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सुबह 10 बजे भाई को मैसेज कर बोली - मैं ठीक हूं, शाम 5.30 बजे तोड़ दिया दम
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मुरादाबाद। न्यूज चैनल की महिला पत्रकार ने सुबह 10 बजे अपने भाई को मोबाइल पर मैसेज कर अपने ठीक होने की जानकारी दी थी। दोपहर में ढाई बजे डाक्टर राउंड पर आए थे तो ठीक तरह बातचीत हुई थी। दोपहर में उसके संक्रमित होने की रिपोर्ट आई और शाम 5.30 बजे उसने दम तोड़ दिया। पत्रकार की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिवार में 40 दिन के भीतर सह दूसरी मौत है।
दिल्ली स्थित एक न्यूज चैनल में सीनियर कापी एडिटर पद पर कार्यरत महिला पत्रकार 40 दिनों से अपने परिवार के साथ मुरादाबाद में रह रही थी। 40 दिन पहले उसके छोटे भाई की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई थी। भाई का शव लेकर वही मुरादाबाद आई थी। इसके बाद से घर से ही आफिस का काम करती थी। 24 जून को उसे सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। अस्पताल में जांच की गई तो उसका आक्सीजन लेबल कम था। कोरोना के कोई दूसरे लक्षण नहीं थे। वह भाई के साथ बाइक पर बैठकर अस्पताल गई। 24 जून को ही उसका कोरोना सैंपल लिया गया।
25 जून को पत्रकार को सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई। उसे वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया। उसके पास मोबाइल फोन था। वेंटीलेटर पर रहने के बाद भी वह मोबाइल पर मैसेज भेजकर परिवार के लोगों से लगातार बात कर रही थी। 26 जून की सुबह 10 ही उसने अपने भाई को मैसेज किया और खुद को स्वस्थ बताया। परिवारजनों ने बताया कि दोपहर में डाक्टरों ने राउंड किया और पत्रकार की हालत स्थिर बताई। दोपहर में ही उसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आ गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे महिला पत्रकार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक पत्रकार की उम्र मात्र 31 साल थी। कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी। अचानक मौत की खबर से स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है। परिवारजनों ने बताया कि उनके क्षेत्र में 52 लोग क्वारंटीन और संक्रमित हुए। इनमें 60 से 70 साल की उम्र के लोग भी थे। सभी लोग स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। उनके ही परिवार में दो लोगों की मौत हो गई है।
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दिल्ली स्थित एक न्यूज चैनल में सीनियर कापी एडिटर पद पर कार्यरत महिला पत्रकार 40 दिनों से अपने परिवार के साथ मुरादाबाद में रह रही थी। 40 दिन पहले उसके छोटे भाई की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई थी। भाई का शव लेकर वही मुरादाबाद आई थी। इसके बाद से घर से ही आफिस का काम करती थी। 24 जून को उसे सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। अस्पताल में जांच की गई तो उसका आक्सीजन लेबल कम था। कोरोना के कोई दूसरे लक्षण नहीं थे। वह भाई के साथ बाइक पर बैठकर अस्पताल गई। 24 जून को ही उसका कोरोना सैंपल लिया गया।
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25 जून को पत्रकार को सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई। उसे वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया। उसके पास मोबाइल फोन था। वेंटीलेटर पर रहने के बाद भी वह मोबाइल पर मैसेज भेजकर परिवार के लोगों से लगातार बात कर रही थी। 26 जून की सुबह 10 ही उसने अपने भाई को मैसेज किया और खुद को स्वस्थ बताया। परिवारजनों ने बताया कि दोपहर में डाक्टरों ने राउंड किया और पत्रकार की हालत स्थिर बताई। दोपहर में ही उसकी कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आ गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे महिला पत्रकार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक पत्रकार की उम्र मात्र 31 साल थी। कोई गंभीर बीमारी भी नहीं थी। अचानक मौत की खबर से स्वास्थ्य विभाग भी हैरान है। परिवारजनों ने बताया कि उनके क्षेत्र में 52 लोग क्वारंटीन और संक्रमित हुए। इनमें 60 से 70 साल की उम्र के लोग भी थे। सभी लोग स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। उनके ही परिवार में दो लोगों की मौत हो गई है।
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