पेट से सोना निकलने का पूरा खेल: एक किलो पर फाइनेंसर को बचते 15-17 लाख, तस्कर को मिलता बस इतना; ऐसे होती फंडिंग
फाइनेंसर जाहिद मेंबर से पूछताछ के बाद एक डॉक्टर का नाम भी केस में शामिल किया गया है। पुलिस ने तस्करों का इलाज करने वाले डॉक्टर को भी केस में आरोपी बनाया है। जाहिद ने पुलिस को बताया कि तस्कर दुबई से पानी से सोने के कैप्सूल गटक कर फ्लाइट में बैठ कर आ जाते हैं। टांडा पहुंचकर एक-दो दिन में कैप्सूल निकाल लेते हैं।
विस्तार
दुबई से आने वाले एक किलो सोने पर 15 से 17 लाख रुपये कमाने के चक्कर में टांडा के चावल कारोबारी, प्रॉपर्टी डीलर, कपड़ा व्यापारी और सराफ सोने की तस्करी करने में जुट गए। उन्होंने तस्करी में रकम लगानी शुरू कर दी। इसके लिए क्षेत्र के युवाओं को अपने खर्च पर दुबई भेजकर सोना मंगवाते हैं। मंगलवार को पुलिस ने एक फाइनेंसर जाहिद मेंबर को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।
रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र के हाजीपुरा निवासी जाहिद मेंबर प्रॉपर्टी डीलिंग करता है। इसके अलावा उसका चावल का कारोबार भी है। मो. रिजवान कपड़ा कारोबारी है। इसके अलावा पप्पू की मोबाइल की दुकान है। मो. हारून चावल कारोबारी है। इसके अलावा जाहिद मेंबर के भाई जुनैद की मोबाइल की दुकान के अलावा सोना चांदी का काम है। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि इनके अलावा भी टांडा के कई और फाइनेंसर हैं, जिन्होंने अपना गैंग बना रखा है। यह गैंग युवाओं को दुबई भेजकर सोना मंगवाते हैं।
एक किलो सोना मंगवाने पर फाइनेंसर को 15 से 17 लाख रुपये बच जाते हैं। दुबई से सोना लाने वाले तस्करों को 20 से 30 हजार रुपये मिलते हैं। सोने की तस्करी से होने वाली कमाई से आरोपी दुकानें, मकान, जमीन और प्लाॅट खरीद रहे हैं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी फाइनेंसर और तस्करों से पूछताछ में पता चला कि दुबई से एक किलो सोना मंगवाने पर 20 से 22 लाख रुपये की कमाई होती है। करीब पांच लाख रुपये खर्च हो जाते हैं और फाइनेंसर को 15 से 17 लाख रुपये की बचत हो जाती है। उन्होंने बताया कि गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सभी की संपत्ति जब्त की जाएगी।
तस्करों का इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम केस में शामिल
फाइनेंसर जाहिद मेंबर से पूछताछ के बाद एक डॉक्टर का नाम भी केस में शामिल किया गया है। पुलिस ने तस्करों का इलाज करने वाले डॉक्टर को भी केस में आरोपी बनाया है। जाहिद ने पुलिस को बताया कि तस्कर दुबई से पानी से सोने के कैप्सूल गटक कर फ्लाइट में बैठ कर आ जाते हैं। टांडा पहुंचकर एक-दो दिन में कैप्सूल निकाल लेते हैं। अगर किसी का कैप्सूल पेट में ही फंस जाता है तो रामपुर जिले के टांडा में नगर पालिका के पीछे क्लीनिक चलाने वाला झोलाछाप डॉक्टर इरफान इलाज करता है। इसके बाद कैप्सूल बाहर निकल जाता है। पुलिस ने इरफान का नाम भी मुकदमे में शामिल कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में कुछ और लोगों को हिरासत में ले लिया है।
से समझिये सोने की तस्करी का पूरा खेल
फाइनेंसर : जाहिद मेंबर, मो. रिजवान मो. हारून, हाजी शरीफ, हाजी अनीस, जुनैद, वसीम, गुड्डू, पप्पू
काम : दुबई से सोना खरीदने व लेकर आने वालों तस्करों फ्लाइट के टिकट, होटल में रहने, खाने और तस्करों को 20 से 30 हजार रुपये अलग से देते हैं।
तस्कर : शाने आलम, जुल्फेकार, अजहरुद्दीन, मुत्तलीब
काम: फाइनेंसर के खर्च पर दुबई जाते हैं। दो तीन दिन दुबई में घूमते हैं और फिर लौटते समय एयरपोर्ट पर पानी से सोने के कैप्सूल गटक जाते हैं। टांडा आने के बाद खा-पीकर कैप्सूल निकालकर फाइनेंसर को दे देते हैं। एक ट्रिप के 20 से 30 हजार रुपये लेते हैं।
डॉक्टर : डॉ. इरफान और अन्य डॉक्टर
काम: बिरयानी खाने और कोल्डड्रिंक पीने से कैप्सूल बाहर नहीं निकलने पर डॉक्टर उपचार के करके कैप्सूल बाहर निकालते हैं। इसका खर्च भी फाइनेंसर ही उठाते हैं।
ट्रैवल एजेंट : वीजा और पासपोर्ट बनाने में इनकी भूमिका रहती है। एक एक व्यक्ति के दो-दो पासपोर्ट और आधार कार्ड बनाते हैं।
सराफ : दुबई से आने वाले सोने को नंबर दो में खरीदते हैं। इसके बाद शुद्ध सोने में मिलावट जेवर बनाकर बेचते हैं।
यह था मामला : चौथे सोना तस्कर के पेट से निकला एक और कैप्सूल, फाइनेंसर गिरफ्तार
मुरादाबाद कोर्ट से रिमांड पर लेकर दोबारा जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए चौथे सोना तस्कर मुत्तलीब के पेट से मंगलवार को एक और सोने का कैप्सूल निकाला गया। अब तक तस्करों के पेट से 28 कैप्सूल निकाले जा चुके हैं, जिनका वजन एक किलो से अधिक है। मुत्तलीब के पेट में अभी एक कैप्सूल और बाकी है। वहीं सोना तस्करी गिरोह के फाइनेंसर रामपुर के टांडा निवासी जाहिद मेंबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जाहिद ने ही चारों तस्करों को 30-30 हजार रुपये देकर दुबई से सोना लाने के लिए भेजा था।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि जाहिद रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र के हाजीपुरा का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है और टांडा से सभासद का चुनाव भी लड़ चुका है। उसके कब्जे फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है। चारों तस्करों को जाहिद ने ही दुबई भेजा था। एसपी ने बताया कि अन्य फाइनेंसरों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है।
यह भी पढ़ें- UP: ससुर मन में बहू को लेकर... बदन पर सलवार-सूट और बुर्का, झपट्टा मारते ही परिजनों ने उसे पकड़ा, देखें VIDEO
संबंधित वीडियो-