाटरकूलरों की खरीद फरोख्त में सबसे अधिक गड़बड़ी लग रही है। लिहाजा मंडल के सभी जिलाधिकारियों को वाटरकूलरों की खरीद की जांच करा कर रिपोर्ट भेजने केनिर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासकों के कार्यकाल के दौैरान मुरादाबाद जिले में विकास कार्यों के नाम पर काफी गड़बड़ियां मिली थीं। सबसे अधिक अनियमितता वाटरकूलरों की खरीद में की गई सामने आई थी। इस मामले में शासन की जांच टीम ने भी मुरादाबाद के 20 गांवों में जांच के दौरान वाटरकूलरों की खरीद में सबसे अधिक गड़बड़ी पाई थी। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में वाटरकूलरों करीब दूनी कीमतों पर खरीदा गया दिखाया था। अमर उजाला द्वारा इस गड़बड़ी को उजागर करने के बाद कमिश्नर ने इस मामले में विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि का विवरण मांगा था। कमिश्नर ने बताया कि अधिकारियों ने जो रिपोर्ट भेजी थी उसके परीक्षण में पाया गया कि वाटरकूलरों के मामले में कई अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट गोलमोल दे दी है। इससे प्रथम दृष्ट्या वाटरकूलरों की खरीद फरोख्त में सबसे अधिक गड़बड़ी लग रही है। लिहाजा मंडल के सभी जिलाधिकारियों को वाटरकूलरों की खरीद की जांच करा कर रिपोर्ट भेजने केनिर्देश दिए गए हैं।
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