मुरादाबाद: हिस्ट्रीशीटर को मारी थीं तीन गोलियां, एक ने भेजा चीरा, दूसरी सीने में लग कमर की हड्डी में फंसी
kamal chauhan murder case: हिंदू समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल चौहान की रविवार शाम दस सराय पुलिस चौकी के पीछे गोली मारकर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। हत्या का आरोप हिस्ट्रीशीटर सनी दिवाकर समेत छह लोगों पर लगा है। इलाके में तनाव के चलते पुलिस और पीएसी बल तैनात है।
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Moradabad Crime News: कटघर के भदौड़ा दुर्गेश नगर निवासी कमल चौहान रविवार शाम छह बजे अपने दोस्त विशाल शर्मा के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। दस सराय पुलिस चौकी के पीछे कर्बला मैदान में हमलावरों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद हत्यारोपी मौके से भाग गए थे। पुलिस ने कमल चौहान के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इससे पहले शव का एक्सरे कराया गया। जिससे गोली के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखे गए।
सोमवार शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि कमल चौहान को तीन गोलियां मारी गई थीं। एक गोली सिर में दायी साइड मारी गई थी जो भेजा चीरते हुए बायी साइड से बाहर निकल गई थी। दूसरी गोली सीने में मारी गई थी यह गोली कमर में हड्डी में फंसी मिली। तीसरी गोली कमर को छूते हुए निकल गई थी।
कटघर थाने के हिस्ट्रीशीटर एवं हिंदू समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष कमल चौहान का शव सोमवार की दोपहर घर पहुंचा तो परिजन भड़क गए। महिलाओं ने हंगामा करते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने पुलिस अफसरों से कहा कि जब तक हत्यारोपी नहीं पकड़े जाएंगे तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस अफसरों ने 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया तो परिजन मान गए।
सोमवार की शाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। कमल चौहान के भाई ने हिस्ट्रीशीटर सनी दिवाकर, मोनू पाल, विक्की दिवाकर, निहाल वाल्मीकि, सुभाष यादव, नकुल यादव के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। इस हत्याकांड के बाद से दुर्गेश नगर, डबल फाटक और दस सराय क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है।
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सोमवार की दोपहर कमल चौहान के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद पुलिस घेरे में कमल चौहान के शव को एंबुलेंस के जरिए उसके घर तक पहुंचा गया। शव को देखते हुए परिजन भड़क गए और महिलाएं हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा करने लगीं। उन्होंने कहा कि जब तक हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं किए जाएंगे वह अंतिम संस्कार नहीं होने देंगी।
सीओ कटघर आशीष प्रताप सिंह ने परिजनों और मोहल्ले के लोगों को आश्वासन दिया है कि 24 घंटे में हत्यारोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। इसके बाद परिजन मान गए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया है। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह ने बताया कि पुलिस की पांच टीमें हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।
एसपी सिटी छह थानों की फोर्स के साथ रहे मौजूद
जाम लगाने और हंगामा करने की आशंका को देखते हुए दस सराय, कर्बला मैदान, दुर्गेश नगर, डबल फाटक से लेकर मोक्ष धाम तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह, कोतवाली सीओ सुनीता दहिया, सिविल लाइंस सीओ कुलदीप गुप्ता, सीओ कटघर आशीष प्रताप सिंह छह थानों की फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहे। लोग जमा लगाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाकर मना लिया।
13 जून को जेल से छूटा था कमल चौहान
इसी साल मार्च माह में कटघर थाने की पुलिस ने कमल चौहान को सवा किलो चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। 13 जून को कमल चौहान जमानत पर बाहर आया था।
तहेरे भाई से गिरोह मांग रहा था रंगदारी, दीवार बन गए थे कमल चौहान
सनी दिवाकर व उसके गिरोह के सदस्यों ने कमल चौहान के तहेेरे भाई देवेश से रंगदारी मांगी थी। इसकी भनक लगने पर कमल चौहान अलर्ट हो गए और गिरोह और देवेश के बीच दीवार बन गए थे। इसी बात से खफा होकर सनी दिवाकर व उसके साथियों ने कमल चौहान को रास्ते से हटाने की ठान ली थी।
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कमल चौहान के भाई संजय ने दर्ज कराए केस में बताया कि सनी दिवाकर ने उसके तहेरे भाई देवेश से रंगदारी मांगी थी। रकम न देने पर देवेश को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में देवेश ने कटघर थाने में सनी दिवाकर, विक्की दिवाकर, सुभाष यादव और नकुल यादव के खिलाफ केस दर्ज कराया था जिसमें देवेश ने बताया कि उसका भाई गांगन तिराहा स्थित शराब दुकान पर सेल्समैन है।
20 अगस्त की रात चारों आरोपी दुकान पर पहुंचे और शराब की बोतल मांगते हुए पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। कमल चौहान को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने रंगदारी का विरोध किया था। इसी बात को लेकर सनी दिवाकर व उसके साथियों ने रंजिश रख ली थी। 20 अगस्त की घटना में पुलिस ने तीन सितंबर को केस दर्ज किया लेकिन एक भी आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई थी।