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जेईई एडवांस: सफलता के शिखर पर पीतल नगरी की कनिष्का, बालिका वर्ग में रुड़की जोन किया टॉप
Wed, 07 Oct 2020 09:28 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 09:28 AM IST
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मुरादाबाद की कनिष्का मित्तल ने जेईई एडवांस की परीक्षा में बालिका वर्ग में किया टॉप।
- फोटो : अमर उजाला
मुरादाबाद। जेईई एडवांस की परीक्षा में पीतल नगरी की कनिष्का मित्तल की सफलता खरे सोने के जैसी है। कनिष्का ने आईआईटी रुड़की जोन को बालिका वर्ग में टॉप किया है। बेटी के सफलता के शिखर पर पहुंचने पर पिता अनुज कुमार मित्तल, मां सुचिता मित्तल और भाई आदित्य मित्तल खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। पिता ने बताया कि मध्यम वर्गीय परिवार से होने की वजह से इतने बड़े सपने देखे भी नहीं थे, लेकिन कनिष्का ने उनका साकार कर दिखा दिया। हमारे साथ कनिष्का ने मुरादाबाद का नाम पूरे देश में रोशन किया है। कनिष्का आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस से बीटेक करना चाहती हैं।
कनिष्का ने कक्षा दस तक की पढ़ाई मुरादाबाद से हुई है। इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कनिष्का राजस्थान के एक जिले में गई थीं। वहीं से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भी की है। कनिष्का ने 10वीं में 99 प्रतिशत और 12वीं में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। कनिष्का ने बताया कि कक्षा दस से ही जेईई की परीक्षा को उत्तीर्ण करना अपना लक्ष्य बना लिया था। इसमें बड़े भाई आदित्य मित्तल ने मदद की। आदित्य खुद भी पंजाब इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र है।
लॉकडाउन में मिला पूरा समय
कनिष्का ने बताया कि लॉकडाउन में जब वह राजस्थान में फंस गई थी तो उप्र सरकार की ओर से भेजी गईं बस से वापस मुरादाबाद आईं। यहां आकर खुद को पूरी तरह से पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया। पढ़ाई में इतनी तल्लीन रहती थीं कि लॉकडाउन का कोई तनाव नहीं हुआ। वह प्रतिदिन दस घंटे पढ़ती थी और उसके बाद पूरी तरह से आराम करती थी। फोन और टेलीविजन देखने का भी शौक नहीं है। एकाग्रता के लिए ध्यान आदि करती थी।
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उन्होंने अपना कमजोर पक्ष देखा और उस पर अपने शिक्षकों की मदद से काम किया। उन्हें उपन्यास पढ़ने और चित्रकारी का बहुत शौक है। जेईई एडवांस में कनिष्का ने 396 में से 315 अंक प्राप्त किए हैं। सबसे ज्यादा अंक रसायन विज्ञान में 112 हैं। इसके बाद भौतिक विज्ञान में 99, गणित में 104 अंक हैं।
सच्चाई और ईमानदारी देती है सफलता और सम्मान
कनिष्का ने कहा कि कभी चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। कठिन मेहनत करेंगी तो सफलता अवश्य मिलेगी। युवाओं को अपने भविष्य उज्जवल बनाना चाहिए। साथ ही अपने अभिभावकों की इज्जत और देखभाल करनी चाहिए। बेटियां अपनी प्रतिभा के बल पर चमक सकती हैं। इसलिए खुद को कमतर न आंके। सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलेंगे तो सफलता और सम्मान दोनों ही मिलेगा।
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कनिष्का ने कक्षा दस तक की पढ़ाई मुरादाबाद से हुई है। इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कनिष्का राजस्थान के एक जिले में गई थीं। वहीं से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई भी की है। कनिष्का ने 10वीं में 99 प्रतिशत और 12वीं में 98.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। कनिष्का ने बताया कि कक्षा दस से ही जेईई की परीक्षा को उत्तीर्ण करना अपना लक्ष्य बना लिया था। इसमें बड़े भाई आदित्य मित्तल ने मदद की। आदित्य खुद भी पंजाब इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक चतुर्थ सेमेस्टर का छात्र है।
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लॉकडाउन में मिला पूरा समय
कनिष्का ने बताया कि लॉकडाउन में जब वह राजस्थान में फंस गई थी तो उप्र सरकार की ओर से भेजी गईं बस से वापस मुरादाबाद आईं। यहां आकर खुद को पूरी तरह से पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया। पढ़ाई में इतनी तल्लीन रहती थीं कि लॉकडाउन का कोई तनाव नहीं हुआ। वह प्रतिदिन दस घंटे पढ़ती थी और उसके बाद पूरी तरह से आराम करती थी। फोन और टेलीविजन देखने का भी शौक नहीं है। एकाग्रता के लिए ध्यान आदि करती थी।
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उन्होंने अपना कमजोर पक्ष देखा और उस पर अपने शिक्षकों की मदद से काम किया। उन्हें उपन्यास पढ़ने और चित्रकारी का बहुत शौक है। जेईई एडवांस में कनिष्का ने 396 में से 315 अंक प्राप्त किए हैं। सबसे ज्यादा अंक रसायन विज्ञान में 112 हैं। इसके बाद भौतिक विज्ञान में 99, गणित में 104 अंक हैं।
सच्चाई और ईमानदारी देती है सफलता और सम्मान
कनिष्का ने कहा कि कभी चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। कठिन मेहनत करेंगी तो सफलता अवश्य मिलेगी। युवाओं को अपने भविष्य उज्जवल बनाना चाहिए। साथ ही अपने अभिभावकों की इज्जत और देखभाल करनी चाहिए। बेटियां अपनी प्रतिभा के बल पर चमक सकती हैं। इसलिए खुद को कमतर न आंके। सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलेंगे तो सफलता और सम्मान दोनों ही मिलेगा।