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रामपुर को खून में नहला देने का मंसूबा था प्रशासन का, 20 को नागरिक अधिकार बचाओ दिवस मनाएंगे: आजम
Wed, 12 Jun 2019 05:06 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 12 Jun 2019 05:06 PM IST
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आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
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किले के मैदान में मंगलवार की रात आयोजित शुक्रिया के जलसे को रोके जाने पर सांसद आजम खां ने कहा है कि प्रशासन का मंसूबा रामपुर को खून में नहला देने का था। अगर समझदारी से काम नहीं लिया गया होता माहौल खराब हो सकता था। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में रामपुर के लोग 20 जून को नागरिक अधिकार बचाओ दिवस मनाएंगे। इसके लिए 20 जून की तिथि इसलिए तय की गई है कि उस दिन राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे।
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बुधवार को सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए आजम खां ने कहा कि सांसद बनने के बाद मंगलवार को शुक्रिया का हमारा पहला जलसा था। पहले तो सिटी मजिस्ट्रेट ने रात के नौ बजे तक जलसा आयोजित करने की अनुमति दी थी, लेकिन हमने जब जलसा आयोजित करने से मना दिया तो रात दस बजे तक की अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि रात नौ बजे अजान होती है, ऐसा हमारे प्रधानमंत्री का कहना है कि जब अजान हो तो भाषण रोक दें। उन्होंने भी ऐसा कई बार किया है। इसके बाद रात साढ़े नौ बजे तक नमाज होती है। ऐसे में हमारा जलसा रात 9.30 बजे शुरू हुआ। जलसे को जब मैं संबोधित कर रहा था उस वक्त रात के 9.57 बजे थे, तभी सीओ सिटी ने अपनी घड़ी दिखाते हुए भाषण समाप्त कर देने की बात कही। उनके इतना कहने पर लोग भड़क गए। अगर स्थिति संभाली नहीं गई तो माहौल बिगड़ सकता था।
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आजम खां ने कहा कि मान लिया कि दस बज गए थे तो कौन सी आफत आ गई थी। मुकदमा दर्ज करा देते हम सभी लोगों पर जो मंच पर मौजूद थे, लेकिन एक सांसद को बीच में रोकने की क्या जरूरत थी। क्या यह एक सांसद का अपमान नहीं है। यह लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई को लेकर विधिक राय ले रहे हैं। आजम खां ने कहा कि जब एक सांसद अपनी जीत के जलसे को संबोधित कर रहा था तो पुलिस ने नाजी हमला किया है। इस हमले का रामपुर के लोग उस दिन विरोध करेंगे जब राष्ट्रपति 20 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। एक तरफ राष्ट्रपति का संबोधन चल रहा होगा, वहीं दूसरी ओर रामपुर के लोग अपनी हाथों पर काली पट्टी और अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध जताएंगे।
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मदरसों के बच्चों को पहले मिड-डे-मील तो उपलब्ध कराइए: आजम
मदरसों के बच्चों को वजीफा दिए जाने की केंद्र सरकार की योजना पर आजम खां ने कहा कि पहले मदरसों के छात्रों को मिड-डे-मील तो उपलब्ध करवा दीजिए। दूसरा धोखा बाद में दीजिएगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार मदरसों की मदद करना चाहती है, तो उन्हें बेहतर बनाना होगा। मदरसों में धार्मिक शिक्षा दी जाती है। साथ ही वहां अंग्रेजी, हिन्दी तथा गणित भी पढ़ाया जाता है। यह हमेशा से होता रहा है, अगर आप मदद करना चाहते हैं, उनका स्तर सुधारिए। मदरसों के लिए इमारतें बनवाइए, उन्हें फर्नीचर और मिड-डे मील उपलब्ध करवाइए। उन्होंने कहा कि मदरसे नाथूराम गोडसे और प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे लोगों को पैदा नहीं करते। पहले घोषित करें कि नाथूराम गोडसे के विचारों का प्रचार करने वाले लोकतंत्र के दुश्मन घोषित किए जाएंगे, आतंकवादी गतिविधियों के लिए दोषी करार दिए गए लोगों को इनाम नहीं दिया जाएगा।