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दस हजार रुपये की रिश्वत लेते दरोगा गिरफ्तार
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मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में पकड़ा गया रिश्वत लेने के का आरोपी दरोगा जितेंद्र तोमर को मेडिकल के
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मुरादाबाद। दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने नया मुरादाबाद चौकी प्रभारी जितेंद्र तोमर को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि एक फर्म के एचआर मैनेजर संजीव के सुसाइड मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चौकी प्रभारी ने रिश्वत ली थी। टीम ने दस हजार रुपये भी बरामद कर लिए।
ठाकुरद्वारा के रायपुर भोगर निवासी किसान ब्रह्मपाल ने बताया कि उनका बेटा संजीव एक प्राइवेट फर्म में एचआर मैनेजर था। वह पत्नी रीना के साथ नया मुरादाबाद में रहता था। पिछले माह 29 सितंबर को संजीव ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में संजीव की पत्नी रीना, उसके पिता यानी संजीव के ससुर महावीर सहित एक अन्य युवक के खिलाफ मझोला थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने सात अक्तूबर को रीना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। आरोप है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी उप निरीक्षक जितेंद्र तोमर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने लगा। इसकी शिकायत एसएसपी से की गई। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन जितेंद्र तोमर ने इसके बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद ब्रह्मपाल ने मंगलवार को एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। एंटी करप्शन टीम ने चौकी प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर को एंटी करप्शन टीम ने ब्रह्मपाल को रंग लगे दस हजार रुपये जितेंद्र तोमर को देने के लिए भेजा।गांगन तिराहे पर पहुंचकर ब्रह्मपाल ने जितेन्द्र को फोन किया कि उसकी बाइक खराब हो गई है। लिहाजा वह गांगन तिराहे पर खड़ा है। जितेन्द्र ने कहा कि वह वहीं इंतजार करे। ब्रह्मपाल यहीं हलवाई की दुकान में बैठकर उसका इंतजार करने लगे। कुछ ही देर में जितेन्द्र वहां पहुंच गए और रुपयों की मांग की। जैसे ही ब्रह्मपाल ने उसे दस हजार रुपये थमाए तपाक से एंटी करप्शन की टीम वहां पहुंच गई। टीम को देखकर दरोगा माजरा समझ गया और उसने रिश्वत की रकम हलवाई के गल्ले की तरफ फेंक दी लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने रिश्वत की रकम कब्जे में लेकर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया और उसको पाकबड़ा थाने ले जाया गया। दरोगा कहता रहा कि रकम उसने नहीं ली पर जब थाने में टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो वह नोटों की गड्डी पर लगे पाउडर के कारण लाल हो गए। टीम में शामिल जिला प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार शर्मा के मुताबिक दरोगा रिश्वत लेते पकड़ा गया और उसके खिलाफ पाकबड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
बुधवार रात भी लिए थे तीन हजार रुपये
मुरादाबाद। ब्रह्मपाल ने बताया कि जितेंद्र तोमर बार बार रिश्वत की मांग कर रहा था। बुधवार की रात को उन्होंने जितेंद्र तोमर के पास अपने बहनोई सुशील को भेजा। दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर सुशील ने उसको तीन हजार रुपये दिए तो दरोगा ने कहा कि इन रुपयों से कुछ नहीं होगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने जाना पड़ेगा, इसमें रुपये खर्च होंगे। दस हजार रुपये सुबह चौकी पर लाकर देने के लिए कहा था, जिसके बाद बृहस्पतिवार को आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने धर दबोचा।
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आरोपियों में एक दरोगा का रिश्तेदार
मुरादाबाद। संजीव की आत्महत्या के मामले में शामिल आरोपियों में रीना, महावीर के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति भी है, जो कि एक दरोगा का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ब्रह्मपाल ने बताया कि यह व्यक्ति बिजनौर के नूरपुर का रहने वाला है और रीना का दोस्त है। 29 सितंबर को रीना को इसी व्यक्ति के साथ घूमते देख संजीव ने सवाल जवाब किए थे, जिसकी वजह से संजीव की पिटाई की गई थी। यह जानकारी संजीव ने फोन कर उसी दिन अपने पिता को दी थी। ब्रह्मपाल ने बताया कि प्रताड़ना से परेशान होकर ही संजीव ने आत्महत्या की है।
मेरा ही लड़का मरा और मुझसे रुपये मांग रहे हो
