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सत्ता का संग्राम 2024: कांग्रेस के 40 साल के सूखे को खत्म करना दानिश के लिए चुनौती; अमरोहा सीट का यह इतिहास
Sun, 24 Mar 2024 01:46 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Mar 2024 01:46 PM IST
सार
कांग्रेस पार्टी ने अमरोहा लोकसभा सीट से बसपा से निलंबित सांसद दानिश अली को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2019 तक हुए चुनाव में कांग्रेस इस सीट पर अबतक चार बार चुनाव जीत चुकी है। इस बार दानिश अली पर कांग्रेस ने विश्वास जताया है।
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सांसद दानिश अली का स्वागत करते कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आखिर वही हुआ जिसकी उम्मीद थी। कांग्रेस ने दानिश अली अमरोहा से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही हाथी की सवारी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा लिया था। लेकिन उनके लिए कांग्रेस के 40 साल के सूखे को खत्म करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। क्योंकि कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी उनको टिकट दिए जाने की मुखालफत कर रहे थे।
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2019 में दानिश अली जनता दल (एस) को छोड़कर बसपा शामिल हो गए। जिसके बाद वह अमरोहा से टिकट लेने में कामयाब रहे। इस चुनाव में उन्होंने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को हराया था। पिछले काफी समय से उनका कांग्रेस के प्रति प्रेम दिखाई दिया।
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दिसंबर 2023 में बसपा हाईकमान ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। कयासों के बीच बुधवार को उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। वहीं, शनिवार को को उनके नाम पर मुहर भी लग गई। बता दें कि अमरोहा लोकसभा सीट पर 1984 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई थी।
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उसके बाद से कांग्रेस का खाता नहीं खुल सका है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सपा से गठबंधन में है और अमरोहा सीट एक कांग्रेस के खाते में आई है। कांग्रेस इस सीट पर पिछले चालीस साल से खाता खुलने का इंतजार कर रही है।
2019 तक हुए आम चुनावों में कांग्रेस केवल चार बार ही इस सीट पर जीत का स्वाद चख सकी है। 1951, 57 एवं 1962 के चुनाव में कांग्रेस के हिफ्जुर्रहमान ने लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद भी 22 साल तक कांग्रेस का इस सीट पर सूखा रहा।
इसके बाद 1984 में कांग्रेस के रामपाल सिंह ने जीत हासिल की। लेकिन इसके बाद कांग्रेस इस सीट पर वोटों के लिए तरसती रही। अब तक कांग्रेस प्रत्याशी इस सीट पर कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
सपा-बसपा के गठबंधन के सहारे मिली थी जीत
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन था। जिसमें बसपा से दानिश अली चुनाव मैदान थे। उन्हें गठबंधन का भरपूर फायदा मिला और उन्होंने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को हराया था। लेकिन, इस बार उनकी राह बिल्कुल अलग है।
2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा का गठबंधन था। जिसमें बसपा से दानिश अली चुनाव मैदान थे। उन्हें गठबंधन का भरपूर फायदा मिला और उन्होंने भाजपा के कंवर सिंह तंवर को हराया था। लेकिन, इस बार उनकी राह बिल्कुल अलग है।
सपा और कांग्रेस का साथ इस बार क्या गुल खिलाएगा। यह देखने वाली बात होगी। वहीं, पिछले दिनों कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने प्रेसवार्ता में एलान किया था कि यदि दानिश अली को पार्टी से टिकट दिया जाता है तो वह उन्हें चुनाव नहीं लड़ाएंगे। ऐसे में अपनों की नाराजगी दूर करना भी उनके लिए आसान नहीं होगा।
इन चुनावों में कांग्रेस को मिली जीत
साल प्रत्याशी वोट
1951 हिफ्जुर्रहमान 97863
1957 हिफ्जुर्रहमान 74220
1962 हिफ्जुर्रहमान 64022
1984 रामपाल सिंह 181642
साल प्रत्याशी वोट
1951 हिफ्जुर्रहमान 97863
1957 हिफ्जुर्रहमान 74220
1962 हिफ्जुर्रहमान 64022
1984 रामपाल सिंह 181642
पार्टी हाईकमान ने दानिश अली को अमरोहा से कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित किया है। पूरे दमखम के साथ उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों में किसी तरह को विरोध नहीं है। सभी एकजुट होकर चुनाव लड़ाएंगे। -ओमकार कटारिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।