फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   PAC worker committed suicide by hanging in Moradabad Pakbada

Moradabad: माता रानी मुझे माफ करना, तेरा जागरण नहीं करा पाया... और फंदे पर लटक गया पीएसी कर्मी

Mon, 14 Nov 2022 11:16 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, पाकबड़ा (मुरादाबाद)
संवाद न्यूज एजेंसी, पाकबड़ा (मुरादाबाद) Published by: अनुराग सक्सेना Updated Mon, 14 Nov 2022 11:16 PM IST
सार

पीएसी कर्मी जसवीर के पिता राजवीर सिंह का कहना है कि उसके बेटे कोई परेशानी नहीं थी। वो आत्महत्या नहीं कर सकता। एक दरोगा ने उसे कॉल कर घर से बुलाया था। उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या की है।

विज्ञापन
PAC worker committed suicide by hanging in Moradabad Pakbada
पीएसी कर्मी जसवीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

माता रानी मुझे माफ करना... तेरा जागरण नहीं कराया पाया। दस शब्दों का सुसाइड नोट लिखने के बाद पीएसी कर्मी जसवीर सिंह (27) फंदे से लटक गया। सोमवार सुबह पाकबड़ा डींगरपुर रोड पर बकैनिया गांव के पास ट्रांसफार्मर के खंभे से बेडशीट के सहारे पीएसी कर्मी का शव लटका मिला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौका मुआयना किया। मृतक की जेब से सुसाइड नोट और मोबाइल फोन मिला है। सोमवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई है। पिता का कहना है कि मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। उसे मारकर लटकाया गया है।

विज्ञापन


पाकबड़ा थानाक्षेत्र के रतनपुर कलां गांव निवासी राजवीर सिंह ठेकेदार हैं। परिवार में पत्नी कमलेश व चार लड़के और दो लड़कियां हैं। राजवीर का सबसे बड़ा बेटा जसवीर तीन साल पहले पीएसी में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। उसकी तैनाती बरेली में चल चल रही थी। 27 अक्तूबर को वह छुट्टी लेकर घर आया था। पिता राजवीर ने बताया कि रविवार रात खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए थे। सुबह साढ़े पांच बजे परिजन जागे तो जसवीर अपनी चारपाई पर नहीं था। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। परिजनों ने जसवीर का फोन लगाया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।

विज्ञापन

सोमवार की सुबह जसवीर का शव थाना क्षेत्र के पाकबड़ा- डींगरपुर मार्ग किनारे बकैनिया गांव में ट्रांसफार्मर के खंभे (जिन पर ट्रांसफार्मर रखा जाता है) से लटका मिला। परिजन भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की सूचना पर थाना प्रभारी मोहित चौधरी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और फोरेंसिक टीम भी मौके पर बुला ली। फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए। मृतक की जब से एक सुसाइड नोट और मोबाइल मिला है। सुसाइड नोट में लिखा है, 'माता रानी माफ करना, तेरा जागरण नहीं करा पाया।'

सीओ हाईवे देश दीपक सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला है। जिसकी जांच की जा रही है। पिता राजवीर सिंह का कहना है कि बेटे ने न तो कभी जागरण कराने के लिए बुलाया था और न ही वो इन बातों को मानता था।

जसवीर ने लगातार 34 मिनट की फोन पर बात, चादर भी उसके घर की नहीं
पुलिस ने जसवीर के मोबाइल को कब्जे में ले लिया है। जिसमें अंतिम कॉल पर जसवीर की 34 मिनट बात हुई थी। इसके बाद से नंबर बंद है। पुलिस उस नंबर की कॉल डिटेल निकलवा रही है कि जसवीर की रात किससे बात हुई थी। जिस बेड सीट से जसवीर का शव लटका मिला है, वो बेड सीट भी उसके घर की नहीं है। फिर वह ट्रांसफार्मर पर कैसे चढ़ा और उसने फंदा कैसा लगा लिया। उसके पैरों पर भी मिट्टी लगी हुई थी।

विज्ञापन

रविवार रात पिता और भाइयों के साथ बैठकर खाया खाना
ठेकेदार राजवीर सिंह ने बताया रविवार रात जसवीर ने अपने छोटे भाइयों आलोक, विकास और नितिन के साथ बैठकर खाना खाया था। उसे किसी तरह की कोई परेशान नहीं थी। घर से बाहर वह अकेला नहीं जाता था। अगर कहीं जाना भी होता था तो छोटे भाई को साथ लेकर जाता था। रविवार रात वह बिना कुछ बता ही चला गया।

बाजू में रहता था दर्द, दिल्ली से चल रहा था इलाज
जसवीर के बाजू में दर्द रहता था। दिल्ली स्थित अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। 27 अक्तूबर को वह छुट्टी लेकर आया था। तीस अक्तूबर को उसे ड्यूटी जाना था, लेकिन उसने छुट्टियां बढ़ा ली थीं। 13 नवंबर को भी उसने छुट्टियां बढ़ाई थीं।

जसवीर की मौत से परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
पीएसी कर्मी जसवीर सिंह की मौत से उसके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया है। जसवीर सिंह घर में सबसे बड़ा था। उसके तीन भाई आलोक, विकास और नितिन और दो बहनें नीतू और प्रियंका का रो-रो कर बुरा हाल है। मां कमलेश और पिता राजवीर सिंह तो बार बार रोते रोते बेहोश हो जाते हैं।

जसवीर की मौत से परिवार पर टूटा गमों का पहाड़
पीएसी कर्मी जसवीर सिंह की मौत से उसके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया है। जसवीर सिंह घर में सबसे बड़ा था। उसके तीन भाई आलोक, विकास और नितिन और दो बहनें नीतू और प्रियंका का रो-रो कर बुरा हाल है। मां कमलेश और पिता राजवीर सिंह तो बार बार रोते रोते बेहोश हो जाते हैं।

पिता ने दरोगा पर हत्या का लगाया आरोप
पीएसी कर्मी जसवीर के पिता राजवीर सिंह का कहना है कि उसके बेटे कोई परेशानी नहीं थी। वो आत्महत्या नहीं कर सकता। एक दरोगा ने उसे कॉल कर घर से बुलाया था। उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या की है। हत्या करने के बाद ही मेरे बेटे का शव लटकाया गया है। मैं इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराऊंगा।

सोमवार को बेटे के शव का अंतिम संस्कार करने के बाद राजवीर सिंह ने बताया कि उसके बेटे के नंबर पर अंतिम कॉल किसी दरोगा की है। उस दरोगा ने ही मेरे बेटे को घर से बुलाया था। मेरा बेटा अकेला घर से बाहर नहीं जाता था। वो अपने भाइयों को लेकर जाता था, लेकिन रविवार रात वह अकेला ही चला गया।

आरोप है कि दरोगा और उसे साथी बेटे को ट्रांसफार्मर के पास ले गए और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव लटका आरोपी फरार हो गए। जिसे सुसाइड नोट बताया जा रहा है। उसमें कहीं नहीं लिखा है कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। उधर, थाना प्रभारी मोहित चौधरी का कहना है कि अब तक परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed