मुरादाबाद: झुग्गी-झोपड़ियों पर गिरा पटाखा, 17 कच्चे घर जलकर राख, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची
मुरादाबाद में दीपावली की रात संभल रोड पर कोहिनूर तिराहे पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। इसकी चपेट में कुछ मकान भी आए हैं। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंच आग पर बमुश्किल काबू पाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुरादाबाद के कटघर क्षेत्र में दिवाली की रात पटाखे की चिंगारी 17 झुग्गी-झोपड़ियां राख हो गईं। आग की लपटें तीन दुकानों में आ गईं। दमकल विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद 15 गाड़ी पानी डाल कर आग पर काबू पाया। कटघर थाना क्षेत्र में कोहिनूर तिराहा के पास एक खाली प्लाट में पश्चिम बंगाल के ये लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर रहते हैं।
इन झोपड़ियों में 17 परिवारों के 85 लोग रहते थे। सभी लोग कबाड़ बिनने का काम करते हैं। यहां एक कबाड़ की दुकान भी थी। रविवार रात करीब डेढ़ बजे पटाखे की चिंगारी एक झुग्गी पर गिर गई, जिससे झुग्गी में आग लग गई। इस झुग्गी में रह रहा परिवार शोर मचाते हुए बाहर निकल आया।
इसके बाद अन्य झुग्गी के भी परिवार बाहर निकल आए और उन्होंने बच्चे और महिलाओं को भी बाहर निकाल लिया। इसी बीच देखते ही देखते आग अन्य झुग्गी में भी फैल गई। इसी दौरान वहां झुग्गियों में रखा सिलिंडर भी फट गया। जिससे दूर तक फैल गई। सूचना मिलने पर कटघर थाने की पुलिस और दमकल विभाग की टीमें गाड़ियां लेकर मौके पर पहुंच गई।
दमकल विभाग की टीमों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी केके ओझा ने बताया कि आग बुझाने के लिए पांच गाड़ियां लगाई गई थीं। जिनकी मदद से 15 गाड़ी पानी डाला गया। दो दर्जन से अधिक कर्मचारी आग बुझाने में डटे रहे। प्राइवेट संस्थानों से भी एहतियात के तौर पर दमकल की गाड़ियां मंगाई गई थीं।
तीन दुकानों में भी लगी आग
झुग्गियों में लगी आग से आसपास की तीन दुकानों में भी आग लग गई थी। एक परचून की दुकान, लकड़ी का टाल और क्रॉकरी की दुकान में भी आग पहुंच गई थी। पांच लोग अंदर फंस गए थे। जिन्हें दमकल कर्मचारियों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
17 परिवारों के सामने खाने पीने का संकट
इस अग्निकांड के बाद झुग्गियों में रहने वाले 17 परिवार के 85 लोगों के सामने खाने पीने तक का संकट खड़ा हो गया है। मेहनत मजदूरी करने वाले परिवारों की जमा पूंजी के साथ ही खाने पीने का सामान भी जलकर राख हा गया है। अब फिर से वह झुग्गियां बनाएंगे।
गृहस्थी जलकर राख, बिलखते रह गए परिवार
पश्चिम बंगाल के मुर्सिदाबाद निवासी कबीर, सिराजुल, अजीम, कमरूल, रूखसुन, आलम ने बताया कि 17 परिवार झुग्गी में रहते थे। झुग्गियों में ही आटा, चावल और अन्य खाने का सामान रखा था। गृहस्थी का सामान आंखों के सामने ही जलकर राख हो गया।
इन परिवारों की महिलाओं और बच्चे रोते बिलखते रह गए। कबाड़ बिनने के लिए रखे गए रिक्शा भी जल गए हैं। अब इन परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट आ गया है। दुकानदार मोहम्मद आबिद ने बताया कि करीब ढाई लाख का सामान जलकर राख हो गया है।