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यूक्रेन में मेडिकल के छात्रों को मिला वतन लौटने का संदेश

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 12:35 AM IST
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In Ukraine, medical students received a message to return home
रूस के हमले से यूक्रेन में हालात बिगड़ गए हैं। यूक्रेन में फंसे जिले के छात्रों ने भारतीय दूतावास से मिले वतन लौटने के संदेश के बाद कुछ राहत महसूस की है। भारतीय दूतावास ने छात्रों को मैसेज भेजा है कि उन्हें भारत लाने के लिए तैयारी कर ली गई है। जल्द ही एक टीम छात्रों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को हल करेगी। छात्रों ने इस संदेश को अपने परिवार के सदस्यों से साझा किया है। छात्रों ने बताया कि घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं। छात्रों ने परिजनों से कहा कि फिलहाल कोई विशेष चिंता की बात नहीं है। केवल मॉल आदि बंद होने से खाने-पीने की समस्या उत्पन्न होनी शुरू हो गई है।
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मां चिंता न करो, मैं जल्दी घर आ जाऊंगा
कटघर थाना क्षेत्र के हनुमान मूर्ति बाईपास स्थित डेहरिया निवासी डॉ. सत्यरंजन सरकार के पुत्र सजल सरकार भी यूक्रेन के टर्नोपिल में फंसे हुए हैं। बृहस्पतिवार को परिवार वाले मुरादाबाद में तो सजल सरकार यूक्रेन में खासे चिंतित थे। सजल के माता-पिता की नींद हमले के बाद से ही उड़ी हुई है। शुक्रवार दोपहर बाद सजल का फोन राहत भरी खबर लेकर आया। सजल ने अपने मम्मी, पापा को फोन पर बताया कि दोपहर में भारतीय दूतावास का मैसेज उन लोगों को मिला है, जिसमें कहा गया है कि वह लोग चिंता न करें। भारत की सरकार ने उन्हें उनके घर सकुशल पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली है। किसी भी समय सूचना देने के साथ टीम उन लोगों को लाने के लिए पहुंच सकती है। डॉ. सत्यरंजन ने बताया कि वीडियो काल के माध्यम से यह खबर देते हुए बेटे सजल के माथे पर चिंता की लकीरें पहले से कुछ कम दिखाई दी। उसके इस संदेश ने उनके दिल का बोझ भी थोड़ा हल्का किया है। बात करते हुए डबडबाई आंख के आंसू पोंछते हुए सजल की मां साथी रानी सरकार ने भी बेटे का हौसला बढ़ाया। कहा-बेटा अपना ख्याल रखना, सरकार ने कहा है, तो जल्द घर आ जाएगा।
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यूक्रेन में फंसे छात्रों को मेस में मिल रहा सिर्फ एक टाइम खाना
सजल ने अपने परिवार से बातचीत में बताया कि जिस हॉस्टल में रह कर वह पढ़ाई कर रहा हैं, उस हॉस्टल के मेस में दो टाइम खाने की धनराशि एकमुश्त जमा कराई गई थी। दोनों टाइम खाना भी मिल रहा था। हमले के बाद बृहस्पतिवार से खाना एक टाइम कर दिया गया है। सजल ने बताया कि वह मुरादाबाद के अपने तीन अन्य साथियों मोहम्मद सलमान, मोहम्मद अरहम और अमान अतीक के साथ हास्टल के एक ही रूम में हैं। उन लोगों ने दो दिन पहले थोड़ा बहुत खाने-पीने का सामान खरीद लिया था, जिससे वह लोग काम चला रहे हैं। डा. सत्यरंजन ने बताया कि बेटे सजल को शुक्रवार 25 हजार रुपये भेजे हैं, ताकि उसे किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।
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चक्कर की मिलक निवासी अमान अतीक भी यूक्रेन में एमबीबीएस करने गया है। अमान के पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर तक अमान अतीक से बात नहीं हो सकी थी, जिसे लेकर वह और उनका पूरा परिवार चिंतित हो गया था। दोपहर बाद अमान ने फोन कर बताया कि वह जहां है वहां अभी तक हालात ठीक हैं। भारतीय दूतावास से मैसेज भी आने की बात बताई। अमान की मॉ रेशमा परवीन का सारा समय नमाज पढ़कर सलामती की दुआएं मांगते हुए बीत रहा है।

अमान ने बताया कि दोपहर तक वह लोग हॉस्टल के बेसमेंट में थे, जहां नेटवर्क ठीक नहीं रहता। इसलिए बात नहीं हो सकी थी। बताया कि मॉल आदि बंद रहने के कारण खाने पीने के सामान की समस्या बढ़ गई है। उसने थोड़ा बहुत सामान खरीदा था उसी से काम चला रहा है। परिवार वालों से कहा कि वह लोग चिंता न करें। भारतीय दूतावास से आए मैसेज के मुताबिक उन लोगों ने घर वापस आने के लिए तैयारी कर ली है। पहले उन्हें हंगरी ले जाया जाएगा।
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