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राष्ट्रीय पोषण माह एक सितंबर से शुरू होगा
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मुरादाबाद। राष्ट्रीय पोषण माह एक सितंबर से शुरू होगा। कुपोषित बच्चों को उचित आहार देने के लिए हर संभव इंतजाम किया जाएगा। कुपोषण को दूर करने के लिए गांव से लेकर शहर तक जनांदोलन बनाया जाएगा। कलक्ट्रेट सभागार में ये बातें जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताई।
बताया कि कुपोषण से लड़ने के लिए ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लिया जाएगा। बच्चों के पोषण के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा। कुपोषण के खिलाफ जनता के सहयोग से जंग लड़ा जाएगा। कोई कुपोषित बच्चा नहीं छूटेगा। गर्भवती महिलाओं के वजन का डॉटा इकट्ठा किया जाएगा। महिलाओं की लगातार मानीटरिंग की जाएगी। एनीमिया के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी आधार पर उनको राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि आधार कार्ड से लिंक होने पर ही पोषण ट्रैकर में राशन का कालम दिखाई देगा। इस कारण आधार कार्ड को जोड़ना होगा आंगनबाड़ी केंद्रों में दस हजार सहजन के पौधे लगाए गए हैं। अब कुपोषित बच्चे के परिवार को पशुपालन विभाग की मदद से गाय उपलब्ध कराई जाएगी। एक कुपोषित बच्चे को कम से आधा लीटर गाय के दूध की जरूरत पड़ेगी। परिवार के लोग एक गाय पाल लेंगे। उनको दूध के लिए दूसरे का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। मधुमेह पीड़ित महिला के मामले में कई प्रकार के टेस्ट कराए जाएंगे।
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बताया कि कुपोषण से लड़ने के लिए ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग लिया जाएगा। बच्चों के पोषण के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी होगा। कुपोषण के खिलाफ जनता के सहयोग से जंग लड़ा जाएगा। कोई कुपोषित बच्चा नहीं छूटेगा। गर्भवती महिलाओं के वजन का डॉटा इकट्ठा किया जाएगा। महिलाओं की लगातार मानीटरिंग की जाएगी। एनीमिया के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसी आधार पर उनको राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुपमा शांडिल्य ने बताया कि आधार कार्ड से लिंक होने पर ही पोषण ट्रैकर में राशन का कालम दिखाई देगा। इस कारण आधार कार्ड को जोड़ना होगा आंगनबाड़ी केंद्रों में दस हजार सहजन के पौधे लगाए गए हैं। अब कुपोषित बच्चे के परिवार को पशुपालन विभाग की मदद से गाय उपलब्ध कराई जाएगी। एक कुपोषित बच्चे को कम से आधा लीटर गाय के दूध की जरूरत पड़ेगी। परिवार के लोग एक गाय पाल लेंगे। उनको दूध के लिए दूसरे का मुंह नहीं देखना पड़ेगा। मधुमेह पीड़ित महिला के मामले में कई प्रकार के टेस्ट कराए जाएंगे।
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