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घर के सामने पेड़ के नीचे बुजुर्ग की मौत
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गवानपुर। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के अगवानपुर में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुधवार सुबह उसका शव घर के बाहर पेड़ के नीचे पड़ा मिला। बुजुर्ग का अपनी पत्नी और बेटों से मकान में बटवारे का विवाद चल रहा था। उसने 13 अप्रैल को सिविल लाइंस थाने में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन सात दिन बाद भी पुलिस विवाद को नहीं निपटा पाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के पेट में अन्न का एक दाना भी नहीं होना आया है।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की नगर पंचायत अगवानपुर स्थित किसान इंटर कालेज के पास नई कालोनी निवासी (65) वर्षीय सतेंद्र कुमार अग्रवाल मूल रूप से गुलाल गली के रहने वाले थे। 2014 में अपना पुश्तैनी मकान बेचकर अगवानपुर में आकर बस गए थे। परिवार में पत्नी रेनी, दो बेटे गौरव कुमार और विशाल कुमार व एक बेटी अंकिता है। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी हैं। पत्नी निजी स्कूल में शिक्षिका है। जबकि गौरव और विशाल निजी कंपनी में काम करते हैं। 13 अप्रैल को सतेंद्र कुमार ने सिविल लाइंस थाने में प्रार्थना पत्र दिया था।। जिसमें उन्होंने अपने परिजनों से विवाद की बात कही थी। उन्होंने मांग की थी कि उसे मकान में हिस्सा दिलाया जाए। बुजुर्ग अगर यही बात परिवार वालों से कहता है तो वह पिटाई करने पर उतारू हो जाते है। सिविल लाइंस थाने से उनका प्रार्थना पत्र अगवानपुर पुलिस चौकी भेज दिया था। चौकी इंचार्ज ने सतेंद्र की पत्नी व उसके बेटों को जानकारी के लिए चौकी पर बुला लिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बुजुर्ग को घर में घुसने नहीं दिया। बुजुर्ग सतेंद्र 13 अप्रैल से घर के बाहर रह रहे थे। बुधवार को उसका शव घर के बाहर सड़क पर पेड़ के नीचे पड़ा था। उसको बेसुध हालत में देख कर परिजनों के हाथ पांव फूल गए। परिजनों ने आनन फ़ानन में उसको एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बुधवार आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पेट में खाने का एक भी दाना नहीं मिला है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की नगर पंचायत अगवानपुर स्थित किसान इंटर कालेज के पास नई कालोनी निवासी (65) वर्षीय सतेंद्र कुमार अग्रवाल मूल रूप से गुलाल गली के रहने वाले थे। 2014 में अपना पुश्तैनी मकान बेचकर अगवानपुर में आकर बस गए थे। परिवार में पत्नी रेनी, दो बेटे गौरव कुमार और विशाल कुमार व एक बेटी अंकिता है। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी हैं। पत्नी निजी स्कूल में शिक्षिका है। जबकि गौरव और विशाल निजी कंपनी में काम करते हैं। 13 अप्रैल को सतेंद्र कुमार ने सिविल लाइंस थाने में प्रार्थना पत्र दिया था।। जिसमें उन्होंने अपने परिजनों से विवाद की बात कही थी। उन्होंने मांग की थी कि उसे मकान में हिस्सा दिलाया जाए। बुजुर्ग अगर यही बात परिवार वालों से कहता है तो वह पिटाई करने पर उतारू हो जाते है। सिविल लाइंस थाने से उनका प्रार्थना पत्र अगवानपुर पुलिस चौकी भेज दिया था। चौकी इंचार्ज ने सतेंद्र की पत्नी व उसके बेटों को जानकारी के लिए चौकी पर बुला लिया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बुजुर्ग को घर में घुसने नहीं दिया। बुजुर्ग सतेंद्र 13 अप्रैल से घर के बाहर रह रहे थे। बुधवार को उसका शव घर के बाहर सड़क पर पेड़ के नीचे पड़ा था। उसको बेसुध हालत में देख कर परिजनों के हाथ पांव फूल गए। परिजनों ने आनन फ़ानन में उसको एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बुधवार आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक के पेट में खाने का एक भी दाना नहीं मिला है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया है।
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