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अलग-अलग शस्त्रों से एक को एक तो दूसरे कांस्टेबल को पांच गोलियां मारी गईं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2019 02:15 AM IST
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policeman murder in moradabad
मुरादाबाद। दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस कस्टडी से भागे तीनों बंदियों के पास पिस्टल और तमंचे थे। वारदात में शहीद हुए सिपाहियों के पोस्टमार्टम से यह बात साबित हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि सिपाही हरेंद्र को बंदियों ने पांच गोलियां मारी थीं। इनमें से तीन शरीर को भेदकर पार निकल गई थीं। जबकि 315 बोर और 32 बोर की एक - एक बुलेट हरेंद्र के शरीर में फंसी मिली है। दूसरे सिपाही ब्रजपाल को 315 बोर के तमंचे से सीधे दिल पर गोली मारी गई थी। बुलेट सिपाही के दिल को चीरती हुई पार निकल गई थी।
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दोनों सिपाहियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बंदियों के दुस्साहस की कहानी को बयां कर रही है। हिरासत से भागे बंदी इस कदर बेखौफ थे कि उन्होंने फिल्मी स्टाइल में पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि बंदियों ने सिपाही से छीनी रायफल का इस्तेमाल मौका ए वारदात पर नहीं किया। बल्कि उन्होंने अपने पास पहले से मौजूद हथियारों से गोलियां बरसाई थीं। वारदात में शहीद हुए दोनों कांस्टेबल हरेंद्र और ब्रजपाल का पोस्टमार्टम गुरुवार को तड़के 4.30 बजे बहजोई स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर वीडियोग्राफी के बीच किया गया। पोस्टमार्टम डा. शोबीर सिंह और डा. मनोज कुमार के पैनल ने किया है। डा. मनोज कुमार के अनुसार सिपाही ब्रजपाल के सीने में एक गोली लगी थी, जो उसके हार्ट को भेदती हुई चली गई, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई थी। जबकि सिपाही हरेंद्र सिंह के शरीर में पांच गोलियां मारी गईं। जिसमें तीन गोलियां शरीर को पार करके बाहर निकल गईं जबकि दो बुलेट शरीर के अंदर फंसी हुई मिलीं। इनमें एक बुलेट 315 बोर की थी। लेकिन दूसरी बुलेट का साइज छोटा था। इसे सील कर दिया गया है। बेलेस्टिक जांच के लिए इसे फारेंसिक लैब भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम के दौरान हरेंद्र के शरीर में एक बुलेट सिर में तो दूसरी कमर की दाहिनी साइड में फंसी मिली है। दोनों बुलेट का अलग-अलग होने की वजह से यह साफ है कि बंदियों ने एक से ज्यादा हथियारों का इस्तेमाल किया। इनमें कम से कम एक पिस्टल जरूर था। पांच गोलियां लगने की वजह से हरेंद्र का खून अधिक बह गया था।
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