Moradabad: बजट में अफसरों की मनमानी, मेयर ने उठाए सवाल, नगर निगम बैठक में जिम्मेदार नहीं दे पाए जवाब
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में वर्ष 2025-26 का पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। कुछ मदों में मनमानी बढ़ोतरी पर महापौर ने आपत्ति जताई और संशोधन के निर्देश दिए। बैठक में पार्षदों की विभिन्न स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी।
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मुरादाबाद नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में सोमवार को वर्ष 2025-26 को पुनरीक्षित बजट पेश किया गया। महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता वाली बैठक में 1146.49 करोड़ रुपये की आय की तुलना में 1022.46 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी गई। वहीं विभिन्न मदों को मनमाने तरीके से बजट बढ़ाए जाने पर महापौर ने सवाल खड़े कर दिए।
पूछना पड़ा कि इतना बजट क्यों बढ़ा दिया गया? कई मदों पर अधिकारी जवाब नहीं दे सके, उन्हें इसमें संशोधन करने की बात की। कुछ मदों में विवरण मांगते हुए रोका गया है। बैठक सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुई। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल कुछ देर के लिए आए और फिर चले गए।
इसके बाद अपर नगर आयुक्त ने ही सदन की कार्रवाई का संचालन किया। पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि के बाद पार्षदों ने अपनी समस्याएं रखीं। इसमें पार्षद शैलेंद्र कुमार व प्रशांत कुमार आदि पार्षदों ने पंडित नगला में श्मशान घाट बनाने, हनुमान मूर्ति से रेलवे क्राॅसिंग तक नाला बनाने, बंदरों से निजात दिलाने, सफाई दुरुस्त कराने, पथ प्रकाश व्यवस्था ठीक कराने जैसी कई मांगे रखी गई, जिन्हें स्वीकृति मिल गई।
एजेंडे के सभी 13 प्रस्तावों को पारित कर दिया गया। पार्षद नदीम ने शहरभर में लगवाए गए खोखों के खाली पड़े होने और पार्षद विनोद शर्मा ने पार्किंग का मुद्दा उठाया। इस दौरान शिवप्रसाद शर्मा, मोहसिन अहमद, शिखा परमार, मनोरमा सैनी, चंद्रभान सैनी, शमशेर अली, विशाल सिंह गोलू, मोहम्मद जुनैद, अजय तोमर शामिल रहे।
इससे मिली राहत
सदन ने सीधे तौर पर पार्कों का प्रवेश शुल्क कम करने, विभिन्न बाजारों में दुकानों का किराया कम करने, 31 जनवरी तक एक मुश्त बकाया जमा करने पर 10 प्रतिशत छूटने देने, बिना वैधानिक अनुमति के सड़कों को न खोदने के प्रस्तावों को पारित कर लोगों को राहत दी है।
एफओबी को करें हैंडओवर
मेयर ने कहा कि 10 साल पहले फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने के लिए नगर निगम ने रेलवे को 6.31 करोड़ की धनराशि दी थी, छह करोड़ की जमीन भी दी थी। वह तैयार हो गया, अब जर्जर होने की स्थिति में आ गया है लेकिन रेलवे ने उसे अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया। इसके लिए रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए।
दुकानदारों को मिली राहत
- 500 प्रति वर्गमीटर मासिक किराया की श्रेणी में आंबेडकर मार्केट, पटेल मार्केट, जनाना अस्पताल के सामने मार्केट, जनाना अस्पताल साइड मार्केट, मर्दाना अस्पताल गेट मार्केट, मर्दाना अस्पताल साइड मार्केट एवं हरीशन मार्केट के लिए निर्धारित किया गया, यहां पहले 618.7 प्रति वर्ग मीटर किराया था।
- 400 प्रति वर्गमीटर मासिक किराया वाली श्रेणी में प्रताप मार्केट, मानपुर मार्केट, मधुबनी मार्केट व कटरा नाज खां को रखा गया है।
- 300 प्रति वर्गमीटर मासिक किराया में हैलेट रोड भू-तल एवं पूर्वी पटरी, जामा मस्जिद मार्केट तथा कपूर कंपनी चौराहा को रखा गया है।
- 250 प्रति वर्गमीटर मासिक किराया केवी खान मार्केट व सिंधी पोंड मार्केट और 200 प्रति वर्गमीटर मासिक किराया में हैलेट रोड प्रथम तल व देहरी गांव क्षेत्र की दुकानों के लिए तय किया गया।
इन मदों के खर्च बढ़ाने पर मेयर ने उठाए सवाल
- सामान्य प्रशासन की मद में भी व्यय 3.50 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ करने पर
- कंप्यूटर ऑपरेटरों पर खर्च 65 लाख से बढ़ाकर 70 लाख करने पर
- सफाई कर्मियों पर पिछले साल 37 करोड़ व्यय था, अब 40 करोड़ कर दिया गया
- स्वास्थ्य में आउटसोर्सिंग कर्मियों पर खर्च 40 से बढ़ाकर 60 करोड़ करने पर
- वाहनों की मरम्मत का व्यय 1.50 करोड़ से बढ़ाकर 1.80 करोड़ रुपये किया गया। स्कॉडा योजना पर पहले खर्च पांच करोड़ लिखा था, अब 60 करोड़ मांगा गया है।