मुरादाबाद। ब्रह्मपाल ने रिश्वत की मांग करने पर चौकी प्रभारी नया मुरादाबाद जितेंद्र तोमर से कहा कि उनके ही बेटे की मौत हुई है और कार्रवाई की मांग करने पर उनसे ही रिश्वत की मांग की जा रही है। यह अन्याय है लेकिन चौकी प्रभारी ने उनकी एक न सुनी और लगातार रुपये की मांग करता रहा।
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ठाकुरद्वारा के रायपुर भोगर निवासी किसान ब्रह्मपाल ने बताया कि उनका बेटा संजीव एक प्राइवेट फर्म में एचआर मैनेजर था। वह पत्नी रीना के साथ नया मुरादाबाद में रहता था। पिछले माह 29 सितंबर को संजीव ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में संजीव की पत्नी रीना, उसके पिता यानी संजीव के ससुर महावीर सहित एक अन्य युवक के खिलाफ मझोला थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कराया गया था। पुलिस ने सात अक्तूबर को रीना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। आरोप है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी उप निरीक्षक जितेंद्र तोमर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने लगा। इसकी शिकायत एसएसपी से की गई। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन जितेंद्र तोमर ने इसके बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद ब्रह्मपाल ने मंगलवार को एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। एंटी करप्शन टीम ने चौकी प्रभारी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया। बृहस्पतिवार दोपहर को एंटी करप्शन टीम ने ब्रह्मपाल को रंग लगे दस हजार रुपये जितेंद्र तोमर को देने के लिए भेजा।गांगन तिराहे पर पहुंचकर ब्रह्मपाल ने जितेन्द्र को फोन किया कि उसकी बाइक खराब हो गई है। लिहाजा वह गांगन तिराहे पर खड़ा है। जितेन्द्र ने कहा कि वह वहीं इंतजार करे। ब्रह्मपाल यहीं हलवाई की दुकान में बैठकर उसका इंतजार करने लगे। कुछ ही देर में जितेन्द्र वहां पहुंच गए और रुपयों की मांग की। जैसे ही ब्रह्मपाल ने उसे दस हजार रुपये थमाए तपाक से एंटी करप्शन की टीम वहां पहुंच गई। टीम को देखकर दरोगा माजरा समझ गया और उसने रिश्वत की रकम हलवाई के गल्ले की तरफ फेंक दी लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने रिश्वत की रकम कब्जे में लेकर आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया और उसको पाकबड़ा थाने ले जाया गया। दरोगा कहता रहा कि रकम उसने नहीं ली पर जब थाने में टीम ने उसके हाथ धुलवाए तो वह नोटों की गड्डी पर लगे पाउडर के कारण लाल हो गए। टीम में शामिल जिला प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार शर्मा के मुताबिक दरोगा रिश्वत लेते पकड़ा गया और उसके खिलाफ पाकबड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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बुधवार रात भी लिए थे तीन हजार रुपये
मुरादाबाद। ब्रह्मपाल ने बताया कि जितेंद्र तोमर बार बार रिश्वत की मांग कर रहा था। बुधवार की रात को उन्होंने जितेंद्र तोमर के पास अपने बहनोई सुशील को भेजा। दरोगा द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर सुशील ने उसको तीन हजार रुपये दिए तो दरोगा ने कहा कि इन रुपयों से कुछ नहीं होगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने जाना पड़ेगा, इसमें रुपये खर्च होंगे। दस हजार रुपये सुबह चौकी पर लाकर देने के लिए कहा था, जिसके बाद बृहस्पतिवार को आरोपी को रिश्वत की रकम लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने धर दबोचा।
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आरोपियों में एक दरोगा का रिश्तेदार
मुरादाबाद। संजीव की आत्महत्या के मामले में शामिल आरोपियों में रीना, महावीर के अलावा एक अज्ञात व्यक्ति भी है, जो कि एक दरोगा का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ब्रह्मपाल ने बताया कि यह व्यक्ति बिजनौर के नूरपुर का रहने वाला है और रीना का दोस्त है। 29 सितंबर को रीना को इसी व्यक्ति के साथ घूमते देख संजीव ने सवाल जवाब किए थे, जिसकी वजह से संजीव की पिटाई की गई थी। यह जानकारी संजीव ने फोन कर उसी दिन अपने पिता को दी थी। ब्रह्मपाल ने बताया कि प्रताड़ना से परेशान होकर ही संजीव ने आत्महत्या की है।
मेरा ही लड़का मरा और मुझसे रुपये मांग रहे हो
मुरादाबाद। ब्रह्मपाल ने रिश्वत की मांग करने पर चौकी प्रभारी नया मुरादाबाद जितेंद्र तोमर से कहा कि उनके ही बेटे की मौत हुई है और कार्रवाई की मांग करने पर उनसे ही रिश्वत की मांग की जा रही है। यह अन्याय है लेकिन चौकी प्रभारी ने उनकी एक न सुनी और लगातार रुपये की मांग करता रहा।