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Moradabad: मौत के बाद अस्पताल के बाहर परिजनों ने शव रखकर किया प्रदर्शन, लापरवाही बरतने का आरोप

Sat, 02 Dec 2023 05:39 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 02 Dec 2023 05:39 PM IST
सार

परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक को टक्कर मारने वाले आरोपियों का पुलिस पता नहीं लगा सकी। इसके साथ ही केस भी दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने आरोपी चालक की गिरफ्तारी और क्षतिपूर्ति की मांग की है। 

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Moradabad: After death family members protested keeping dead body outside hospital, alleging negligence
यूपी पुलिस(FILE) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क हादसे में घायल युवक की दिल्ली रोड स्थित साईं अस्पताल में छह दिन बाद मौत हो गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। परिजन चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने समझा बुझाकर परिजनों को शांत किया।

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सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मऊ निवासी जयवीर सिंह (23) मजदूरी करता था। भाई राजेंद्र ने बताया कि 24 नवंबर को जयवीर अपने दो साथियों मोनू उर्फ मांधाता व अरविंद सिंह के साथ मझोला क्षेत्र के कांशीराम नगर स्थित एक दावत में गया था। रात करीब 11 बजे वहां से वापस लौटते समय बुद्धा पार्क के पास कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
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हादसे में बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। गंभीर हालत में जयवीर को दिल्ली रोड स्थित साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां शुक्रवार की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे मझोला पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए अस्पताल पहुंची लेकिन परिवार वालों ने शव को एंबुलेंस में नहीं रखने दिया।
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परिवार के लोग पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। परिजन शव को अस्पताल के बाहर सड़क पर रखकर पुलिस के खिलाफ ही प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी मझोला संजय कुमार पांचाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

थोड़ी देर में ही सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी शर्मा भी फोर्स के साथ अस्पताल पर पहुंचे। इस दौरान राजेंद्र सिंह ने कहा कि उसने 25 नवंबर को ही कार चालक के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने अगले दिन एफआईआर दर्ज की। इतना ही नहीं कार कब्जे में होने के बाद भी चालक का पता लगाकर उसे गिरफ्तार नहीं किया।


परिवार के लोग आरोपी चालक की गिरफ्तारी और क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे थे। दोनों थाना प्रभारियों ने किसी प्रकार परिजनों को समझा बुझाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने में सफलता हासिल की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया ।

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