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गन्ना सर्वे न करने पर मंडल की 17 मिलों को नोटिस
ब्यूरो अमर उजाला / मुरादाबाद
Updated Mon, 28 May 2018 01:38 AM IST
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जला गन्ना
- फोटो : बस्ती
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ज्यादा चीनी उत्पादन होने और गन्ने की बंपर पैदावार से नाराज मिलों ने गन्ना सर्वे करने से इंकार कर दिया है। इस अभियान में मंडल की 22 में से 17 चीनी मिलें भी शामिल हो गई हैं। गन्ना आयुक्त ने सर्वे न करने वाली चीनी मिलों को नोटिस जारी कर तत्काल सर्वे शुरू कराने के आदेश दिए हैं। आदेश का पालन न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
चीनी मिले गन्ना बकाया का भुगतान नहीं कर रही हैं। चीनी मिलें 2157.01 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 247.37 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी हैं। मिलों पर 200466.77 लाख रुपये गन्ना बकाया चल रहा है। इसके अलावा 2492.19 लाख रुपये का ब्याज भी बकाया है। मिलें इसका भुगतान नहीं कर पा रही है। थोक बाजार में चीनी के दामों में गिरावट के चलते मिल चीनी की बिक्री नहीं कर पा रही हैं। शासन-प्रशासन की गन्ना भुगतान की सख्ती के बाद मिलों ने अगले सत्र के लिए गन्ने का सर्वे करने से इंकार कर दिया है।
गन्ने का सर्वे न हो पाने से अगले सत्र का गन्ना सट्टा तय नहीं हो पाएगा। इससे तकनीक रूप से किसानों को गन्ना तौल की पर्चियां जारी नहीं की जा सकती हैं। मिलों के सर्वे न करने को शासन ने गंभीरता से लिया है। मिलों को गन्ना आयुक्त की ओर से नोटिस जारी कर सर्वे शुरू करने को कहा गया है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी और संयुक्त गन्ना आयुक्त विश्वेश कनौजिया ने जारी आदेशों में मिल प्रबंधन को चीनी मिलों के लाइसेंस पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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चीनी मिले गन्ना बकाया का भुगतान नहीं कर रही हैं। चीनी मिलें 2157.01 लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर 247.37 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन कर चुकी हैं। मिलों पर 200466.77 लाख रुपये गन्ना बकाया चल रहा है। इसके अलावा 2492.19 लाख रुपये का ब्याज भी बकाया है। मिलें इसका भुगतान नहीं कर पा रही है। थोक बाजार में चीनी के दामों में गिरावट के चलते मिल चीनी की बिक्री नहीं कर पा रही हैं। शासन-प्रशासन की गन्ना भुगतान की सख्ती के बाद मिलों ने अगले सत्र के लिए गन्ने का सर्वे करने से इंकार कर दिया है।
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गन्ने का सर्वे न हो पाने से अगले सत्र का गन्ना सट्टा तय नहीं हो पाएगा। इससे तकनीक रूप से किसानों को गन्ना तौल की पर्चियां जारी नहीं की जा सकती हैं। मिलों के सर्वे न करने को शासन ने गंभीरता से लिया है। मिलों को गन्ना आयुक्त की ओर से नोटिस जारी कर सर्वे शुरू करने को कहा गया है। गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी और संयुक्त गन्ना आयुक्त विश्वेश कनौजिया ने जारी आदेशों में मिल प्रबंधन को चीनी मिलों के लाइसेंस पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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