Moradabad: बच्चा पैदा नहीं हुआ तो मासूम का किया अपहरण, पकड़े गए तो पुलिस को सामने हाथ जोड़कर रोने लगे
पुलिस ने बताया कि ठाकुरद्वारा से चार माह के बच्चे का अपहरण कर लिया गया था। इसकी जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल के रहने वाला दंपती बच्चे को अपने साथ ले गया। पुलिस ने दंपती को पकड़कर बच्चे को बरामद कर लिया है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
विस्तार
ठाकुरद्वारा से चार माह के मासूम राजकुमार उर्फ दीपू को निसंतान दंपती ने अगवा किया था। आरोपी उसे पालने के लिए महाराष्ट्र के नागपुर ले गए थे। पुलिस ने पति पत्नी को गिरफ्तार करने के बाद बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चे को उसके मां बाप को सौंप दिया गया है।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जनपद के राजनगर थाना के कुडौला गांव निवासी रामपाल ठाकुरद्वारा क्षेत्र में पशुपति फैक्टरी में काम करता है। वह अपने पत्नी और चार बेटी और चार बेटों के साथ फैक्टरी परिसर में ही झोपड़ी डालकर रहता है। 25 दिसंबर की दोपहर करीब दो बजे रामपाल का सबसे छोटा बेटा राजकुमार उर्फ दीपू (चार माह) अचानक गायब हो गया।
काफी तलाश करने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। इसी दौरान पता चला कि फैक्टरी में मजदूरी करने वाला मुमताज और उसकी पत्नी अफसाना भी गायब हैं। दोनों के पास कोई संतान नहीं है। पुलिस ने शक के आधार पर मुमताज और उसकी पत्नी अफसाना के खिलाफ केस दर्ज कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि मुमताज को पश्चिम बंगाल के 24 परगना निवासी ठेकेदार सद्दाम लेकर आया था। पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल पहुंच कर वहां की पुलिस की मदद से हावड़ा जनपद के लिलुवा पहुंच गई। वहां मुमताज और उसकी पत्नी अफसाना के बारे में जानकारी की।
वहां पुलिस को मुमताज की मां रेखा पत्नी साहिब दास मिल गई। मुमताज की मां रेखा ने बताया कि उसके बेटे आकाश दास ने एक साल पहले महाराष्ट्र के नागपुर जनपद के पारड़ी थाना क्षेत्र के पूनापुर रोड नवीन नगर निवासी अफसाना से निकाह कर लिया था। यह भी बताया कि निकाह करने के बाद आकाश दास ने अपना नाम अरमान अंसारी रख लिया था।
इसके बाद पुलिस मुमताज उर्फ आकाश दास उर्फ अरमान अंसारी को खोजते हुए नागपुर तक पहुंच गई लेकिन वहां कोई नहीं मिला। पुलिस टीम उसके और उसकी पत्नी की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने शनिवार सुबह आकाश दास उर्फ मुमताज उर्फ अरमान अंसारी और उसकी पत्नी अफसाना को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों के पास से रामपाल का चार माह का बेटा दीपू उर्फ राजकुमार भी सकुशल बरामद हो गया। एसएसपी हेमराज मीना ने बच्चे को बरामद करने वाली टीम को 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
लगाव हो गया था इसलिए बच्चे को ले गए साथ
एसपी देहात हेमराज मीणा ने बताया कि जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनकी कोई संतान नहीं है। जबकि कंपनी में साथ काम करने वाले छतरपुर निवासी रामपाल के चार बेटे और चार बेटियां हैं। आरोपी दंपती ने कहा कि रामपाल और उसकी पत्नी अपनी आठवीं संतान चार माह के दीपू का ठीक से ख्याल नहीं रख पाते थे।
आरोपियों ने कहा कि बच्चा अक्सर उनके पास रहता था और वहीं उसकी परवरिश करते थे, जिससे लगाव हो गया। लगाव होने और खुद की संतान न होने के कारण पालन के लिए उसे अपने साथ लेकर चले गए थे।
मां ने पति को छोड़ कर ली दूसरी शादी
पश्चिम बंगाल पहुंची पुलिस ने मुमताज की मां रेखा से पूछताछ की। तब पता चला कि रेखा देवी और उसके पति प्रकाश दास के पांच बच्चे सूरज दास, आकाश दास, बादल दास, चांद दास और उम्रदास हैं। इसके अलावा ये भी पता चला कि प्रकाश दास ने रेखा देवी को छोड़ दिया था। उसने 2 साल पहले साहेब दास नाम के व्यक्ति से शादी कर ली।
पुलिस ने की हवाई यात्रा
मजदूर दंपती के चार माह के बच्चे सकुशल बरामद करने के लिए वाकई मेहनत की है। पुलिस की टीम बच्चे की तलाश में पश्चिम बंगाल पहुंची हौर हावड़ा में आरोपी दंपती के बारे में पता किया। यहां आरोपी की मां ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा नागपुर में रहता है। इसके बाद टीम ने पश्चिम बंगाल से ही नागपुर के लिए हवाई जहाज से रवाना हो गई थी। इसके बाद ही पुलिस को सफलता मिल पाई।