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Moradabad News: तेल सस्ता तो कच्चा माल भी सस्ता करो...पुराने रेट पर कच्चा माल देने की मांग
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मुरादाबाद। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। बीते दिनों क्रूड ऑयल की कीमत करीब 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, जो अब घटकर लगभग 78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। इसकी वजह से जिले के निर्यातकों ने उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को पुराने रेट पर उपलब्ध कराने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि रॉ मेटेरियल कारोबारियों से हमारी मांग है कि कच्चे माल की कीमत घटाई जाए।
जिले का हस्तशिल्प उद्योग पीतल, एल्युमिनियम, स्टील और लोहे से बने उत्पादों के निर्यात पर आधारित है। इन उत्पादों की पैकेजिंग, पॉलिशिंग, कोटिंग, पाउडर कोटिंग, प्लास्टिक सामग्री, ईंधन और अन्य कई ऐसे कच्चे पदार्थ इस्तेमाल होते हैं, जिनकी कीमतें कच्चे तेल के महंगा होने के साथ बढ़ गई थीं। इससे उत्पादन लागत बढ़ने से निर्यातकों का मुनाफा प्रभावित हुआ। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि अब तेल की कीमतों में गिरावट आने के बाद बाजार में कच्चे माल की कीमतें भी कम होनी चाहिए। वहीं विजय बजाज, सलमान आजम, मोहम्मद आमिर, रोहित ढल, मुनीर बारी, अजीम अहमद ने कहा कि यदि पुराने रेट लागू होते हैं तो उत्पादन लागत घटेगी। हस्तशिल्प उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे और जिले के निर्यात कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी।
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जिले का हस्तशिल्प उद्योग पीतल, एल्युमिनियम, स्टील और लोहे से बने उत्पादों के निर्यात पर आधारित है। इन उत्पादों की पैकेजिंग, पॉलिशिंग, कोटिंग, पाउडर कोटिंग, प्लास्टिक सामग्री, ईंधन और अन्य कई ऐसे कच्चे पदार्थ इस्तेमाल होते हैं, जिनकी कीमतें कच्चे तेल के महंगा होने के साथ बढ़ गई थीं। इससे उत्पादन लागत बढ़ने से निर्यातकों का मुनाफा प्रभावित हुआ। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने बताया कि अब तेल की कीमतों में गिरावट आने के बाद बाजार में कच्चे माल की कीमतें भी कम होनी चाहिए। वहीं विजय बजाज, सलमान आजम, मोहम्मद आमिर, रोहित ढल, मुनीर बारी, अजीम अहमद ने कहा कि यदि पुराने रेट लागू होते हैं तो उत्पादन लागत घटेगी। हस्तशिल्प उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनेंगे और जिले के निर्यात कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी।
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