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पुलिस की पाठशाला: व्हाट्सएप से नहीं, अखबार से लें सही जानकारी, एसपी सिटी ने दिए छात्रों के सवालों के जवाब

Sun, 28 Apr 2024 11:17 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 28 Apr 2024 11:17 AM IST
सार

मुरादाबाद के केसीएम स्कूल में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन  किया गया। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने छात्रों के कई सवालों के जवाब दिए।  

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Police Ki Pathshala: Get correct information from newspaper, not from WhatsApp, SP City gave information
मुरादाबाद में एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने छात्रों के सवालों का जवाब दिए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिविल लाइंस स्थित केसीएम स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने विद्यार्थियों को गुरु मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप या किसी भी वेबसाइट की जानकारी से बचें। सही सूचना व ज्ञान के लिए अखबार और किताबें पढ़ें।

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इससे आपको सही जानकारी मिलेगी। कक्षा 10 के छात्र का प्रश्न था कि बाल अपराधों के मामले में सरकार ने न्यूनतम आयु 18 से घटाकर 16 कर दी है। क्या अपराधी का मस्तिष्क 17 की उम्र में परिपक्व हो जाता है। छात्र का कहना था कि यह जानकारी उसने एक वेबसाइट पर पढ़ी है।
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इस पर एसपी ने कहा कि यह जानकारी गलत है। बाल अपराधों के मामले में न्यूनतम आयु 18 वर्ष ही है। एसपी ने कहा कि आजकल मोबाइल का दौर है और अपराधी भी स्मार्ट हो गए हैं। ध्यान रहे आपको लालच या डराकर कोई आपका धन न उड़ा ले।
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साइबर अपराध के मामले में जागरूकता ही बचाव है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। इस मौके पर केसीएम स्कूल के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार, ऋतु पहवा, मुनेंद्र सिंह, रचना श्रीवास्तव आदि शिक्षकों का सहयोग रहा। 

सवाल. लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं करते। इस कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस क्या कर रही है।
जवाब. यातायात नियमों का पालन कराने के लिए कई कानून हैं। इससे ज्यादा जरूरी है कि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझे। इससे दुर्घटनाएं रुकेंगी और ट्रैफिक जाम नहीं होगा। लोग अपनी सुरक्षा के लिए नहीं चालान से बचने के लिए हेलमेट पहनते हैं। 

सवाल. यदि हमें लगे कि कोई हमारे साथ साइबर अपराध करने की कोशिश कर रहा है तो क्या कर सकते हैं।
जवाब. यदि कोई ऐसा प्रयास करता है तो आप थाने में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं।  1930 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं। 

सवाल. पुलिस थानों में लोगों की शिकायत सुनने के बदले रुपये लिए जाते हैं। इस कारण पुलिस दोषी पर कोई कार्रवाई नहीं करती।
जवाब. भ्रष्टाचार कहीं कहीं समस्या हो सकती है। इसके निवारण के लिए विजिलेंस व एंटी करप्शन टीम बनी हुई है। आप अधिकारियों से भी शिकायत कर सकते हैं। पुलिस कर्मियों के जेल जाने की खबरें आपने अखबारों में पढ़ी होंगी। 

सवाल. दुर्घटना होने पर लोग पीड़ित की मदद करने की बजाय वीडियो बनाते हैं। क्योंकि अस्पताल ले जाने पर पुलिस उनसे ही सवाल दागती है।
जवाब. अब ऐसा नहीं है। घायल को समय से अस्पताल ले जाकर उसकी जान बचाने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को सरकार गुड सेमेटेरियन पुरस्कार देती है। इसमें नकद पुरस्कार भी मिलता है। 

सवाल. कोई बच्चा अपराध करता है तो उसे कम सजा मिलती है। इससे अपराधी बच जाता है। ऐसा क्यों है।
जवाब. कानून में ऐसा माना गया है कि 18 वर्ष से कम आयु तक किशोरों का मस्तिष्क अपराध के लिहाज से अपरिपक्व रहता है। ऐसा माना जाता है कि वह किसी के बहकावे में आकर या किसी और कारण से अपराध कर सकता है। इसलिए उसे जेल में नहीं बाल सुधार गृह में रखकर काउंसिलिंग की जाती है। 


सवाल. रुपये की ताकत के कारण महिलाओं के साथ अपराध करने वाले भी थानों से बाहर आ जाते हैं। पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती, ऐसा क्यों।
जवाब. निर्भया मामले के बाद महिला अपराधों के खिलाफ कानून बहुत सख्त हुए हैं। पुलिस ऐसे मामलों में कोई पक्षपात नहीं करती है। महिला अपराधों के मामले में कम से कम सीओ स्तर के अधिकारी से जांच कराई जाती है।

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