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Moradabad News: देख लो स्मार्ट सिटी के पार्क...चारों तरफ फैली गंदगी, हर कोना उदास

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 02:37 AM IST
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Look at the parks of Smart City...filth spread all around, every corner is sad.
मुरादाबाद। शहर को हराभरा और सुंदर बनाने के दावों की पोल नगर निगम के पार्क खोल रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित किए गए पार्क आज बदहाली, गंदगी और कब्जों का शिकार हैं। हालात यह हैं कि कहीं कूड़े के ढेर लगे हैं, तो कहीं पार्कों की जमीन पर पशु बांधे जा रहे हैं। मरम्मत के नाम पर निगम की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
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रविवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि कांशीरामनगर, हिमगिरी कॉलोनी, मधुबनी, दीनदयाल नगर और बुद्धि विहार जैसे पॉश इलाकों के पार्क भी उपेक्षा का शिकार हैं। मधुबनी कॉलोनी का गणेश शंकर विद्यार्थी पार्क हो या दीनदयाल नगर में साईं मंदिर के सामने स्थित महर्षि दयानंद पार्क। हर जगह अव्यवस्था का आलम है। दीनदयाल नगर के पंप हाउस वाले पार्क में तो स्थिति और भी चौंकाने वाली है। पार्क की जमीन पर ट्रांसफार्मर और वाटर वर्क्स के उपकरण लगाकर उसका बड़ा हिस्सा घेर लिया गया है। जो जगह बची है, उसमें भी न सफाई है और न रखरखाव।
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पार्कों में घास-फूस और झाड़ियां इतनी बढ़ चुकी हैं कि वे जंगल जैसे दिखाई देते हैं। हिमगिरी कॉलोनी के एक पार्क में आज तक फुटपाथ नहीं बना। पार्क में दो मंदिर बन गए हैं। लोग पशु बांध रहे हैं और शेष हिस्से में कूड़ा फेंक रहे हैं। हिमगिरी व काशीरामनगर के कई पार्कों में बच्चों के लिए लगाए गए झूले टूटे पड़े हैं। कई जगहों पर कुत्तों और अन्य पशुओं ने पार्कों को अपना ठिकाना बना लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-शाम टहलना भी मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कुछ पार्क स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किए गए थे। विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव की जिम्मेदारी जैसे किसी ने ली ही नहीं। सुंदर शहर के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए बने ये पार्क अब बदहाली और लापरवाही की कहानी बयान कर रहे हैं।
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लोगों के वर्जन

हिमगिरी के सी-ब्लॉक का यह बड़ा पार्क चार माह से बदहाल पड़ा है। झूले व बेंच टूट गई हैं। कभी यहां सफाई नहीं होती। कूड़ा पड़ा रहता है और रात में कुछ असामाजिक तत्व यहां बैठने लगे हैं, जिससे माहौल खराब हो रहा है।
- कोमल जुगलान, हिमगिरी कॉलोनी

पार्क में गंदगी और बदहाली के विषय में स्थानीय पार्षद को पता है। उनके स्तर से प्रयास किया गया लेकिन हालात फिर वही हो गए हैं। बुजुर्ग व महिलाएं पार्क में टहल भी नहीं सकते।
- अमित कुमार, हिमगिरि कॉलोनी

हम यहां 30 साल से रह रहे हैं। इस पार्क को नगर निगम ने कभी विकसित नहीं किया। अब स्थिति यह है कि मंदिर बनने की वजह से कुछ साफ-सफाई रहती है। बाकी हिस्से में लोग अब भी कूड़ा फेंकते हैं।
- रेखा देवी, हरथला स्टेशन रोड

हमें यहां रहते हुए 20 साल हो गए हैं। इस बीच कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नगर निगम से पत्राचार किया लेकिन पार्क की हालत आज भी वही है। लोग यहां पशु न बांधें तो क्या करें।
- सविता सिंह, हरथला स्टेशन रोड

पार्क में लगे झूले टूटे हुए हैं। कुत्तों के आने से बच्चों में डर रहता है इसलिए वह खेल नहीं पाते। सुना है कि पार्क पर 45 लाख रुपये खर्च हुए हैं लेकिन यहां न तो कोई सफाई करने आता है और न ही मरम्मत होती है।
- अखिलेश रस्तोगी, दीनदयाल नगर

पार्क में गंदगी है, कॉलोनी में नालियां चोक हैं और सड़क टूटने लगी है। बुजुर्गों के टहलने लायक यह पार्क नहीं बचा है। नगर निगम के अधिकारी यहां आकर नहीं देखते।

- खूब सिंह, दीनदयाल नगर

पार्क पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी इसका लाभ कॉलोनी के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जानवरों के आने से लोग यहां बैठ नहीं सकते। बच्चों को खेलने भेजने से भी डर लगता है।
- प्रदीप कुमार, दीनदयाल नगर

वर्जन
नगर निगम के पार्क जहां भी खराब स्थिति में हैं, उनकी पूरी जानकारी लेकर नियमित रखरखाव के लिए टीम को निर्देश देंगे।
- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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