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रात्रि भत्तों को बंद करने का आदेश, रेलकर्मियों में आक्रोश
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मुरादाबाद के रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते नॉर्दन रेलवे मेंस यूनियन के लोग।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार 43,600 रुपये मूल वेतन पाने वाले रेल कर्मचारी रात्रि भत्ते के हकदार नहीं होंगे। इन कर्मचारियों को रात्रि भत्ता नहीं दिया जाएगा साथ ही जुलाई 2017 के बाद से जिस कर्मचारी को भत्ता दिया गया है वह भी वापस करना करना होगा। इस आदेश के बाद रेल कर्मियों और कर्मचारी संगठनों में बेहद रोष है। इसे लेकर नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने डीजी रेलवे को पत्र लिखकर विरोध दर्जा कराया है।
इसके अलावा मंडल स्तर पर भी यूनियन के पदाधिकारी विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को नरमू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस आदेश के विरोध में रेलवे स्टेशन पर एकत्र होकर नारेबाजी की। मंडल मंत्री राजेश चौबे का कहना है कि यह फैसला रेलकर्मियों के खिलाफ है। जुलाई 2017 से अब तक का भत्ता यदि वापस लिया गया तो अनेक कर्मचारियों को एक लाख रुपये से अधिक की रकम लौटानी होगी। मंडल मंत्री का कहना है कि यह रकम कर्मचारियों ने सरकार से छीनी नहीं बल्कि यह उनका हक है जो उनसे छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो देश व्यापी प्रदर्शन होगा। इस मौके पर डीके शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, कुंवर सुहेल खालिद, जगन्नाथ सिंह, सुनील शर्मा आदि मौजूद रहे।
दूसरी ओर उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने रात्रि भत्ता बंद किए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। संगठन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि रात्रि भत्ता रेल कर्मियों को हमेशा से मिलता रहा है। पूरी रात ड्यूटी करने के बाद यदि कर्मचारियों को उनका हक न मिले तो यह भेदभावपूर्ण नीति कहलाएगी। संगठन ने मांग की है कि इस आदेश को जल्द वापस लिया जाए। रात्रि भत्ता न मिलने की स्थिति में कर्मचारी रात में ड्यूटी भी नहीं करेंगे।
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दीपावली से पहले आवासों की मरम्मत की मांग
मुरादाबाद। रेल कर्मचारी संगठन उरमू ने दीपावली से पहले सरकारी आवासों की मरम्मत व रंगाई-पुताई कराने की मांग की है। इस संबंध में मंडल मंत्री शलभ सिंह ने मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश को पत्र प्रेषित किया है। उनका कहना है कि रेलवे कालोनियों में बने आवास काफी समय से क्षतिग्रस्त हैं। त्योहार के मौके पर इनकी मरम्मत व रंगाई-पुताई कराई जाए। जिससे इन आवासों में रहने वाले रेलकर्मियों को परेशानी न हो। ब्यूरो
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इसके अलावा मंडल स्तर पर भी यूनियन के पदाधिकारी विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को नरमू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस आदेश के विरोध में रेलवे स्टेशन पर एकत्र होकर नारेबाजी की। मंडल मंत्री राजेश चौबे का कहना है कि यह फैसला रेलकर्मियों के खिलाफ है। जुलाई 2017 से अब तक का भत्ता यदि वापस लिया गया तो अनेक कर्मचारियों को एक लाख रुपये से अधिक की रकम लौटानी होगी। मंडल मंत्री का कहना है कि यह रकम कर्मचारियों ने सरकार से छीनी नहीं बल्कि यह उनका हक है जो उनसे छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो देश व्यापी प्रदर्शन होगा। इस मौके पर डीके शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, कुंवर सुहेल खालिद, जगन्नाथ सिंह, सुनील शर्मा आदि मौजूद रहे।
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दूसरी ओर उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने रात्रि भत्ता बंद किए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है। संगठन के मंडल मंत्री शलभ सिंह का कहना है कि रात्रि भत्ता रेल कर्मियों को हमेशा से मिलता रहा है। पूरी रात ड्यूटी करने के बाद यदि कर्मचारियों को उनका हक न मिले तो यह भेदभावपूर्ण नीति कहलाएगी। संगठन ने मांग की है कि इस आदेश को जल्द वापस लिया जाए। रात्रि भत्ता न मिलने की स्थिति में कर्मचारी रात में ड्यूटी भी नहीं करेंगे।
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दीपावली से पहले आवासों की मरम्मत की मांग
मुरादाबाद। रेल कर्मचारी संगठन उरमू ने दीपावली से पहले सरकारी आवासों की मरम्मत व रंगाई-पुताई कराने की मांग की है। इस संबंध में मंडल मंत्री शलभ सिंह ने मंडल रेल प्रबंधक तरुण प्रकाश को पत्र प्रेषित किया है। उनका कहना है कि रेलवे कालोनियों में बने आवास काफी समय से क्षतिग्रस्त हैं। त्योहार के मौके पर इनकी मरम्मत व रंगाई-पुताई कराई जाए। जिससे इन आवासों में रहने वाले रेलकर्मियों को परेशानी न हो। ब्यूरो